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भाटिया की टिकट बची, ओबराय की टिकट कटी
Updated Tue, 05 Dec 2017 10:02 PM IST
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भाटिया की टिकट बची और ओबराय की कटी
पांच साल जालंधर की डिप्टी मेयर रही हैं अरविंदर कौर ओबराय
अमर उजाला ब्यूरो
जालंधर।
भाजपा के प्रधान विजय सांपला व पूर्व प्रधान मनोरंजन कालिया का शिअद सुप्रीमो सुखबीर बादल पर प्रेशर आखिरकार काम कर गया है। दोनों के प्रेशर में अकाली दल ने पांच साल तक जालंधर की डिप्टी मेयर रही अरविंदर कौर ओबराय की टिकट को बदल दिया है। अकाली दल की तरफ से जारी लिस्ट में वार्ड नंबर 35 से ओबराय की टिकट काटकर त्रिलोचन सिंह बिट्टी की पत्नी बलविंदर कौर को दे दी गई।
पिछली बार चुनाव जीतीं अरविंदर कौर ओबराय ने अपने पति कुलदीप सिंह ओबराय के साथ अकाली दल को उस समय अलविदा कहकर आम आदमी का दामन थाम लिया था, जब विधानसभा चुनाव की गर्मी शुरू हुई थी। इस दौरान उन्होंने पूर्व मंत्री मनोरंजन कालिया का जमकर विरोध भी किया था और कालिया को विधानसभा में करारी हार का सामना करना पड़ा था। इससे कालिया खफा थे और उन्होंने अकाली दल हाईकमान पर पूरा प्रेशर बनाकर ओबराय का टिकट कटवा दिया।
तीन टिकटों का मामला सुखबीर बादल तक पहुंचा था, जिसमें पूर्व सीनियर डिप्टी मेयर कमलजीत सिंह भाटिया की पत्नी जसपाल भाटिया, पूर्व डिप्टी मेयर अरविंदर कौर ओबराय व इकबाल ढींढसा शामिल थे। सुखबीर ने टिकटों का वितरण होने के बावजूद जागीर कौर व अजीत सिंह कोहाड़ से कहा था कि इन टिकटों को रिव्यू किया जाए। भाजपा नेताओं ने कमलजीत भाटिया व इकबाल ढींढसा के मामले में तो समझौता कर लिया लेकिन अरविंदर कौर ओबराय की टिकट कटवाकर ही दम लिया। ओबराय दंपति ने अपनी आगामी रणनीति तैयार करने के लिए समर्थकों की बैठक बुला ली है।
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पांच साल जालंधर की डिप्टी मेयर रही हैं अरविंदर कौर ओबराय
अमर उजाला ब्यूरो
जालंधर।
भाजपा के प्रधान विजय सांपला व पूर्व प्रधान मनोरंजन कालिया का शिअद सुप्रीमो सुखबीर बादल पर प्रेशर आखिरकार काम कर गया है। दोनों के प्रेशर में अकाली दल ने पांच साल तक जालंधर की डिप्टी मेयर रही अरविंदर कौर ओबराय की टिकट को बदल दिया है। अकाली दल की तरफ से जारी लिस्ट में वार्ड नंबर 35 से ओबराय की टिकट काटकर त्रिलोचन सिंह बिट्टी की पत्नी बलविंदर कौर को दे दी गई।
पिछली बार चुनाव जीतीं अरविंदर कौर ओबराय ने अपने पति कुलदीप सिंह ओबराय के साथ अकाली दल को उस समय अलविदा कहकर आम आदमी का दामन थाम लिया था, जब विधानसभा चुनाव की गर्मी शुरू हुई थी। इस दौरान उन्होंने पूर्व मंत्री मनोरंजन कालिया का जमकर विरोध भी किया था और कालिया को विधानसभा में करारी हार का सामना करना पड़ा था। इससे कालिया खफा थे और उन्होंने अकाली दल हाईकमान पर पूरा प्रेशर बनाकर ओबराय का टिकट कटवा दिया।
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तीन टिकटों का मामला सुखबीर बादल तक पहुंचा था, जिसमें पूर्व सीनियर डिप्टी मेयर कमलजीत सिंह भाटिया की पत्नी जसपाल भाटिया, पूर्व डिप्टी मेयर अरविंदर कौर ओबराय व इकबाल ढींढसा शामिल थे। सुखबीर ने टिकटों का वितरण होने के बावजूद जागीर कौर व अजीत सिंह कोहाड़ से कहा था कि इन टिकटों को रिव्यू किया जाए। भाजपा नेताओं ने कमलजीत भाटिया व इकबाल ढींढसा के मामले में तो समझौता कर लिया लेकिन अरविंदर कौर ओबराय की टिकट कटवाकर ही दम लिया। ओबराय दंपति ने अपनी आगामी रणनीति तैयार करने के लिए समर्थकों की बैठक बुला ली है।
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