{"_id":"02e619f6b4f9052a15dfa2457299dc08","slug":"ashutosh-maharaj-does-not-have-a-brick-to","type":"story","status":"publish","title_hn":"एक ईंट तक के मालिक नहीं हैं महाराज आशुतोष ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एक ईंट तक के मालिक नहीं हैं महाराज आशुतोष
नूरमहल (जालंधर)।
Updated Thu, 06 Feb 2014 12:07 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दिव्य ज्योति जागृति संस्थान के प्रमुख आशुतोष महाराज की संपत्ति को लेकर चल रही विवाद की चर्चा को डेरा प्रबंधकों व प्रवक्ता ने खारिज कर दिया है।
उनका मानना है कि इस तरह की चर्चा पूरी तरह से बेबुनियाद है। डेरे के बारे में लगातार यह बात उठ रही थी कि हजार करोड़ की संपत्ति को लेकर घमासान चल रहा है, लेकिन डेरे के प्रवक्ता स्वामी विशालानंद का कहना है कि दिव्य ज्योति जागृति संस्थान एक पंजीकृत संस्था है।
डेरे की गवर्निंग बॉडी व सदस्यों में कोई फर्क नहीं है और न ही जनरल बॉडी के किसी सदस्य में ऐसी कोई बात है। उनका कहना है कि डेरे में गद्दी के लिए कोई प्रथा या वसीयत नहीं है। इसलिए गद्दी को लेकर विवाद की बात झूठी है। डेरे की सारी संपत्ति चाहे जमीन हो या रकम, वह सोसाइटी की है।
कोई एक इसमें एक पैसे का मालिक नहीं है। डेरे की गवर्निंग बॉडी व सदस्यों में कोई मनमुटाव नहीं है। सोसाइटी बकायदा सारे खातों व आयकर रिटर्न चुकता करती रही है। स्वामी विशालानंद ने यह भी साफ किया है कि आशुतोष महाराज का कोई भी खाता किसी बैंक में नहीं है। यहां तक कि एक ईंट भी उनके नाम पर नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन
उनका मानना है कि इस तरह की चर्चा पूरी तरह से बेबुनियाद है। डेरे के बारे में लगातार यह बात उठ रही थी कि हजार करोड़ की संपत्ति को लेकर घमासान चल रहा है, लेकिन डेरे के प्रवक्ता स्वामी विशालानंद का कहना है कि दिव्य ज्योति जागृति संस्थान एक पंजीकृत संस्था है।
डेरे की गवर्निंग बॉडी व सदस्यों में कोई फर्क नहीं है और न ही जनरल बॉडी के किसी सदस्य में ऐसी कोई बात है। उनका कहना है कि डेरे में गद्दी के लिए कोई प्रथा या वसीयत नहीं है। इसलिए गद्दी को लेकर विवाद की बात झूठी है। डेरे की सारी संपत्ति चाहे जमीन हो या रकम, वह सोसाइटी की है।
विज्ञापन
कोई एक इसमें एक पैसे का मालिक नहीं है। डेरे की गवर्निंग बॉडी व सदस्यों में कोई मनमुटाव नहीं है। सोसाइटी बकायदा सारे खातों व आयकर रिटर्न चुकता करती रही है। स्वामी विशालानंद ने यह भी साफ किया है कि आशुतोष महाराज का कोई भी खाता किसी बैंक में नहीं है। यहां तक कि एक ईंट भी उनके नाम पर नहीं है।
विज्ञापन