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पंचायत चुनावों में सरकार खुद बनी चुनाव आयोग : बाजवा
Jalandhar
Updated Mon, 15 Apr 2013 05:30 AM IST
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जालंधर। कांग्रेस ने कहा है कि बादल सरकार की तानाशाही इतनी बढ़ गई है कि अब वह पंचायत चुनाव में चुनाव आयोग की भूमिका भी खुद निभा रही है। सरकार की इस हरकत के खिलाफ प्रदेश कांग्रेस कमेटी हाईकोर्ट में याचिका दायर करेगी। उल्लेखनीय है कि प्रदेश सरकार के मंत्री ने वीरवार को मोहाली में प्रेस कान्फ्रेंस कर प्रदेश में पंचायत चुनाव करवाने की जानकारी दी थी। जबकि यह काम चुनाव आयोग का है।
यहां देशभगत यादगार हाल में संविधान निर्माता डॉ. अंबेडकर को समर्पित रैली में प्रदेश कांग्रेस प्रधान प्रताप सिंह बाजवा ने यह जानकारी दी। प्रदेश सरकार खुद चुनाव आयोग की भूमिका निभा रही है और पंचायती चुनावों की तारीखों को घोषित किया जा रहा है, खुद ही पंचायते भंग की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेताओं की एक इमरजेंसी बैठक बुलाई गई है, जिसमें पंजाब के सारे कांग्रेसी विधायक व सांसद खुद हाईकोर्ट में जाकर पेश होंगे, जहां रिट दायर की जाएगी। यह इतिहास में पहली बार होगा कि पूरा विपक्ष हाईकोर्ट पहुंचेगा, जहां याचिका दायर की जाएगी कि पंचायत चुनावों में नामांकन ई-फाइलिंग के जरिए हो। पंचायत चुनावों की मतगणना शहरों में एक स्थान पर केंद्र बनाकर की जाए। उन्होंने कहा कि कई गांवों में वार्ड बंदी तक उम्मीदवारों को नहीं दिखाई गई है, इसके बगैर वह कैसे चुनाव लड़ सकते हैं। इस मौके पर दोआबा के सारे कांग्रेसी दिग्गज मौजूद थे, जिसमें सांसद मोहिंदर सिंह केपी, सांसद संतोष चौधरी, पूर्व मंत्री अवतार हेनरी, चौधरी जगजीत सिंह, विपक्ष के नेता बलराम जाखड़, पूर्व मंत्री अमरजीत सिंह समरा, विधायक त्रिलोचन सूंढ़, विधायक मोहम्मद सद्दीक समेत कई पूर्व विधायक शरीक हुए। बाजवा ने घोषणा की कि अंबेडकर का जन्म दिन कांग्रेस हर वर्ष राज्यस्तर पर मनाएगी।
वाहेगुरू से खौफ खाएं
इस मौके पर उन्होंने मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल को चेतावनी दी कि वह लोगों का जीना मुहाल न करें। वाहेगुरू से खौफ खाएं। बिजली की बढ़ी दरों के खिलाफ कांग्रेस सड़कों पर उतरेगी और सरकार की सबसे पहली लाठी वह खाएंगे। वहीं विपक्ष के नेता सुनील जाखड़ ने कहा कि सरकार दलित विरोधी है। पंजाब के 24 दलित विधायक विधानसभा में है, वह केंद्र से आए सब प्लान के पैसे का हिसाब सरकार से पूछें? जाखड़ ने कहा कि वह दलित लड़की को विधानसभा में लेकर गए, जिस पर पंजाब पुलिस ने अत्याचार किया था, उन्होंने क्या गुनाह कर लिया? अगर यह जुर्म है तो वह रोज करने के लिए तैयार हैं। जाखड़ ने कहा कि देश से अंग्रेजों का शासन कब का खत्म हो चुका है लेकिन पंजाब में अभी भी लाठी व डांग से काम चलाया जा रहा है। शनिवार को तलवंडी साबो में बेरोजगार लाईनमैनों की पगड़ियां उतारकर पीटा गया। जाखड़ ने कहा कि वह विधानसभा की घटना पर माफी मांग लेंगे बेशर्ते सरकार विधानसभा में तरनतारन कांड की निंदा करे और इसका प्रस्ताव पास करे।
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यहां देशभगत यादगार हाल में संविधान निर्माता डॉ. अंबेडकर को समर्पित रैली में प्रदेश कांग्रेस प्रधान प्रताप सिंह बाजवा ने यह जानकारी दी। प्रदेश सरकार खुद चुनाव आयोग की भूमिका निभा रही है और पंचायती चुनावों की तारीखों को घोषित किया जा रहा है, खुद ही पंचायते भंग की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेताओं की एक इमरजेंसी बैठक बुलाई गई है, जिसमें पंजाब के सारे कांग्रेसी विधायक व सांसद खुद हाईकोर्ट में जाकर पेश होंगे, जहां रिट दायर की जाएगी। यह इतिहास में पहली बार होगा कि पूरा विपक्ष हाईकोर्ट पहुंचेगा, जहां याचिका दायर की जाएगी कि पंचायत चुनावों में नामांकन ई-फाइलिंग के जरिए हो। पंचायत चुनावों की मतगणना शहरों में एक स्थान पर केंद्र बनाकर की जाए। उन्होंने कहा कि कई गांवों में वार्ड बंदी तक उम्मीदवारों को नहीं दिखाई गई है, इसके बगैर वह कैसे चुनाव लड़ सकते हैं। इस मौके पर दोआबा के सारे कांग्रेसी दिग्गज मौजूद थे, जिसमें सांसद मोहिंदर सिंह केपी, सांसद संतोष चौधरी, पूर्व मंत्री अवतार हेनरी, चौधरी जगजीत सिंह, विपक्ष के नेता बलराम जाखड़, पूर्व मंत्री अमरजीत सिंह समरा, विधायक त्रिलोचन सूंढ़, विधायक मोहम्मद सद्दीक समेत कई पूर्व विधायक शरीक हुए। बाजवा ने घोषणा की कि अंबेडकर का जन्म दिन कांग्रेस हर वर्ष राज्यस्तर पर मनाएगी।
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वाहेगुरू से खौफ खाएं
इस मौके पर उन्होंने मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल को चेतावनी दी कि वह लोगों का जीना मुहाल न करें। वाहेगुरू से खौफ खाएं। बिजली की बढ़ी दरों के खिलाफ कांग्रेस सड़कों पर उतरेगी और सरकार की सबसे पहली लाठी वह खाएंगे। वहीं विपक्ष के नेता सुनील जाखड़ ने कहा कि सरकार दलित विरोधी है। पंजाब के 24 दलित विधायक विधानसभा में है, वह केंद्र से आए सब प्लान के पैसे का हिसाब सरकार से पूछें? जाखड़ ने कहा कि वह दलित लड़की को विधानसभा में लेकर गए, जिस पर पंजाब पुलिस ने अत्याचार किया था, उन्होंने क्या गुनाह कर लिया? अगर यह जुर्म है तो वह रोज करने के लिए तैयार हैं। जाखड़ ने कहा कि देश से अंग्रेजों का शासन कब का खत्म हो चुका है लेकिन पंजाब में अभी भी लाठी व डांग से काम चलाया जा रहा है। शनिवार को तलवंडी साबो में बेरोजगार लाईनमैनों की पगड़ियां उतारकर पीटा गया। जाखड़ ने कहा कि वह विधानसभा की घटना पर माफी मांग लेंगे बेशर्ते सरकार विधानसभा में तरनतारन कांड की निंदा करे और इसका प्रस्ताव पास करे।
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