{"_id":"5989ecd04f1c1bbd5d8b467a","slug":"171502211280-jalandhar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"तरोबड़ी माइनर में पानी न आने से किसान परेशान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तरोबड़ी माइनर में पानी न आने से किसान परेशान
Updated Tue, 08 Aug 2017 10:24 PM IST
विज्ञापन
माइनर में पानी न आने से किसान परेशान
जलालाबाद (फिरोजपुर)। इस समय धान की फसल को लगातार सिंचाई की जरूरत है, वही नहरी विभाग माइनरों में पानी नहीं छोड़ रहा है। इससे किसान परेशान हैं।
किसान अमृतपाल सिंह, गुरभेज सिंह, सुखविन्दर सिंह, गुरपाल सिंह, जसविंदर सिंह, खुशविंदर सिंह आदि ने बताया कि तरोबड़ी माइनर में पानी न आने कारण वह लोग धान की फसल की सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं। महंगे भाव पर डीजल फूंक कर फसल की सिंचाई का प्रबंध करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि एक तरफ सरकार किसानों तक नहरी पानी पहुंचाने के दावे करती है। वहीं नहरों की सफाई न होने और कई जगह नहरें टूटने कारण किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ा है। उन्होंने कहा कि तरोबड़ी माइनर में पानी नहीं आ रहा है और धान की फसल सूखने की कगार पर है।
उधर, एसडीओ यादविन्दर सिंह ने कहा कि 184 नंबर पुल कमजोर है। यहां से ज्यादा पानी छोड़ा नहीं जा सकता है। विभाग को यहां नया हेड बनाने के लिए प्रपोजल भेजा गई है। हेड बनने के बाद ही समस्या का हल होगा।
विज्ञापन
जलालाबाद (फिरोजपुर)। इस समय धान की फसल को लगातार सिंचाई की जरूरत है, वही नहरी विभाग माइनरों में पानी नहीं छोड़ रहा है। इससे किसान परेशान हैं।
किसान अमृतपाल सिंह, गुरभेज सिंह, सुखविन्दर सिंह, गुरपाल सिंह, जसविंदर सिंह, खुशविंदर सिंह आदि ने बताया कि तरोबड़ी माइनर में पानी न आने कारण वह लोग धान की फसल की सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं। महंगे भाव पर डीजल फूंक कर फसल की सिंचाई का प्रबंध करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि एक तरफ सरकार किसानों तक नहरी पानी पहुंचाने के दावे करती है। वहीं नहरों की सफाई न होने और कई जगह नहरें टूटने कारण किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ा है। उन्होंने कहा कि तरोबड़ी माइनर में पानी नहीं आ रहा है और धान की फसल सूखने की कगार पर है।
उधर, एसडीओ यादविन्दर सिंह ने कहा कि 184 नंबर पुल कमजोर है। यहां से ज्यादा पानी छोड़ा नहीं जा सकता है। विभाग को यहां नया हेड बनाने के लिए प्रपोजल भेजा गई है। हेड बनने के बाद ही समस्या का हल होगा।
विज्ञापन