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भारत-पाक सीमा पर मकौड़ा पतन और नरोट जैमल सिंह में 132 करोड़ से बनेंगे 2 पुल
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मकौड़ा पत्तन में 132 करोड़ से बनेंगे दो पुल
केंद्र सरकार के सेंटर रोड फंड ने पास किया प्रस्ताव, जल्द लगेंगे टेंडर: सलारिया
अमर उजाला ब्यूरो
पठानकोट। केंद्र सरकार ने भारत-पाक सीमा से सटे मकौड़ा पत्तन इलाके में में 132 करोड़ की लागत से 2 पुलों की मंजूरी दी है। इसके लिए सड़क परिवहन राजमार्ग एवं परिवहन मंत्रालय ने सेंटर रोड फंड से धनराशि भी जारी कर दी है। उक्त जानकारी भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य और लोकसभा इंचार्ज स्वर्ण सलारिया ने बुधवार को प्रेस कांफ्रेंस के दौरान दी।
केंद्र सरकार के आदेश की प्रतियां दिखाते सलारिया ने कहा कि उन्होंने 3 महीने पहले लोगों से वादा किया था। अब 1 साल में पूरे होने वाले यह दोनों पुल 3-3 किमी. लंबे होंगे। पहला पुल रावी दरिया पर मकौड़ा पत्तन में कीड़ी मेहरा कलां से नरोट जैमल सिंह के बीच पड़ेगा। इस पर 69.88 करोड़ रुपये लागत आएगी। दूसरा पुल रावी दरिया पर ही मकौड़ा पत्तन में चक्क राम सहाय से चिब भरियाल रोड तक बनेगा, इस पर 62.79 करोड़ रुपये खर्च होगा।
सलारिया ने बताया कि वह पिछले साल अक्टूबर में मकौड़ा पत्तन के लोगों से मिलने गए थे। बरसाती सीजन के बाद बने इस कार्यक्रम में उन्होंने नाव से रावी दरिया पार किया। वहां जाकर उन्हें पता चला कि मकौड़ा पत्तन रहने वाले सैकड़ों परिवार किन दिक्कतों में जीवन यापन कर रहे हैं। सलारिया ने कहा कि लोगों का जीवन काफी कठिन है, कोई मेडिकल सुविधा नहीं, शिक्षा नहीं। हर हालातों में केवल नाव ही सहारा। उन्होंने कहा कि एक बच्ची स्कूल जाने की जल्दी में दरिया पार करते वक्त पानी में गिर गई, तब लोगों से वायदा किया था वह 3 महीने में इस दरिया पर कम से कम 2 पुलों का निर्माण करवाएंगे। उन्होंने नितिन गडकरी से बात की और सरकार ने मंजूरी दे दी। उन्होंने पंजाब सरकार का भी आभार जताया।
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सीमांत क्षेत्र के लोगों के लाइफ लाइन साबित होंगे पुल
यह पुल इलाके गांवों के रहने वाले सैकड़ों परिवारों के लिए लाइफ लाइन साबित होगी। इससे लोगों को कस्बा नरोट जैमल सिंह पहुंचने के लिए 10 से 15 मिनट लगेंगे, वहीं कौड़ियों के भाव जमीनों के दाम 500 गुना तक बढ़ जाएंगे। किसानों को अपनी फसलों का सही दाम मिल पाएगा, इससे पहले सारी फसल लोकल ही खरीदी बेची जाती थी। ट्रांसपोर्ट की सुविधा मिलेगी। स्कूल बन सकेंगे।
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केंद्र सरकार के सेंटर रोड फंड ने पास किया प्रस्ताव, जल्द लगेंगे टेंडर: सलारिया
अमर उजाला ब्यूरो
पठानकोट। केंद्र सरकार ने भारत-पाक सीमा से सटे मकौड़ा पत्तन इलाके में में 132 करोड़ की लागत से 2 पुलों की मंजूरी दी है। इसके लिए सड़क परिवहन राजमार्ग एवं परिवहन मंत्रालय ने सेंटर रोड फंड से धनराशि भी जारी कर दी है। उक्त जानकारी भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य और लोकसभा इंचार्ज स्वर्ण सलारिया ने बुधवार को प्रेस कांफ्रेंस के दौरान दी।
केंद्र सरकार के आदेश की प्रतियां दिखाते सलारिया ने कहा कि उन्होंने 3 महीने पहले लोगों से वादा किया था। अब 1 साल में पूरे होने वाले यह दोनों पुल 3-3 किमी. लंबे होंगे। पहला पुल रावी दरिया पर मकौड़ा पत्तन में कीड़ी मेहरा कलां से नरोट जैमल सिंह के बीच पड़ेगा। इस पर 69.88 करोड़ रुपये लागत आएगी। दूसरा पुल रावी दरिया पर ही मकौड़ा पत्तन में चक्क राम सहाय से चिब भरियाल रोड तक बनेगा, इस पर 62.79 करोड़ रुपये खर्च होगा।
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सलारिया ने बताया कि वह पिछले साल अक्टूबर में मकौड़ा पत्तन के लोगों से मिलने गए थे। बरसाती सीजन के बाद बने इस कार्यक्रम में उन्होंने नाव से रावी दरिया पार किया। वहां जाकर उन्हें पता चला कि मकौड़ा पत्तन रहने वाले सैकड़ों परिवार किन दिक्कतों में जीवन यापन कर रहे हैं। सलारिया ने कहा कि लोगों का जीवन काफी कठिन है, कोई मेडिकल सुविधा नहीं, शिक्षा नहीं। हर हालातों में केवल नाव ही सहारा। उन्होंने कहा कि एक बच्ची स्कूल जाने की जल्दी में दरिया पार करते वक्त पानी में गिर गई, तब लोगों से वायदा किया था वह 3 महीने में इस दरिया पर कम से कम 2 पुलों का निर्माण करवाएंगे। उन्होंने नितिन गडकरी से बात की और सरकार ने मंजूरी दे दी। उन्होंने पंजाब सरकार का भी आभार जताया।
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सीमांत क्षेत्र के लोगों के लाइफ लाइन साबित होंगे पुल
यह पुल इलाके गांवों के रहने वाले सैकड़ों परिवारों के लिए लाइफ लाइन साबित होगी। इससे लोगों को कस्बा नरोट जैमल सिंह पहुंचने के लिए 10 से 15 मिनट लगेंगे, वहीं कौड़ियों के भाव जमीनों के दाम 500 गुना तक बढ़ जाएंगे। किसानों को अपनी फसलों का सही दाम मिल पाएगा, इससे पहले सारी फसल लोकल ही खरीदी बेची जाती थी। ट्रांसपोर्ट की सुविधा मिलेगी। स्कूल बन सकेंगे।