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बहिबल गोलीकांड : मुख्य गवाह की पत्नी ने दी आत्मदाह की धमकी
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फरीदकोट के गांव बहिबल में अपने आवास पर जानकारी देतीं मरहूम पूर्व सरपंच सुरजीत सिंह की पत्नी जसवी?
- फोटो : FARIDKOT
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बहिबल गोलीकांड मामले के मुख्य गवाह पूर्व सरपंच स्व. सुरजीत सिंह के परिवार ने दो मंत्रियों गुरप्रीत सिंह कांगड़ और मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार व फरीदकोट के विधायक कुशलदीप सिंह किक्की ढिल्लों पर गवाही से मुकरने के लिए प्रताड़ित करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। बहिबल गोलीकांड के मुख्य गवाह रहे मरहूम सरपंच सुरजीत सिंह की पत्नी जसवीर कौर का आरोप है कि कांग्रेसी नेताओं के बढ़ते दबाव से तनाव में रहने के कारण उसके पति की मौत हुई है। यदि उसे इंसाफ न दिया गया तो वह पति के भोग समागम के बाद एसएसपी दफ्तर फरीदकोट या मुख्यमंत्री के दफ्तर के आगे आत्मदाह कर लेगी।
जानकारी के अनुसार गांव बहिबल कलां के पूर्व सरपंच सुरजीत सिंह ने गोलीकांड के केस में तमाम जांच एजेंसियों और न्यायिक आयोग के पास अहम बयान दर्ज करवाए हुए थे। साथ ही बहिबल गोलीकांड मामले की जांच कर रही एसआईटी ने भी सुरजीत सिंह को केस का अहम गवाह माना हुआ था। सूत्रों के अनुसार सुरजीत सिंह, केस का प्रत्यक्षदर्शी गवाह था। उन्होंने खुलासा किया था कि बहिबल में धरना उठवाने पहुंचे तत्कालीन एसएसपी मोगा चरणजीत सिंह शर्मा ने बिना किसी चेतावनी के ही धरनाकारियों पर फायरिंग करवा दी थी जिसमें दो सिख नौजवानों किशन भगवान सिंह व गुरजीत सिंह की मौत हो गई थी। अहम गवाह होने के चलते ही सुरजीत सिंह को सरकार की तरफ से चार गनमैन भी दिए हुए थे। एक सप्ताह पहले 13 जनवरी को हृदयगति रुकने से उनकी मौत हो गई थी।
सुरजीत सिंह की मौत के बाद उनके परिवार ने कांग्रेस सरकार के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए हैं। उनकी पत्नी जसवीर कौर का आरोप है कि बहिबल गोलीकांड केस में मुख्य गवाह होने के कारण मंत्री गुरप्रीत सिंह कांगड़ व विधायक कुशलदीप सिंह ढिल्लों की शह पर उसके पति को लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था ताकि वह गवाही से पीछे हट जाएं। उन्होंने कहा कि घटना के समय मौके पर होने की वजह से उनकी गवाही रखी गई थी। हालांकि परिवार ने पहले उन्हें गवाही देने से रोका था, फिर हमने श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी का सम्मान बहाल रखने के लिए गवाही दी। अब गवाही देने से पीछे हटने का दबाव डाला जा रहा था। जसवीर कौर का आरोप है कि दबाव डालने के लिए पिछले साल मंत्री गुरप्रीत सिंह कांगड़ के कहने पर उनके घर पावरकाम की फ्लाइंग टीम से छापेमारी करवाई गई जो जबरन बिजली मीटर उखाड़ कर ले गए। बाद में बिना किसी कारण उन पर 55 हजार का जुर्माना लगा दिया। विधायक कुशलदीप सिंह ढिल्लों के करीबी उनके गांव के मनजिंदर सिंह ने उनके घर पर कई बार फायरिंग की। लिखित शिकायत देने पर भी पुलिस की तरफ से इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई। जसवीर कौर का आरोप है कि इन घटनाओं को लेकर राजनीति की जा रही है और आरोपियों को बचाया जा रहा है।
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हमारा कोई लेना देना नहीं है : विधायक
बेअदबी व गोलीकांड की घटनाओं में इंसाफ के लिए सरकार पूरी तरह से संजीदा है और कांग्रेस की पहलकदमी से ही आरोपी कठघरे में खड़े हुए हैं। सुरजीत सिंह की अचानक मौत पर मुझे दुख है लेकिन गांव स्तर पर किसी से रंजिश के कारण उनके साथ कुछ हुआ है तो उससे मेरा कोई लेना-देना नहीं है। सुरजीत सिंह जब कभी हमारे पास आया था तो उसके हमने काम करवाकर दिए थे।
