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खेल अधिकारी ने ग्राउंड सुपरवाइजर को दफ्तर से निकाला बाहर, बैठा भूख हड़ताल पर
Updated Fri, 20 Apr 2018 10:16 PM IST
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ग्राउंड सुपरवाइजर भूख हड़ताल पर
विभाग में हो रही घपलेबाजी का माहला ने किया था खुलासा
खेल अधिकारी के खिलाफ चल रही है विभागीय पड़ताल
अमर उजाला ब्यूरो
फिरोजपुर।
जिला खेल विभाग के अधिकारियों ने शुक्रवार नछत्तर सिंह माहला (ग्राउंड सुपरवाइजर, जिसने विभाग के घोटालों का खुलासा किया) को हाजिरी लगाने के बाद उसे दफ्तर में नहीं घुसने दिया। इस पर माहला दफ्तर के समक्ष भूख हड़ताल पर बैठ गए। माहला का आरोप है कि उसे खेल अधिकारी से अपनी जान का खतरा है, क्योंकि अधिकारी को क्षेत्र के एक कांग्रेसी नेता पूरा समर्थन है। माहला ने कहा कि इंसाफ लेने को वह अपने परिवार के साथ मरणव्रत पर बैठेगा।
माहला ने बताया कि वह शुक्रवार सुबह ड्यूटी के समय पर दफ्तर पहुंचा और उसने रजिस्टर पर अपनी हाजिरी लगाई। उसी समय दफ्तर के क्लर्कों ने कहा कि उन्हें खेल अधिकारी के आदेश है कि माहला को दफ्तर के अंदर घुसने नहीं देना है। उसे दफ्तर से बाहर निकाल दिया। माहला ने कहा कि उसने फिरोजपुर खेल विभाग में हो रहे घपलेबाजी का खुलासा किया था, इसीलिए उसे तंग किया जा रहा है। दो कमेटियां घपलेबाजी की पड़ताल कर चुकी है और रिपोर्ट डायरेक्टर स्पोर्ट्स को भेजी गई है। चंडीगढ़ खेल विभाग के अधिकारी राजनीतिक दबाव के चलते खेल अधिकारी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं, जबकि कमेटी ने भी खेल अधिकारी के खिलाफ रिपोर्ट सौंपी है।
माहला ने कहा कि फिरोजपुर खेल विभाग में जिस व्यक्ति को खेल अधिकारी नियुक्त किया है, वो दरअसल बालीबाल कोच है, नियम मुताबिक कोई कोच खेल अधिकारी नहीं लग सकता है। माहला ने कहा कि खेल अधिकारी स्टेडियम में खेलने आ रहे खिलाड़ियों के भविष्य के साथ भी खिलवाड़ कर रहा है। उन खिलाड़ियों की भी प्रतिमाह तीन सौ रुपये की पर्ची काटी जा रही है जिन्हें गोल्ड, सिल्वर व कांस्य पदक हासिल किए हैं। स्टेडियम से हॉकी एस्ट्रोट्रफ व लोहे के बोर्ड तक गायब कर दिए हैं।
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उधर, जिला खेल अधिकारी बलवंत सिंह ने कहा कि उस पर लगे सभी आरोप बेबुनियाद हैं। माहला ने भूख हड़ताल पर बैठने की उन्हें कोई सूचना नहीं दी है। खुद ही दफ्तर के सामने भूख हड़ताल पर बैठ गया है, जो सरकारी नियमों की उल्लंघन और अनुशासनहीनता है। इस संबंधी खेल विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को पत्र भेज सूचित कर दिया है।
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विभाग में हो रही घपलेबाजी का माहला ने किया था खुलासा
खेल अधिकारी के खिलाफ चल रही है विभागीय पड़ताल
अमर उजाला ब्यूरो
फिरोजपुर।
जिला खेल विभाग के अधिकारियों ने शुक्रवार नछत्तर सिंह माहला (ग्राउंड सुपरवाइजर, जिसने विभाग के घोटालों का खुलासा किया) को हाजिरी लगाने के बाद उसे दफ्तर में नहीं घुसने दिया। इस पर माहला दफ्तर के समक्ष भूख हड़ताल पर बैठ गए। माहला का आरोप है कि उसे खेल अधिकारी से अपनी जान का खतरा है, क्योंकि अधिकारी को क्षेत्र के एक कांग्रेसी नेता पूरा समर्थन है। माहला ने कहा कि इंसाफ लेने को वह अपने परिवार के साथ मरणव्रत पर बैठेगा।
माहला ने बताया कि वह शुक्रवार सुबह ड्यूटी के समय पर दफ्तर पहुंचा और उसने रजिस्टर पर अपनी हाजिरी लगाई। उसी समय दफ्तर के क्लर्कों ने कहा कि उन्हें खेल अधिकारी के आदेश है कि माहला को दफ्तर के अंदर घुसने नहीं देना है। उसे दफ्तर से बाहर निकाल दिया। माहला ने कहा कि उसने फिरोजपुर खेल विभाग में हो रहे घपलेबाजी का खुलासा किया था, इसीलिए उसे तंग किया जा रहा है। दो कमेटियां घपलेबाजी की पड़ताल कर चुकी है और रिपोर्ट डायरेक्टर स्पोर्ट्स को भेजी गई है। चंडीगढ़ खेल विभाग के अधिकारी राजनीतिक दबाव के चलते खेल अधिकारी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं, जबकि कमेटी ने भी खेल अधिकारी के खिलाफ रिपोर्ट सौंपी है।
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माहला ने कहा कि फिरोजपुर खेल विभाग में जिस व्यक्ति को खेल अधिकारी नियुक्त किया है, वो दरअसल बालीबाल कोच है, नियम मुताबिक कोई कोच खेल अधिकारी नहीं लग सकता है। माहला ने कहा कि खेल अधिकारी स्टेडियम में खेलने आ रहे खिलाड़ियों के भविष्य के साथ भी खिलवाड़ कर रहा है। उन खिलाड़ियों की भी प्रतिमाह तीन सौ रुपये की पर्ची काटी जा रही है जिन्हें गोल्ड, सिल्वर व कांस्य पदक हासिल किए हैं। स्टेडियम से हॉकी एस्ट्रोट्रफ व लोहे के बोर्ड तक गायब कर दिए हैं।
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उधर, जिला खेल अधिकारी बलवंत सिंह ने कहा कि उस पर लगे सभी आरोप बेबुनियाद हैं। माहला ने भूख हड़ताल पर बैठने की उन्हें कोई सूचना नहीं दी है। खुद ही दफ्तर के सामने भूख हड़ताल पर बैठ गया है, जो सरकारी नियमों की उल्लंघन और अनुशासनहीनता है। इस संबंधी खेल विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को पत्र भेज सूचित कर दिया है।