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सेशन कोर्ट से मिली सुखबीर सिंह बादल को राहत
Updated Thu, 15 Mar 2018 10:00 PM IST
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सेशन कोर्ट से मिली सुखबीर को राहत
आपराधिक केस में शिकायतकर्ता की अपील खारिज
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदकोट।
जिला व सेशन जज सतविंदर सिंह चाहल की अदालत ने वीरवार को शिअद प्रमुख व राज्य के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल के खिलाफ चल रहे एक आपराधिक केस में शिकायतकर्ता की अपील को खारिज कर दिया। हालांकि इस आपराधिक मामले में करीब दो साल पहले 2 अप्रैल 2016 को ही यहां के जेएमआईसी सतीश कुमार की अदालत ने सुखबीर सिंह बादल को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया था। निचली अदालत के इस फैसले के खिलाफ शिकायतकर्ता नरेश कुमार सहगल ने सेशन कोर्ट में अपील दायर की हुई थी। केस की सुनवाई के दौरान सुखबीर सिंह बादल अदालत में मौजूद थे।
लोकसभा चुनाव के मतदान वाले दिन 5 सितंबर 1999 को कोटकपूरा के पत्रकार नरेश सहगल ने उस समय फरीदकोट संसदीय सीट से शिअद उम्मीदवार सुखबीर सिंह बादल व उनके साथियों पर मारपीट करने व कैमरे छीनने के कथित आरोप लगाए थे। पुलिस में सुनवाई न होने पर सहगल ने पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी और इस याचिका पर हाईकोर्ट की हिदायतों पर थाना सिटी कोटकपूरा पुलिस ने 30 जून 2006 को सुखबीर सिंह बादल व उनके साथियों पर आईपीसी की धारा 307, 323 व 392 इत्यादि के तहत दर्ज किया गया था। निचली अदालत में सुखबीर सिंह बादल पर धारा 323 व 392 के तहत ट्रायल चला, जिसमें दो साल पहले उन्हें बरी कर दिया गया था।
सुखबीर सिंह बादल के वकील शिवकरतार सिंह सेखों ने बताया कि जिला अदालत ने शिकायतकर्ता नरेश कुमार सहगल की अपील के साथ-साथ उसकी उन याचिकाओं को भी खारिज कर दिया है, जिसमें उन्होंने केस का दोबारा ट्रायल करवाने व कुछ अन्य लोगों के खिलाफ केस चलाने की मांग रखी थी। शिकायतकर्ता नरेश कुमार सहगल ने कहा कि उन्हें इंसाफ नहीं मिला है और अब वह जिला अदालत के फैसले के खिलाफ पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट में अपील दायर करेंगे। इस मौके पर पूर्व मंत्री सिकंदर सिंह मलूका, विधायक कंवरजीत सिंह रोजी बरकंदी मुक्तसर, पूर्व विधायक व जिलाध्यक्ष फरीदकोट मनतार सिंह बराड़, यूथ नेता परमबंस सिंह बंटी रोमाना हाजिर थे।
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आपराधिक केस में शिकायतकर्ता की अपील खारिज
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदकोट।
जिला व सेशन जज सतविंदर सिंह चाहल की अदालत ने वीरवार को शिअद प्रमुख व राज्य के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल के खिलाफ चल रहे एक आपराधिक केस में शिकायतकर्ता की अपील को खारिज कर दिया। हालांकि इस आपराधिक मामले में करीब दो साल पहले 2 अप्रैल 2016 को ही यहां के जेएमआईसी सतीश कुमार की अदालत ने सुखबीर सिंह बादल को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया था। निचली अदालत के इस फैसले के खिलाफ शिकायतकर्ता नरेश कुमार सहगल ने सेशन कोर्ट में अपील दायर की हुई थी। केस की सुनवाई के दौरान सुखबीर सिंह बादल अदालत में मौजूद थे।
लोकसभा चुनाव के मतदान वाले दिन 5 सितंबर 1999 को कोटकपूरा के पत्रकार नरेश सहगल ने उस समय फरीदकोट संसदीय सीट से शिअद उम्मीदवार सुखबीर सिंह बादल व उनके साथियों पर मारपीट करने व कैमरे छीनने के कथित आरोप लगाए थे। पुलिस में सुनवाई न होने पर सहगल ने पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी और इस याचिका पर हाईकोर्ट की हिदायतों पर थाना सिटी कोटकपूरा पुलिस ने 30 जून 2006 को सुखबीर सिंह बादल व उनके साथियों पर आईपीसी की धारा 307, 323 व 392 इत्यादि के तहत दर्ज किया गया था। निचली अदालत में सुखबीर सिंह बादल पर धारा 323 व 392 के तहत ट्रायल चला, जिसमें दो साल पहले उन्हें बरी कर दिया गया था।
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सुखबीर सिंह बादल के वकील शिवकरतार सिंह सेखों ने बताया कि जिला अदालत ने शिकायतकर्ता नरेश कुमार सहगल की अपील के साथ-साथ उसकी उन याचिकाओं को भी खारिज कर दिया है, जिसमें उन्होंने केस का दोबारा ट्रायल करवाने व कुछ अन्य लोगों के खिलाफ केस चलाने की मांग रखी थी। शिकायतकर्ता नरेश कुमार सहगल ने कहा कि उन्हें इंसाफ नहीं मिला है और अब वह जिला अदालत के फैसले के खिलाफ पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट में अपील दायर करेंगे। इस मौके पर पूर्व मंत्री सिकंदर सिंह मलूका, विधायक कंवरजीत सिंह रोजी बरकंदी मुक्तसर, पूर्व विधायक व जिलाध्यक्ष फरीदकोट मनतार सिंह बराड़, यूथ नेता परमबंस सिंह बंटी रोमाना हाजिर थे।
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