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इंडियन मेडिकल कमिशन के विरोध में डॉक्टरों ने निकाली रैली
Updated Sun, 18 Mar 2018 10:32 PM IST
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इंडियन मेडिकल कमीशन के विरोध में डॉक्टरों ने निकाली रैली
पीएनडीटी एक्ट के तहत कागजी गलतियों को नजरअंदाज करने की मांग
अमर उजाला ब्यूरो
कोटकपूरा (फरीदकोट)।
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने रविवार को केंद्र सरकार के इंडियन मेडिकल काउंसिल को तोड़कर इंडियन मेडिकल कमीशन बनाने के विरोध में साइकिल रैली निकाली। इसमें शहर के तमाम स्पेशलिस्ट डॉक्टरों ने भाग लेकर सरकार के खिलाफ रोष का इजहार किया।
आईएमए के प्रधान डॉ. आरसी गर्ग ने कहा कि इंडियन मेडिकल कमीशन का गठन कर केंद्र सरकार गैर संविधानिक ढंग से कमान अपने हाथ में लेना चाहती है। उन्होंने कहा कि देश भर में 70 प्रतिशत स्वास्थ्य सेवाएं निजी डॉक्टर उपलब्ध करवा रहे हैं, लेकिन हैरानी की बात है कि कमीशन में सरकार ने निजी डॉक्टरों को कोई प्रतिनिधित्व दिया है। इस दौरान डॉक्टरों ने आयुर्वेदिक व होमियोपैथी के डॉक्टरों को ब्रिज कोर्स करवाकर एलोपैथी की प्रैक्ट्रिस करने की इजाजत देने का भी विरोध किया गया। साथ ही केंद्र और राज्य सरकार से निजी मेडिकल कॉलेज की मनमानियों पर सख्ती से रोक लगाने, पीएनडीटी एक्ट के तहत मामूली कागजी गलतियों को नजरअंदाज करने, उपभोक्ता एक्ट के तहत डॉक्टरों को जुर्माना वाजिब करने की भी मांगें रखी गई। इस दौरान एसएमओ डॉ. कुलदीप धीर, सेवामुक्त एसएमओ डॉ. गाजी उजेर, डॉ. राजन सिंगला, डॉ. रवि बांसल, डॉ. पीएस बराड़, डॉ. बीएल कपूर, डॉ. सोमनाथ सिंगला, डॉ. स्नेह सिंगला, डॉ. रजनी सिंगला डॉ सोनू गर्ग, डॉ. प्रमोद गुप्ता, डॉ. टोनी कटारिया मौजूद थे।
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फोटो 18एफआरडीपी01
कोटकपूरा में इंडियन मेडिकल कमिशन के गठन के विरोध में रोष जताते शहर के डॉक्टर --------
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पीएनडीटी एक्ट के तहत कागजी गलतियों को नजरअंदाज करने की मांग
अमर उजाला ब्यूरो
कोटकपूरा (फरीदकोट)।
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने रविवार को केंद्र सरकार के इंडियन मेडिकल काउंसिल को तोड़कर इंडियन मेडिकल कमीशन बनाने के विरोध में साइकिल रैली निकाली। इसमें शहर के तमाम स्पेशलिस्ट डॉक्टरों ने भाग लेकर सरकार के खिलाफ रोष का इजहार किया।
आईएमए के प्रधान डॉ. आरसी गर्ग ने कहा कि इंडियन मेडिकल कमीशन का गठन कर केंद्र सरकार गैर संविधानिक ढंग से कमान अपने हाथ में लेना चाहती है। उन्होंने कहा कि देश भर में 70 प्रतिशत स्वास्थ्य सेवाएं निजी डॉक्टर उपलब्ध करवा रहे हैं, लेकिन हैरानी की बात है कि कमीशन में सरकार ने निजी डॉक्टरों को कोई प्रतिनिधित्व दिया है। इस दौरान डॉक्टरों ने आयुर्वेदिक व होमियोपैथी के डॉक्टरों को ब्रिज कोर्स करवाकर एलोपैथी की प्रैक्ट्रिस करने की इजाजत देने का भी विरोध किया गया। साथ ही केंद्र और राज्य सरकार से निजी मेडिकल कॉलेज की मनमानियों पर सख्ती से रोक लगाने, पीएनडीटी एक्ट के तहत मामूली कागजी गलतियों को नजरअंदाज करने, उपभोक्ता एक्ट के तहत डॉक्टरों को जुर्माना वाजिब करने की भी मांगें रखी गई। इस दौरान एसएमओ डॉ. कुलदीप धीर, सेवामुक्त एसएमओ डॉ. गाजी उजेर, डॉ. राजन सिंगला, डॉ. रवि बांसल, डॉ. पीएस बराड़, डॉ. बीएल कपूर, डॉ. सोमनाथ सिंगला, डॉ. स्नेह सिंगला, डॉ. रजनी सिंगला डॉ सोनू गर्ग, डॉ. प्रमोद गुप्ता, डॉ. टोनी कटारिया मौजूद थे।
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फोटो 18एफआरडीपी01
कोटकपूरा में इंडियन मेडिकल कमिशन के गठन के विरोध में रोष जताते शहर के डॉक्टर --------