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द्धि ने जालंधर के जिन निगम अफसरों को किया था सस्पैंड उनका नाम सस्पैंशन लेटर से हुआ गायब
Updated Fri, 29 Jun 2018 10:25 PM IST
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सस्पेंड अफसरों के नाम सस्पेंशन लेटर से गायब
मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू ने जालंधर के निगम अफसरों को किया था सस्पेंड
अमर उजाला ब्यूरो
जालंधर। निगम में गड़बड़ी का जाल नवजोत सिंह सिद्धू से भी टूट नहीं पा रहा हैं। कारण है कि स्थानीय निकाय मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू ने 14 जून को जालंधर में अवैध कालोनियों और अवैध इमारतों का दौरा करने के बाद टाउन प्लानिंग विभाग के आठ अफसरों को सस्पेंड कर दो को चार्जशीट किया था। कार्रवाई सिरे चढ़ती कि सिद्धू की इस कार्रवाई में बड़ा खेल हो गया। शुक्रवार को जारी सस्पेंशन लेटर में तीन अफसरों के नाम ही बदल दिए गए। जानकारों के अनुसार विधायकों के प्रभाव के कारण तीन इंस्पेक्टरों को सस्पेंड होने से बचा लिया गया। उनकी जगह एक एटीपी और दो अन्य इंस्पेक्टर को सस्पेंड किया गया है।
जानकारी अनुसार शुक्रवार को जारी सस्पेंशन लेटर में एसटीपी मोनिका आनंद, एसटीपी परमपाल सिंह, एमटीपी मेहरबान सिंह, एटीपी बलविंदर सिंह, एटीपी नरेश मेहता, एटीपी बांके बिहारी, इंस्पेक्टर अरुण खन्ना, इंस्पेक्टर वरिंदर कौर और एडीएफओ केएल अरोड़ा को सस्पेंड किया गया है। इनके खिलाफ आरोप है कि शहर में अवैध कालोनियों और अवैध निर्माण होने दिया। वहीं सिद्धू ने 14 जून को जालंधर दौरे के दौरान प्रेस कांफ्रेंस कर एसटीपी मोनिका आनंद, एसटीपी परमपाल सिंह, एमटीपी मेहरबान सिंह, एटीपी बलविंदर सिंह, एटीपी नरेश मेहता, इंस्पेक्टर नीरज शर्मा, इंस्पेक्टर अजीत शर्मा और इंस्पेक्टर पूजा मान को मौके पर ही सस्पेंड कर दिया था। लेकिन अब सस्पेंशन लेटर में सस्पेंड किए गए इंस्पेक्टर अजीत शर्मा, नीरज शर्मा और पूजा मान का नाम ही नहीं है। सूत्र बता रहे हैं कि इन तीन इंस्पेक्टरों को विधायकों के दबाव में सस्पेंड नहीं किया गया। वहीं इंस्पेक्टर अरुण खन्ना और राजिंदर शर्मा को चार्जशीट किया गया था, लेकिन अब सस्पेंशन लेटर में इंस्पेक्टर अरुण खन्ना को सस्पेंड किया गया है।
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सस्पेंड अफसरों के नाम सस्पेंशन लेटर से गायब
मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू ने जालंधर के निगम अफसरों को किया था सस्पेंड
अमर उजाला ब्यूरो
जालंधर। निगम में गड़बड़ी का जाल नवजोत सिंह सिद्धू से भी टूट नहीं पा रहा हैं। कारण है कि स्थानीय निकाय मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू ने 14 जून को जालंधर में अवैध कालोनियों और अवैध इमारतों का दौरा करने के बाद टाउन प्लानिंग विभाग के आठ अफसरों को सस्पेंड कर दो को चार्जशीट किया था। कार्रवाई सिरे चढ़ती कि सिद्धू की इस कार्रवाई में बड़ा खेल हो गया। शुक्रवार को जारी सस्पेंशन लेटर में तीन अफसरों के नाम ही बदल दिए गए। जानकारों के अनुसार विधायकों के प्रभाव के कारण तीन इंस्पेक्टरों को सस्पेंड होने से बचा लिया गया। उनकी जगह एक एटीपी और दो अन्य इंस्पेक्टर को सस्पेंड किया गया है।
जानकारी अनुसार शुक्रवार को जारी सस्पेंशन लेटर में एसटीपी मोनिका आनंद, एसटीपी परमपाल सिंह, एमटीपी मेहरबान सिंह, एटीपी बलविंदर सिंह, एटीपी नरेश मेहता, एटीपी बांके बिहारी, इंस्पेक्टर अरुण खन्ना, इंस्पेक्टर वरिंदर कौर और एडीएफओ केएल अरोड़ा को सस्पेंड किया गया है। इनके खिलाफ आरोप है कि शहर में अवैध कालोनियों और अवैध निर्माण होने दिया। वहीं सिद्धू ने 14 जून को जालंधर दौरे के दौरान प्रेस कांफ्रेंस कर एसटीपी मोनिका आनंद, एसटीपी परमपाल सिंह, एमटीपी मेहरबान सिंह, एटीपी बलविंदर सिंह, एटीपी नरेश मेहता, इंस्पेक्टर नीरज शर्मा, इंस्पेक्टर अजीत शर्मा और इंस्पेक्टर पूजा मान को मौके पर ही सस्पेंड कर दिया था। लेकिन अब सस्पेंशन लेटर में सस्पेंड किए गए इंस्पेक्टर अजीत शर्मा, नीरज शर्मा और पूजा मान का नाम ही नहीं है। सूत्र बता रहे हैं कि इन तीन इंस्पेक्टरों को विधायकों के दबाव में सस्पेंड नहीं किया गया। वहीं इंस्पेक्टर अरुण खन्ना और राजिंदर शर्मा को चार्जशीट किया गया था, लेकिन अब सस्पेंशन लेटर में इंस्पेक्टर अरुण खन्ना को सस्पेंड किया गया है।
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