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दविंद्र बंगड़ ने नैशनल स्ट्रैंथनिंग चैंपियनशिप में जीता गोल्ड
Updated Thu, 17 Aug 2017 10:20 PM IST
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दविंद्र बंगड़ को नेशनल स्ट्रैंथनिंग चैंपियनशिप में गोल्ड
असम में हुई थी नेशनल स्ट्रैंथनिंग एंड इंकलाइन बैंच प्रेस चैंपियनशिप
अमर उजाला ब्यूरो
जालंधर।
सर्टिफाइड फिटनेस ट्रेनर दविंद्र बंगड़ ने असम में हुई नेशनल स्ट्रैंथनिंग एंड इंकलाइन बैंच प्रेस चैंपियनशिप में लगातार दूसरी बार गोल्ड मेडल जीता हैं। दविंद्र को यह सफलता 95 किलो भार वर्ग में हासिल हुई है। इससे पहले वह इसी चैंपियनशिप में एक बार गोल्ड और एक बार ब्राउंज मेडल जीत चुके हैं।
असम स्पोर्ट्स एसोसिएशन और असम स्ट्रैंथनिंग एसोसिएशन की ओर से करवाई गई इस प्रतियोगिता में देश भर के नामी बॉडी बिल्डिरों और वेट लिफ्टरों ने हिस्सा लिया था। दविंद्र ने अपने बेहतरीन प्रदर्शन से सभी को पीछे छोड़ दिया। अब वह इंटरनेशनल टूर्नामेंट में जाने की तैयारियों में जुट गए हैं। उन्होंने कहा कि बेहतरीन प्रदर्शन और गोल्ड मेडल जीतने पर उनका चयन इंटरनेशनल स्ट्रैंथनिंग चैंपियनशिप के लिए हुआ है। यह टूर्नामेंट कहां पर होगा यह अभी तय नहीं हुआ है।
28 वर्षीय दविंद्र बंगड़ ने 18 साल की उम्र में बॉडी बिल्डिंग में पैर जमा लिया था। उनको इस खेल में उनके कोच जतिंद्र कुमार पिंकी लेकर आए थे। अब भी दविंद्र उन्हें से ही कोचिंग ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि बॉडी बिल्डिंग में भी वह राज्य स्तर पर मेडल जीतकर अपनी धाक जमा चुके हैं। इसके बाद स्ट्रैंथनिंग लिफ्टिंग की तरफ आ गए। दविंद्र ने कहा कि उनका शौक बॉडी बिल्डिंग और वेट लिफ्टिंग है। उन्होंने आईटी डिप्लोमा किया है और उनके पिता चरनजीत बंगड़ एनआरआई हैं। दविंद्र सर्टिफाइड फिटनेस ट्रेनर के तौर पर किसी निजी जिम में जॉब करते हैं। उन्होंने कहा कि सुबह और शाम को ड्यूटी करने के बावजूद वह अपनी ट्रेनिंग के लिए दोपहर को समय निकालते हैं।
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असम में हुई थी नेशनल स्ट्रैंथनिंग एंड इंकलाइन बैंच प्रेस चैंपियनशिप
अमर उजाला ब्यूरो
जालंधर।
सर्टिफाइड फिटनेस ट्रेनर दविंद्र बंगड़ ने असम में हुई नेशनल स्ट्रैंथनिंग एंड इंकलाइन बैंच प्रेस चैंपियनशिप में लगातार दूसरी बार गोल्ड मेडल जीता हैं। दविंद्र को यह सफलता 95 किलो भार वर्ग में हासिल हुई है। इससे पहले वह इसी चैंपियनशिप में एक बार गोल्ड और एक बार ब्राउंज मेडल जीत चुके हैं।
असम स्पोर्ट्स एसोसिएशन और असम स्ट्रैंथनिंग एसोसिएशन की ओर से करवाई गई इस प्रतियोगिता में देश भर के नामी बॉडी बिल्डिरों और वेट लिफ्टरों ने हिस्सा लिया था। दविंद्र ने अपने बेहतरीन प्रदर्शन से सभी को पीछे छोड़ दिया। अब वह इंटरनेशनल टूर्नामेंट में जाने की तैयारियों में जुट गए हैं। उन्होंने कहा कि बेहतरीन प्रदर्शन और गोल्ड मेडल जीतने पर उनका चयन इंटरनेशनल स्ट्रैंथनिंग चैंपियनशिप के लिए हुआ है। यह टूर्नामेंट कहां पर होगा यह अभी तय नहीं हुआ है।
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28 वर्षीय दविंद्र बंगड़ ने 18 साल की उम्र में बॉडी बिल्डिंग में पैर जमा लिया था। उनको इस खेल में उनके कोच जतिंद्र कुमार पिंकी लेकर आए थे। अब भी दविंद्र उन्हें से ही कोचिंग ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि बॉडी बिल्डिंग में भी वह राज्य स्तर पर मेडल जीतकर अपनी धाक जमा चुके हैं। इसके बाद स्ट्रैंथनिंग लिफ्टिंग की तरफ आ गए। दविंद्र ने कहा कि उनका शौक बॉडी बिल्डिंग और वेट लिफ्टिंग है। उन्होंने आईटी डिप्लोमा किया है और उनके पिता चरनजीत बंगड़ एनआरआई हैं। दविंद्र सर्टिफाइड फिटनेस ट्रेनर के तौर पर किसी निजी जिम में जॉब करते हैं। उन्होंने कहा कि सुबह और शाम को ड्यूटी करने के बावजूद वह अपनी ट्रेनिंग के लिए दोपहर को समय निकालते हैं।
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