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Jalandhar News: पराली जलाने पर रोक, प्रशासन के कड़े निर्देश
Thu, 08 Oct 2026 03:58 PM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जालंधर
संवाद न्यूज एजेंसी, जालंधर
Updated Thu, 08 Oct 2026 03:58 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
मोगा। मोगा जिले में धान की पराली जलाने की घटनाओं पर पूर्ण रोक लगाने के लिए प्रशासन ने व्यापक कदम उठाए हैं। डिप्टी कमिश्नर सागर सेतिया ने संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर पराली प्रबंधन की विस्तृत समीक्षा की। सेतिया ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पराली जलाने की किसी भी घटना को हल्के में न लिया जाए। क्षेत्रीय स्तर पर निगरानी को और प्रभावी बनाया जाए। एसडीएम और डीएसपी अपने क्षेत्रों में लगातार दौरे करें। पराली जलाने की सूचना पर तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित करें। पराली न जलाने वाले किसानों को प्रशासन सम्मानित करेगा। पराली जलाना पर्यावरण, मिट्टी की उर्वरता और मानव स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक है। किसानों को आधुनिक कृषि मशीनरी और सरकारी सुविधाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया जाए।
पराली प्रबंधन के लिए विशेष उपाय
इस सीजन में सब्सिडी पर 700 से अधिक मशीनें उपलब्ध कराई गई हैं। जिले में कुल 1158 मशीनें अब सब्सिडी पर उपलब्ध हैं। बेलरों के मोबाइल नंबर और स्थान सार्वजनिक किए जाएंगे। पराली को आग लगाने से रोकने के लिए पराली सुरक्षा बल का गठन किया गया है। इसके तहत नौ टीमें लगातार गश्त करेंगी।
फोटो कैप्शन : पराली जलाने की घटनाओं पर पूर्ण रोक के लिए बैठक करते डिप्टी कमिश्नर।
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मोगा। मोगा जिले में धान की पराली जलाने की घटनाओं पर पूर्ण रोक लगाने के लिए प्रशासन ने व्यापक कदम उठाए हैं। डिप्टी कमिश्नर सागर सेतिया ने संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर पराली प्रबंधन की विस्तृत समीक्षा की। सेतिया ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पराली जलाने की किसी भी घटना को हल्के में न लिया जाए। क्षेत्रीय स्तर पर निगरानी को और प्रभावी बनाया जाए। एसडीएम और डीएसपी अपने क्षेत्रों में लगातार दौरे करें। पराली जलाने की सूचना पर तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित करें। पराली न जलाने वाले किसानों को प्रशासन सम्मानित करेगा। पराली जलाना पर्यावरण, मिट्टी की उर्वरता और मानव स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक है। किसानों को आधुनिक कृषि मशीनरी और सरकारी सुविधाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया जाए।
पराली प्रबंधन के लिए विशेष उपाय
इस सीजन में सब्सिडी पर 700 से अधिक मशीनें उपलब्ध कराई गई हैं। जिले में कुल 1158 मशीनें अब सब्सिडी पर उपलब्ध हैं। बेलरों के मोबाइल नंबर और स्थान सार्वजनिक किए जाएंगे। पराली को आग लगाने से रोकने के लिए पराली सुरक्षा बल का गठन किया गया है। इसके तहत नौ टीमें लगातार गश्त करेंगी।
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फोटो कैप्शन : पराली जलाने की घटनाओं पर पूर्ण रोक के लिए बैठक करते डिप्टी कमिश्नर।