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खाली हाथ लौटी प्रतिबंधित दवाएं ढूंढने गई ड्रग विभाग की टीम
Updated Tue, 17 Jul 2018 10:32 PM IST
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खाली हाथ लौटी प्रतिबंधित दवा ढूंढने गई टीम
मेडिकल स्टोर बंद होने के कारण किया गया सील
अमर उजाला ब्यूरो
जालंधर। पिछले सप्ताह नशीली दवाओं की खेप के साथ पकड़े गए युवकों ने दिलकुशा मार्केट स्थित सार्थक मेडिकोज का नाम लिया था। पकड़े गए युवकों के बयान के बाद ड्रग व पुलिस विभाग की ओर से दो दिन पहले संयुक्त रूप से दिलकुशा मार्केट में स्थित सार्थक मेडिकॉज नाम की दवाओं की दुकान पर छापामारी की गई थी। जब टीम छापामारी करने पहुंची तो उस समय दुकान बंद थी। दुकान बंद होने के कारण विभाग ने उसे सील कर दिया था। इसके बाद दुकान मालिकों को यह आदेश दिए गए थे कि वह पुलिस व स्वास्थ्य अधिकारियों की मौजूदगी में ही दुकान खोलें। मंगलवार सुबह स्वास्थ्य विभाग और बस्ती बावा खेल की पुलिस की मौजूदगी में दुकान खोली गई तो ड्रग इंस्पेक्टर अमरजीत और बस्ती बावा खेल के एसआई रेशम सिंह के नेतृत्व में टीम ने दुकान में दवाओं की जांच की। ड्रग इंस्पेक्टर अमरजीत ने कहा कि मंगललवार को जब दुकान खोल टीम ने जांच की तो दुकान में कोई भी प्रतिबंधित दवाई नहीं पाई गई। हालांकि इस मामले के बारे में अधिकारियों ने कुछ भी स्पष्ट नहीं कहा है। उन्होंने मात्र इतना ही कहा कि इस मामले की रिपोर्ट विभाग को भेज दी गई है। इस बारे में दुकान मालिक पुनीत ने कहा कि किसी से रंजिश के चलते उनकी दुकान का नाम ड्रग विभाग को दे दिया गया है। जांच के बाद साफ हो गया है कि उनकी दुकान से कोई प्रतिबंधित दवाई नहीं बेची जाती है।
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मेडिकल स्टोर बंद होने के कारण किया गया सील
अमर उजाला ब्यूरो
जालंधर। पिछले सप्ताह नशीली दवाओं की खेप के साथ पकड़े गए युवकों ने दिलकुशा मार्केट स्थित सार्थक मेडिकोज का नाम लिया था। पकड़े गए युवकों के बयान के बाद ड्रग व पुलिस विभाग की ओर से दो दिन पहले संयुक्त रूप से दिलकुशा मार्केट में स्थित सार्थक मेडिकॉज नाम की दवाओं की दुकान पर छापामारी की गई थी। जब टीम छापामारी करने पहुंची तो उस समय दुकान बंद थी। दुकान बंद होने के कारण विभाग ने उसे सील कर दिया था। इसके बाद दुकान मालिकों को यह आदेश दिए गए थे कि वह पुलिस व स्वास्थ्य अधिकारियों की मौजूदगी में ही दुकान खोलें। मंगलवार सुबह स्वास्थ्य विभाग और बस्ती बावा खेल की पुलिस की मौजूदगी में दुकान खोली गई तो ड्रग इंस्पेक्टर अमरजीत और बस्ती बावा खेल के एसआई रेशम सिंह के नेतृत्व में टीम ने दुकान में दवाओं की जांच की। ड्रग इंस्पेक्टर अमरजीत ने कहा कि मंगललवार को जब दुकान खोल टीम ने जांच की तो दुकान में कोई भी प्रतिबंधित दवाई नहीं पाई गई। हालांकि इस मामले के बारे में अधिकारियों ने कुछ भी स्पष्ट नहीं कहा है। उन्होंने मात्र इतना ही कहा कि इस मामले की रिपोर्ट विभाग को भेज दी गई है। इस बारे में दुकान मालिक पुनीत ने कहा कि किसी से रंजिश के चलते उनकी दुकान का नाम ड्रग विभाग को दे दिया गया है। जांच के बाद साफ हो गया है कि उनकी दुकान से कोई प्रतिबंधित दवाई नहीं बेची जाती है।