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डीआरएम ने लेखक राकेश की लिखी पुस्तक अरन करोड़ज बाए मैनेजमेंट रेलवे लैंड ए वेल्यूएबल असेट का किया विमोचन
Updated Mon, 01 Jan 2018 10:29 PM IST
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लेखक राकेश की पुस्तक का विमोचन
अमर उजाला ब्यूरो
फिरोजपुर।
लेखक राकेश की ओर से अंग्रेजी में लिखी पुस्तक ‘अर्न करोड़ज बाय मैनेजमेंट रेलवे लैंड ए वेल्यूएबल असेट’ का विमोचन रेल मंडल प्रबंधक विवेक कुमार ने सोमवार को किया। यह पुस्तक रेलवे के लिए बेहद लाभदायक साबित होगी। क्योंकि रेलवे अपनी बेकार पड़ी जमीन से करोड़ों रुपये कमाना चाहता है। पुस्तक में बताया गया है कि रेलवे अपने बेकार पड़ी जमीन से कैसे करोड़ों रुपये कमा सकती है। लेखक राकेश कुमार ने बताया कि इस पुस्तक में जमीन से संबंधित नवीनतम नीतियों को भी शामिल किया है। यह किताब रेलवे के अलावा दूसरे सैकड़ों लोगों के लिए भी फायदेमंद है। किताब में लेखक ने उन सभी घटनाओं का जिक्र किया है, जिन भू-माफिया ने रेलवे की जमीन को हड़पने का प्रयास किया था, जिसे उन्होंने नाकाम किया है। लेखक ने रेवेन्यु विभाग के पुराने रिकार्ड से रेलवे की करोड़ों रुपये की जमीन का पता लगाया है। लेखक ने बताया कि भारतीय रेलवे के पास चार लाख 58 हजार 589 हेक्टेयर जमीन है। इसमें से 46 हजार 409 हेक्टेयर जमीन खाली पड़ी है। पुस्तक के जरिये रेलवे अपनी बेकार जमीन से सालाना करोड़ों रुपये कमा सकता है। लेखक ने बताया कि रेलवे की हाई लेवल सेफ्टी कमेटी डॉ. अनिल काकोदकर की अगुवाई में गठित की थी।
फोटो संख्या-01एफजेडआरपी05
कैप्शन--फिरोजपुर में डीआरएम विवेक कुमार लेखक राकेश कुमार की पुस्तक का विमोचन करते हुए।
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अमर उजाला ब्यूरो
फिरोजपुर।
लेखक राकेश की ओर से अंग्रेजी में लिखी पुस्तक ‘अर्न करोड़ज बाय मैनेजमेंट रेलवे लैंड ए वेल्यूएबल असेट’ का विमोचन रेल मंडल प्रबंधक विवेक कुमार ने सोमवार को किया। यह पुस्तक रेलवे के लिए बेहद लाभदायक साबित होगी। क्योंकि रेलवे अपनी बेकार पड़ी जमीन से करोड़ों रुपये कमाना चाहता है। पुस्तक में बताया गया है कि रेलवे अपने बेकार पड़ी जमीन से कैसे करोड़ों रुपये कमा सकती है। लेखक राकेश कुमार ने बताया कि इस पुस्तक में जमीन से संबंधित नवीनतम नीतियों को भी शामिल किया है। यह किताब रेलवे के अलावा दूसरे सैकड़ों लोगों के लिए भी फायदेमंद है। किताब में लेखक ने उन सभी घटनाओं का जिक्र किया है, जिन भू-माफिया ने रेलवे की जमीन को हड़पने का प्रयास किया था, जिसे उन्होंने नाकाम किया है। लेखक ने रेवेन्यु विभाग के पुराने रिकार्ड से रेलवे की करोड़ों रुपये की जमीन का पता लगाया है। लेखक ने बताया कि भारतीय रेलवे के पास चार लाख 58 हजार 589 हेक्टेयर जमीन है। इसमें से 46 हजार 409 हेक्टेयर जमीन खाली पड़ी है। पुस्तक के जरिये रेलवे अपनी बेकार जमीन से सालाना करोड़ों रुपये कमा सकता है। लेखक ने बताया कि रेलवे की हाई लेवल सेफ्टी कमेटी डॉ. अनिल काकोदकर की अगुवाई में गठित की थी।
फोटो संख्या-01एफजेडआरपी05
कैप्शन--फिरोजपुर में डीआरएम विवेक कुमार लेखक राकेश कुमार की पुस्तक का विमोचन करते हुए।