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पल्लेदारों ने अपनी मांगों के समर्थन में दिया धरना
Updated Tue, 27 Feb 2018 10:28 PM IST
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पल्लेदारों ने प्रदर्शन कर उठाई मांगें
12 मार्च को मोती महल के घेराव की चेतावनी
अमर उजाला ब्यूरो
जलालाबाद (फिरोजपुर)।
पंजाब पल्लेदार यूनियन और फूड ग्रेन अलॉयड वर्कर्स यूनियन जिला फाजिल्का की ओर मंगलवार को प्रधान गुरबख्श सिंह की अगुवाई में रोष प्रदर्शन किया गया।
नेताओं ने कहा कि स्टेट की फूड एजेंसियां जैसे कि एफसीआई मार्कफेड, पनसप, पनग्रेन, एग्रो पंजाब, वेयर हाउस और रेलवे स्टेशन पर बहुत से मजदूर मजदूरी करते हैं। उनकी मांग है कि मजदूरों को सही से मजदूरी दी जाए। ईपीएफ उनके खाते में जमा करवाया जाए। सरकार हर साल नई पालिसी तैयार करती है जो कि वर्करों के हक में नहीं हैं। सरकार की नई पॉलिसी 2018 -19 मजदूरों के हक में नहीं है। इसको पंजाब के पल्लेदार वर्कर बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने कहा 12 मार्च 2018 को पटियाला में बड़ी रैली करके मोती महल का घेराव किया जाएगा। सरकार को चेतावनी देते नेताओं ने कहा कि ठेकेदारी व्यवस्था बंद की जाए। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के मुताबिक उन्हें 18 हजार रुपये प्रति महीना वेतन दिया जाए। ईपीएफ की कटौती वापस की जाए। सन 1970 के लेबर एक्ट के मुताबिक वर्कर्स को बनतीं सहूलियतें दी जाए। सरकार ने पल्लेदारों की मांगों को स्वीकार न किया तो संघर्ष और तेज किया जाएगा। मौके पर यूनियन नेता महिंद्र सिंह सरपंच, दयाल सिंह सैक्ट्री, मक्खन सिंह, राम सिंह, भगवान सिंह, बलवंत सिंह, परमजीत सिंह उपस्थित थे।
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फोटो संख्या-27एफजेडआरपी06
कैप्शन - जलालाबाद (फिरोजपुर) में मांगों के समर्थन में धरना देते पल्लेदार।
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12 मार्च को मोती महल के घेराव की चेतावनी
अमर उजाला ब्यूरो
जलालाबाद (फिरोजपुर)।
पंजाब पल्लेदार यूनियन और फूड ग्रेन अलॉयड वर्कर्स यूनियन जिला फाजिल्का की ओर मंगलवार को प्रधान गुरबख्श सिंह की अगुवाई में रोष प्रदर्शन किया गया।
नेताओं ने कहा कि स्टेट की फूड एजेंसियां जैसे कि एफसीआई मार्कफेड, पनसप, पनग्रेन, एग्रो पंजाब, वेयर हाउस और रेलवे स्टेशन पर बहुत से मजदूर मजदूरी करते हैं। उनकी मांग है कि मजदूरों को सही से मजदूरी दी जाए। ईपीएफ उनके खाते में जमा करवाया जाए। सरकार हर साल नई पालिसी तैयार करती है जो कि वर्करों के हक में नहीं हैं। सरकार की नई पॉलिसी 2018 -19 मजदूरों के हक में नहीं है। इसको पंजाब के पल्लेदार वर्कर बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने कहा 12 मार्च 2018 को पटियाला में बड़ी रैली करके मोती महल का घेराव किया जाएगा। सरकार को चेतावनी देते नेताओं ने कहा कि ठेकेदारी व्यवस्था बंद की जाए। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के मुताबिक उन्हें 18 हजार रुपये प्रति महीना वेतन दिया जाए। ईपीएफ की कटौती वापस की जाए। सन 1970 के लेबर एक्ट के मुताबिक वर्कर्स को बनतीं सहूलियतें दी जाए। सरकार ने पल्लेदारों की मांगों को स्वीकार न किया तो संघर्ष और तेज किया जाएगा। मौके पर यूनियन नेता महिंद्र सिंह सरपंच, दयाल सिंह सैक्ट्री, मक्खन सिंह, राम सिंह, भगवान सिंह, बलवंत सिंह, परमजीत सिंह उपस्थित थे।
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फोटो संख्या-27एफजेडआरपी06
कैप्शन - जलालाबाद (फिरोजपुर) में मांगों के समर्थन में धरना देते पल्लेदार।