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पार्सल गुम करने के मामले में डाक विभाग पर 9 हजार हर्जाना
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पार्सल गुम हुआ, डाक विभाग पर नौ हजार हर्जाना
जिला उपभोक्ता फोरम का फैसला
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदकोट। जिला उपभोक्ता फोरम ने पूर्व हेड पोस्टमास्टर की शिकायत पर उसका पार्सल गुम करने के मामले में डाक विभाग को पार्सल के सामान की कीमत चार हजार रुपये के साथ साथ पांच हजार रुपये हर्जाना अदा करने के आदेश दिए हैं।
शिकायतकर्ता फरीदकोट निवासी सेवामुक्त हेडमास्टर राजिंदर पाल गुप्ता के वकील आशु मित्तल ने बताया कि राजिंदर पाल गुप्ता ने 24 जुलाई 2017 को फरीदकोट के डाकघर से गुरुग्राम में रहते अपने बच्चों के लिए एक पार्सल बुक करवाया था जिसे विभाग ने गलती से कहीं और डिलीवर कर दिया। बार बार शिकायत करने के बावजूद डाक विभाग उनके पार्सल को न तो बुक करवाए पते पर पहुंचा सका और न ही यह पार्सल उसके पास लौटाया। विभाग के कोई सुनवाई न करने पर राजिंदरपाल गुप्ता ने जिला उपभोक्ता फोरम के पास शिकायत दर्ज करवाई जिस पर सुनवाई करते हुए फोरम के अध्यक्ष अजीत अग्रवाल व सदस्य परमपाल कौर ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद डाक विभाग को कसूरवार ठहराया। हालांकि डाक विभाग ने दावा किया कि पार्सल गुम होने का मामला सामने आने के बाद उन्होंने नियमों के मुताबिक उपभोक्ता के लिए मुआवजे के रूप में 284 रुपये पास कर दिए थे लेकिन फोरम ने अपने फैसले में डाक विभाग को पार्सल के सामान की पूरी कीमत चार हजार रुपये के अलावा उपभोक्ता को पांच हजार रुपये हर्जाना अदा करने का आदेश दिया।
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जिला उपभोक्ता फोरम का फैसला
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदकोट। जिला उपभोक्ता फोरम ने पूर्व हेड पोस्टमास्टर की शिकायत पर उसका पार्सल गुम करने के मामले में डाक विभाग को पार्सल के सामान की कीमत चार हजार रुपये के साथ साथ पांच हजार रुपये हर्जाना अदा करने के आदेश दिए हैं।
शिकायतकर्ता फरीदकोट निवासी सेवामुक्त हेडमास्टर राजिंदर पाल गुप्ता के वकील आशु मित्तल ने बताया कि राजिंदर पाल गुप्ता ने 24 जुलाई 2017 को फरीदकोट के डाकघर से गुरुग्राम में रहते अपने बच्चों के लिए एक पार्सल बुक करवाया था जिसे विभाग ने गलती से कहीं और डिलीवर कर दिया। बार बार शिकायत करने के बावजूद डाक विभाग उनके पार्सल को न तो बुक करवाए पते पर पहुंचा सका और न ही यह पार्सल उसके पास लौटाया। विभाग के कोई सुनवाई न करने पर राजिंदरपाल गुप्ता ने जिला उपभोक्ता फोरम के पास शिकायत दर्ज करवाई जिस पर सुनवाई करते हुए फोरम के अध्यक्ष अजीत अग्रवाल व सदस्य परमपाल कौर ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद डाक विभाग को कसूरवार ठहराया। हालांकि डाक विभाग ने दावा किया कि पार्सल गुम होने का मामला सामने आने के बाद उन्होंने नियमों के मुताबिक उपभोक्ता के लिए मुआवजे के रूप में 284 रुपये पास कर दिए थे लेकिन फोरम ने अपने फैसले में डाक विभाग को पार्सल के सामान की पूरी कीमत चार हजार रुपये के अलावा उपभोक्ता को पांच हजार रुपये हर्जाना अदा करने का आदेश दिया।
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