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सरकार के आश्वासन के बाद ट्रकों की हड़ताल समाप्त
Updated Sat, 28 Jul 2018 10:20 PM IST
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सरकार के आश्वासन के बाद ट्रकों की हड़ताल समाप्त
- टोल टैक्स, इंश्योरेंस व इंकम टैक्स के दरें हो सकती हैं कम
- डीजल को जीएसटी में लाने पर केंद्रीय मंत्री ने जताई सरकार की मजबूरी
अमर उजाला ब्यूरो
जालंधर। पेट्रोल-डीजल को जीएसटी में लाने, टोल टैक्स पर हो रही परेशानी को कम करने व अपनी ओर भी कई मांगों को लेकर पिछले आठ दिन से हड़ताल कर रहे ट्रक आपरेटरों ने सरकार के आश्वासन पर हड़ताल समाप्त कर दी है। केंद्रीय वित्तमंत्री पीयूष गोयल के साथ हुई बैठक के बाद टोल टैक्स, इंश्योरेंस व इंकम टैक्स का मामला तो सुलझता नजर आ रहा है, लेकिन डीजल को जीएसटी में लाने के लिए केंद्रीय मंत्री ने सरकार की मजबूरी जाहिर कर दी है। उनका कहना है कि यह फैसला अभी नहीं लिया जा सकता है। इस बारे में जब ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के प्रधान जगजीत सिंह कंबोज, आल पंजाब ट्रक आपरेटर यूनियन के प्रधान हैप्पी संधू से बात की गई तो उन्होंने कहा कि ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस व केंद्रीय वित्तमंत्री पीयूष गोयल के बीच चली लंबी बैठक के बाद ट्रांसपोर्टरों ने हड़ताल वापस लेने का फैसला लिया। इस दौरान केंद्रीय वित्तमंत्री पीयूष गोयल ने यह भरोसा दिया है, कि सरकार टोल टैक्स के लिए ऐसा कोेई फार्मूला लाएगी, जिससे ट्रक आपरेटरों का समय खराब न हो। इसके लिए लमसम टैक्स या फिर गाड़ी को टैग लगाकर इस समस्या का हल किया जा सकता है। इंश्योरेंस के मामले में उन्होंने कहा कि सरकार इंश्योरेंस को कम करने के लिए मान गई है। इसके अलावा गाड़ियों का बढ़ाए गए इंकम टैक्स को भी कम करने के लिए सरकार जल्द ही कदम उठाएगी। इन सभी बातों को अमल में लाने के लिए 2 से 3 माह का समय लग सकता है।
डीजल को जीएसटी में लाने के लिए नहीं मानी सरकार
जगजीत कंबोज से जब डीजल को जीएसटी के दायरे में लाने व इसकी कीमत में कमी के बारे में हुई बात के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि सरकार ने इस मुद्दे पर उनसे कोई वादा नहीं किया है। केंद्रीय मंत्री का कहना है कि यह सरकार का उच्च लेबल का मामला है, जिसको सरकार सभी पहलुओं पर विचार करके ही लागू कर सकती है।
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- टोल टैक्स, इंश्योरेंस व इंकम टैक्स के दरें हो सकती हैं कम
- डीजल को जीएसटी में लाने पर केंद्रीय मंत्री ने जताई सरकार की मजबूरी
अमर उजाला ब्यूरो
जालंधर। पेट्रोल-डीजल को जीएसटी में लाने, टोल टैक्स पर हो रही परेशानी को कम करने व अपनी ओर भी कई मांगों को लेकर पिछले आठ दिन से हड़ताल कर रहे ट्रक आपरेटरों ने सरकार के आश्वासन पर हड़ताल समाप्त कर दी है। केंद्रीय वित्तमंत्री पीयूष गोयल के साथ हुई बैठक के बाद टोल टैक्स, इंश्योरेंस व इंकम टैक्स का मामला तो सुलझता नजर आ रहा है, लेकिन डीजल को जीएसटी में लाने के लिए केंद्रीय मंत्री ने सरकार की मजबूरी जाहिर कर दी है। उनका कहना है कि यह फैसला अभी नहीं लिया जा सकता है। इस बारे में जब ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के प्रधान जगजीत सिंह कंबोज, आल पंजाब ट्रक आपरेटर यूनियन के प्रधान हैप्पी संधू से बात की गई तो उन्होंने कहा कि ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस व केंद्रीय वित्तमंत्री पीयूष गोयल के बीच चली लंबी बैठक के बाद ट्रांसपोर्टरों ने हड़ताल वापस लेने का फैसला लिया। इस दौरान केंद्रीय वित्तमंत्री पीयूष गोयल ने यह भरोसा दिया है, कि सरकार टोल टैक्स के लिए ऐसा कोेई फार्मूला लाएगी, जिससे ट्रक आपरेटरों का समय खराब न हो। इसके लिए लमसम टैक्स या फिर गाड़ी को टैग लगाकर इस समस्या का हल किया जा सकता है। इंश्योरेंस के मामले में उन्होंने कहा कि सरकार इंश्योरेंस को कम करने के लिए मान गई है। इसके अलावा गाड़ियों का बढ़ाए गए इंकम टैक्स को भी कम करने के लिए सरकार जल्द ही कदम उठाएगी। इन सभी बातों को अमल में लाने के लिए 2 से 3 माह का समय लग सकता है।
डीजल को जीएसटी में लाने के लिए नहीं मानी सरकार
जगजीत कंबोज से जब डीजल को जीएसटी के दायरे में लाने व इसकी कीमत में कमी के बारे में हुई बात के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि सरकार ने इस मुद्दे पर उनसे कोई वादा नहीं किया है। केंद्रीय मंत्री का कहना है कि यह सरकार का उच्च लेबल का मामला है, जिसको सरकार सभी पहलुओं पर विचार करके ही लागू कर सकती है।
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