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भीम हत्याकांड से पीड़ित परिवारों ने मुख्यमंत्री से की मुलाकात

Tue, 23 Aug 2016 06:55 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, फिरोजपुर
ब्यूरो/अमर उजाला, फिरोजपुर Updated Tue, 23 Aug 2016 06:55 PM IST
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bheem murder case,  Suffer family, chief minister, prakash singh badal, ferozepur, jalandhar
प्रकाश सिंह बादल, पंजाब सीएम - फोटो : amar ujala
शराब व्यवसायी व अकाली दल के पूर्व हलका इंचार्ज शिव लाल डोडा के रामसरा गांव स्थित फार्म हाउस में 11 दिसंबर को 27 वर्षीय दलित युवक भीम टांक की बर्बर हत्या व उसके साथी गुरजंट सिंह जंटा पर हुए कातिलाना हमले से पीड़ित परिवार ने  मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल से उनके निवास स्थान पर मुलाकात की। इनमें दिवंगत भीम की माता कौशलया देवी, पिता कपूर चंद टांक, बहन दीपिका रानी व जंटा के भाई रणजीत सिंह राणा शामिल थे।
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पीड़ित परिवार के सदस्य कौशलया देवी, पिता कपूर चंद टांक, बहन दीपिका रानी व जंटा के भाई रणजीत सिंह राणा ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री से कहा कि मार्च और मई में हुई मुलाकातों के दौरान विश्वास दिलाया था कि पीड़ित परिवार के एक-एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाएगी। इस संबंधी जिला उपायुक्त ईशा कालिया को दस्तावेज सौंप दिए गए थे, लेकिन अभी तक नौकरी देने के आदेश जारी नहीं हुए हैं। बादल ने विश्वास दिलाया कि अगले पखवाड़े में यह वादा पूरा कर दिया जाएगा।
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पीड़ित परिवारों ने बादल को बताया कि उनके आदेश पर दोनों परिवारों को सुरक्षा के लिए पुलिसकर्मी तो उपलब्ध करवा दिए गए थे लेकिन सात महीने से फाजिल्का उप जेल में बंद शिव लाल डोडा व उसके भतीजे अमित डोडा से बिना रोक टोक मुलाकात करने वाले आपराधिक प्रवृत्ति के तत्व अबोहर आकर पीड़ित परिवारों को धमकियां देकर केस वापस लेने का दबाव बना रहे हैं।
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डोडा बंधुओं को विरोध के बावजूद उप जेल अधिकारियों द्वारा हर प्रकार की सुविधाएं सरकारी कायदे कानून ताक पर रखकर दी जा रही हैं। पीड़ित परिवारों ने मांग की कि डोडा चाचा-भतीजा को फाजिल्का की जेल से केंद्रीय जेल फिरोजपुर में स्थानांतरित किया जाए ताकि उनकी गैर कानूनी गतिविधियों पर कुछ अंकुश लग सके।


प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि रोष के दौरान अबोहर में शराब के तीन ठेके प्रदर्शनकारियों ने जला दिए थे। इस प्रकरण में संत नगर व पड़ोसी बस्ती के कुछ युवक निजी रंजिश के कारण गलत रूप से फंसाए गए हैं। इन्हें न्याय दिलाने के लिए अधिकारियों से लगाई गई गुहार का कोई सार्थक परिणाम नहीं निकला। बादल ने कहा कि इस मामले की दोबारा जांच कराने के आदेश जारी किए जाएंगे। 
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