{"_id":"94-30375","slug":"Jalandhar-30375-94","type":"story","status":"publish","title_hn":"पिम्स के सफाई सेवकों ने डीसी को सुनाई समस्या","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पिम्स के सफाई सेवकों ने डीसी को सुनाई समस्या
Jalandhar
Updated Thu, 22 Nov 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
जालंधर। पंजाब इंस्टीट्यूट आफ मेडिकल साइंसिस के सफाई कर्मी 10 दिन हड़ताल करने के बाद बुधवार डीसी के पास अपनी समस्या लेकर पहुंच गए। उनके साथ नगर निगम की यूनियनें भी शामिल थी। नगर निगम यूनियनों और पिम्स के सफाई सेवकों ने अपनी समस्याओं को डीसी के सामने रखा। इसके साथ ही इन समस्याओं से निजात दिलवाने के लिए सरकार को सात दिन का अल्टीमेटम भी दिया। यूनियनों ने चेतावनी दी कि अगर जल्द ही मांग को पूरा नहीं किया गया तो नगर निगम यूनियनें संघर्ष करेंगी।
निगम सफाई मजदूर यूनियन के प्रधान चंदन ग्रेवाल और नगर निगम महायूनियन के महासचिव अशोक वाल्मीकि ने बताया कि पिम्स में सफाई सेवकों को न तो समय पर वेतन मिल रहा है और न ही मेडिकल सुविधा। सरकार के आदेशों के बावजूद भी पिम्स में सफाई सेवकों का पीएफ काटा जा रहा है और न ही ईएसआई भत्ता। पिछले पांच साल से किसी भी सफाई सेवक का वेतन पिम्स के प्रबंधकों ने नहीं बढ़ाया है। कर्मचारियों को पिछले आठ माह से वेतन ही नहीं मिला है।
ऐसे में कर्मचारियों को घर का गुजारा करना मुश्किल हो रहा है। दीवाली पर भी कर्मचारियों ने मैनेजमेंट से वेतन की मांग की थी, लेकिन मैनेजमेंट ने सफाई ठेका कंपनी सनराइज कंपनी से फंड लेने का आश्वासन दिया था। इस पर सफाई ठेका कंपनी ने पिम्स मैनेजमेंट पर ही पैसा न देना का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा कि अगर सात दिन में पिम्स के कर्मचारियों को पक्की नियुक्ति और आठ माह का वेतन न मिला तो निगम यूनियनें भी विरोध पर उतर आएगी। इस पर डीसी प्रियांक भारती ने उनकी मांगों को सरकार तक पहुंचाने और पूरा करवाने का आश्वासन दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
निगम सफाई मजदूर यूनियन के प्रधान चंदन ग्रेवाल और नगर निगम महायूनियन के महासचिव अशोक वाल्मीकि ने बताया कि पिम्स में सफाई सेवकों को न तो समय पर वेतन मिल रहा है और न ही मेडिकल सुविधा। सरकार के आदेशों के बावजूद भी पिम्स में सफाई सेवकों का पीएफ काटा जा रहा है और न ही ईएसआई भत्ता। पिछले पांच साल से किसी भी सफाई सेवक का वेतन पिम्स के प्रबंधकों ने नहीं बढ़ाया है। कर्मचारियों को पिछले आठ माह से वेतन ही नहीं मिला है।
विज्ञापन
ऐसे में कर्मचारियों को घर का गुजारा करना मुश्किल हो रहा है। दीवाली पर भी कर्मचारियों ने मैनेजमेंट से वेतन की मांग की थी, लेकिन मैनेजमेंट ने सफाई ठेका कंपनी सनराइज कंपनी से फंड लेने का आश्वासन दिया था। इस पर सफाई ठेका कंपनी ने पिम्स मैनेजमेंट पर ही पैसा न देना का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा कि अगर सात दिन में पिम्स के कर्मचारियों को पक्की नियुक्ति और आठ माह का वेतन न मिला तो निगम यूनियनें भी विरोध पर उतर आएगी। इस पर डीसी प्रियांक भारती ने उनकी मांगों को सरकार तक पहुंचाने और पूरा करवाने का आश्वासन दिया है।
विज्ञापन