- कुशलदीप सिंह किक्की ढिल्लों, कांग्रेसी विधायक, फरीदकोट
परिवार को ही नहीं जानता-कैबिनेट मंत्री
बहिबल गोलीकांड केस में गवाही देने वाले सुरजीत सिंह व उसके परिवार को मैं जानते तक नहीं हूं और न ही वह कभी मुझसे मिलने आए। यदि उन्हें कोई मेरा नाम लेकर तंग करता था तो उन्हें मुझसे जरूर मिलना चाहिए था। ऐसे अहम केस में गवाही देने की हिम्मत रखने वाले व्यक्ति की मैं जरूर मदद करता।
गुरप्रीत सिंह कांगड़, कैबिनेट मंत्री, पंजाब
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जानकारी के अनुसार गांव बहिबल कलां के पूर्व सरपंच सुरजीत सिंह ने गोलीकांड के केस में तमाम जांच एजेंसियों और न्यायिक आयोग के पास अहम बयान दर्ज करवाए हुए थे। साथ ही बहिबल गोलीकांड मामले की जांच कर रही एसआईटी ने भी सुरजीत सिंह को केस का अहम गवाह माना हुआ था। सूत्रों के अनुसार सुरजीत सिंह, केस का प्रत्यक्षदर्शी गवाह था। उन्होंने खुलासा किया था कि बहिबल में धरना उठवाने पहुंचे तत्कालीन एसएसपी मोगा चरणजीत सिंह शर्मा ने बिना किसी चेतावनी के ही धरनाकारियों पर फायरिंग करवा दी थी जिसमें दो सिख नौजवानों किशन भगवान सिंह व गुरजीत सिंह की मौत हो गई थी। अहम गवाह होने के चलते ही सुरजीत सिंह को सरकार की तरफ से चार गनमैन भी दिए हुए थे। एक सप्ताह पहले 13 जनवरी को हृदयगति रुकने से उनकी मौत हो गई थी।
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सुरजीत सिंह की मौत के बाद उनके परिवार ने कांग्रेस सरकार के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए हैं। उनकी पत्नी जसवीर कौर का आरोप है कि बहिबल गोलीकांड केस में मुख्य गवाह होने के कारण मंत्री गुरप्रीत सिंह कांगड़ व विधायक कुशलदीप सिंह ढिल्लों की शह पर उसके पति को लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था ताकि वह गवाही से पीछे हट जाएं। उन्होंने कहा कि घटना के समय मौके पर होने की वजह से उनकी गवाही रखी गई थी। हालांकि परिवार ने पहले उन्हें गवाही देने से रोका था, फिर हमने श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी का सम्मान बहाल रखने के लिए गवाही दी। अब गवाही देने से पीछे हटने का दबाव डाला जा रहा था। जसवीर कौर का आरोप है कि दबाव डालने के लिए पिछले साल मंत्री गुरप्रीत सिंह कांगड़ के कहने पर उनके घर पावरकाम की फ्लाइंग टीम से छापेमारी करवाई गई जो जबरन बिजली मीटर उखाड़ कर ले गए। बाद में बिना किसी कारण उन पर 55 हजार का जुर्माना लगा दिया। विधायक कुशलदीप सिंह ढिल्लों के करीबी उनके गांव के मनजिंदर सिंह ने उनके घर पर कई बार फायरिंग की। लिखित शिकायत देने पर भी पुलिस की तरफ से इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई। जसवीर कौर का आरोप है कि इन घटनाओं को लेकर राजनीति की जा रही है और आरोपियों को बचाया जा रहा है।
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हमारा कोई लेना देना नहीं है : विधायक
बेअदबी व गोलीकांड की घटनाओं में इंसाफ के लिए सरकार पूरी तरह से संजीदा है और कांग्रेस की पहलकदमी से ही आरोपी कठघरे में खड़े हुए हैं। सुरजीत सिंह की अचानक मौत पर मुझे दुख है लेकिन गांव स्तर पर किसी से रंजिश के कारण उनके साथ कुछ हुआ है तो उससे मेरा कोई लेना-देना नहीं है। सुरजीत सिंह जब कभी हमारे पास आया था तो उसके हमने काम करवाकर दिए थे।
- कुशलदीप सिंह किक्की ढिल्लों, कांग्रेसी विधायक, फरीदकोट
परिवार को ही नहीं जानता-कैबिनेट मंत्री
बहिबल गोलीकांड केस में गवाही देने वाले सुरजीत सिंह व उसके परिवार को मैं जानते तक नहीं हूं और न ही वह कभी मुझसे मिलने आए। यदि उन्हें कोई मेरा नाम लेकर तंग करता था तो उन्हें मुझसे जरूर मिलना चाहिए था। ऐसे अहम केस में गवाही देने की हिम्मत रखने वाले व्यक्ति की मैं जरूर मदद करता।
गुरप्रीत सिंह कांगड़, कैबिनेट मंत्री, पंजाब