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अब शिक्षा से दूर बच्चों को स्कूल लाने की तैयारी में विभाग
Updated Sat, 25 Nov 2017 10:43 PM IST
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शिक्षा से वंचित बच्चों की तलाश के लिए सर्वे शुरू
- शिक्षा विभाग की टीमें घरों और झुग्गियों में जाकर बच्चों को करेंगी चिह्नित
- सर्वे रिपोर्ट के आधार पर चिह्नित बच्चों को स्कूल जाने के प्रति क्रिया जाएगा प्रेरित
अमर उजाला ब्यूरो
कपूरथला।
पंजाब में 800 स्कूलों को बंद करने का ऐलान के बाद अब शिक्षा विभाग शिक्षा से वंचित बच्चों की तलाश में जुट गया है। ऐसे कितने बच्चे हैं और कहां-कहां हैं, इसका पता सर्वे के आधार पर लगाया जाएगा। इसके तहत 6 से 14 साल के बच्चों को घरों और झुग्गियों में जाकर शिक्षा विभाग की टीमें चिह्नित करेंगी। साथ ही उन्हें स्कूल जाने के प्रति प्रेरित किया जाएगा। अफसरों के मुताबिक यह सर्वे शुरू हो चुका है, जोकि 30 नवंबर तक चलेगा।
शिक्षा विभाग का दावा है कि इस सर्वे के प्रयास से बच्चों की कम संख्या वाले स्कूल बंद होने से बच सकते हैं। कपूरथला में इस सर्वे के लिए अलग-अलग टीमों को काम सौंपा गया है। इन टीमों को हिदायत है कि वह अधिकतर फोकस गांवों, डेरों, झुग्गियों, भट्ठों, रेलवे स्टेशन और बस्तियों में बच्चों को शिक्षा के लिए प्रेरित करने में करें। जिला शिक्षा अधिकारी (ए) गुरचरण सिंह ने बताया कि जिले में अलग-अलग टीमें बनाई गई हैं। सबसे पहले सर्वे टीम 6 से 14 साल तक के स्कूल न जाने वाले बच्चों की पहचान करेंगी। सर्वे टीम में बीईओ, स्कूल मुखी और अन्य अधिकारी शामिल होंगे। सर्वे के दौरान एक विशेष मुहिम चलाई जाएगी, ताकि बच्चे अधिक से अधिक स्कूल पहुंचे।
प्री नर्सरी कक्षाओं की शुरुआत से सामने आ रहे सार्थक नतीजे
डीईओ एलीमेंटरी ने कहा कि 14 नवंबर को बाल दिवस के मौके पर सरकारी प्राइमरी स्कूलों में शुरू हुईं प्री नर्सरी, एलकेजी और यूकेजी की कक्षाओं में कपूरथला जिले में बच्चों की संख्या 3834 तक पहुंच गई है, जोकि दूसरे जिलों के मुकाबले अच्छा रिस्पांस माना जा रहा है। अब सरकारी स्कूलों में सुविधाएं मिलने से लोग बेहद खुश हैं।
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- शिक्षा विभाग की टीमें घरों और झुग्गियों में जाकर बच्चों को करेंगी चिह्नित
- सर्वे रिपोर्ट के आधार पर चिह्नित बच्चों को स्कूल जाने के प्रति क्रिया जाएगा प्रेरित
अमर उजाला ब्यूरो
कपूरथला।
पंजाब में 800 स्कूलों को बंद करने का ऐलान के बाद अब शिक्षा विभाग शिक्षा से वंचित बच्चों की तलाश में जुट गया है। ऐसे कितने बच्चे हैं और कहां-कहां हैं, इसका पता सर्वे के आधार पर लगाया जाएगा। इसके तहत 6 से 14 साल के बच्चों को घरों और झुग्गियों में जाकर शिक्षा विभाग की टीमें चिह्नित करेंगी। साथ ही उन्हें स्कूल जाने के प्रति प्रेरित किया जाएगा। अफसरों के मुताबिक यह सर्वे शुरू हो चुका है, जोकि 30 नवंबर तक चलेगा।
शिक्षा विभाग का दावा है कि इस सर्वे के प्रयास से बच्चों की कम संख्या वाले स्कूल बंद होने से बच सकते हैं। कपूरथला में इस सर्वे के लिए अलग-अलग टीमों को काम सौंपा गया है। इन टीमों को हिदायत है कि वह अधिकतर फोकस गांवों, डेरों, झुग्गियों, भट्ठों, रेलवे स्टेशन और बस्तियों में बच्चों को शिक्षा के लिए प्रेरित करने में करें। जिला शिक्षा अधिकारी (ए) गुरचरण सिंह ने बताया कि जिले में अलग-अलग टीमें बनाई गई हैं। सबसे पहले सर्वे टीम 6 से 14 साल तक के स्कूल न जाने वाले बच्चों की पहचान करेंगी। सर्वे टीम में बीईओ, स्कूल मुखी और अन्य अधिकारी शामिल होंगे। सर्वे के दौरान एक विशेष मुहिम चलाई जाएगी, ताकि बच्चे अधिक से अधिक स्कूल पहुंचे।
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प्री नर्सरी कक्षाओं की शुरुआत से सामने आ रहे सार्थक नतीजे
डीईओ एलीमेंटरी ने कहा कि 14 नवंबर को बाल दिवस के मौके पर सरकारी प्राइमरी स्कूलों में शुरू हुईं प्री नर्सरी, एलकेजी और यूकेजी की कक्षाओं में कपूरथला जिले में बच्चों की संख्या 3834 तक पहुंच गई है, जोकि दूसरे जिलों के मुकाबले अच्छा रिस्पांस माना जा रहा है। अब सरकारी स्कूलों में सुविधाएं मिलने से लोग बेहद खुश हैं।
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