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गेहूं की लिफ्टिंग शुरू ना होने से संकट में फंसे किसान व आढ़ती
Updated Sun, 15 Apr 2018 10:08 PM IST
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राजनीतिक खींचतान के चलते ठेकेदार को नहीं मिल रहे वाहन
दो दिन बारिश की चेतावनी से भी चिंता का आलम
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदकोट।
स्थानीय मुख्य मंडी में गेहूं की फसल की आमद ने रफ्तार पकड़ ली है। करीब 30 प्रतिशत फसल मंडी में पहुंच भी चुकी है, लेकिन सरकारी बोली लगने के बाद गेहूं की लिफ्टिंग का काम शुरू न हो पाने से किसान और आढ़ती संकट में फंस गए हैं। शहर के राजनीतिक नेताओं की खींचतान के चलते पैदा हुए उक्त विकट हालात से अधिकारी भी खासे परेशान दिखाई दे रहे हैं। एक ओर उन पर सत्ताधारी पार्टी के नेताओं का खासा दबाव है, वहीं लोगों की मुश्किलें हाथ फैलाए खड़ी है। साथ ही मौसम विभाग की ओर से 16 व 17 अप्रैल को बारिश होने की चेतावनी ने भी सभी वर्ग को चिंता में डाला हुआ है।
इस साल जिले की मंडियों में लिफ्टिंग के ठेकेदार को लेकर खासा विवाद खड़ा हुआ था। सत्ताधारी पार्टी के नेताओं के अपने चहेते लोगों को ठेका दिलवाने की कोशिशों के चलते मामला हाईकोर्ट तक पहुंच गया था। कानूनी प्रक्रिया का सहारा लेने के बाद फरीदकोट मंडी का लिफ्टिंग का ठेका, शिअद के समर्थक माने जाते शहर के एक धनाढ्य परिवार की कंपनी को मिल गया, लेकिन अब उसे मंडी से माल लिफ्ट करवाने के लिए वाहन नहीं मिल रहे है। बताया जा रहा है कि सत्ताधारी पार्टी ने नेताओं ने उक्त कंपनी को वाहन मुहैया करवाने पर जुबानी तौर रोक लगवा दी है। इसका खामियाजा आने वाले दिनों में किसानों व आढ़तियों को भुगतना पड़ेगा। यहां पर पांच दिन पहले गेहूं की सरकारी खरीद का काम शुरू हो गया था। चार खरीद एजेंसियों की ओर से करीब डेढ़ लाख गेहूं की बोरियों की खरीद की जा चुका है। इसके लिफ्टिंग न होने से मंडी में पहुंच रहे किसानों को अपनी फसल की ढेरी लगाने व उसके साफ सफाई करने में भी दिक्कत पेश आ रही है। एक आढ़ती ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि वर्तमान में पहले चरण के दौरान मंडी में आया बारदाना भी खत्म हो गया है। इस वजह से सोमवार से बोली लगने का काम भी ठप होने के आसार हैं। सचिव मार्केट कमेटी संदीप सिंह गोंदारा ने कहा कि फरीदकोट मंडी में लिफ्टिंग न होने से पैदा हुए हालात के बारे में जिला प्रशासनिक अधिकारियों को अवगत करवा दिया गया है। साथ ही खरीद एजेंसियों को भी अलर्ट कर दिया है कि यदि लिफ्टिंग न हुई तो उन्हें डैमेज का भुगतान भी करना पड़ेगा।
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फोटो 15एफआरडीपी01
फरीदकोट की मुख्य मंडी में लिफ्टिंग के कारण गेहूं की बोरियों के लग रहे अंबार
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दो दिन बारिश की चेतावनी से भी चिंता का आलम
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदकोट।
स्थानीय मुख्य मंडी में गेहूं की फसल की आमद ने रफ्तार पकड़ ली है। करीब 30 प्रतिशत फसल मंडी में पहुंच भी चुकी है, लेकिन सरकारी बोली लगने के बाद गेहूं की लिफ्टिंग का काम शुरू न हो पाने से किसान और आढ़ती संकट में फंस गए हैं। शहर के राजनीतिक नेताओं की खींचतान के चलते पैदा हुए उक्त विकट हालात से अधिकारी भी खासे परेशान दिखाई दे रहे हैं। एक ओर उन पर सत्ताधारी पार्टी के नेताओं का खासा दबाव है, वहीं लोगों की मुश्किलें हाथ फैलाए खड़ी है। साथ ही मौसम विभाग की ओर से 16 व 17 अप्रैल को बारिश होने की चेतावनी ने भी सभी वर्ग को चिंता में डाला हुआ है।
इस साल जिले की मंडियों में लिफ्टिंग के ठेकेदार को लेकर खासा विवाद खड़ा हुआ था। सत्ताधारी पार्टी के नेताओं के अपने चहेते लोगों को ठेका दिलवाने की कोशिशों के चलते मामला हाईकोर्ट तक पहुंच गया था। कानूनी प्रक्रिया का सहारा लेने के बाद फरीदकोट मंडी का लिफ्टिंग का ठेका, शिअद के समर्थक माने जाते शहर के एक धनाढ्य परिवार की कंपनी को मिल गया, लेकिन अब उसे मंडी से माल लिफ्ट करवाने के लिए वाहन नहीं मिल रहे है। बताया जा रहा है कि सत्ताधारी पार्टी ने नेताओं ने उक्त कंपनी को वाहन मुहैया करवाने पर जुबानी तौर रोक लगवा दी है। इसका खामियाजा आने वाले दिनों में किसानों व आढ़तियों को भुगतना पड़ेगा। यहां पर पांच दिन पहले गेहूं की सरकारी खरीद का काम शुरू हो गया था। चार खरीद एजेंसियों की ओर से करीब डेढ़ लाख गेहूं की बोरियों की खरीद की जा चुका है। इसके लिफ्टिंग न होने से मंडी में पहुंच रहे किसानों को अपनी फसल की ढेरी लगाने व उसके साफ सफाई करने में भी दिक्कत पेश आ रही है। एक आढ़ती ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि वर्तमान में पहले चरण के दौरान मंडी में आया बारदाना भी खत्म हो गया है। इस वजह से सोमवार से बोली लगने का काम भी ठप होने के आसार हैं। सचिव मार्केट कमेटी संदीप सिंह गोंदारा ने कहा कि फरीदकोट मंडी में लिफ्टिंग न होने से पैदा हुए हालात के बारे में जिला प्रशासनिक अधिकारियों को अवगत करवा दिया गया है। साथ ही खरीद एजेंसियों को भी अलर्ट कर दिया है कि यदि लिफ्टिंग न हुई तो उन्हें डैमेज का भुगतान भी करना पड़ेगा।
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फोटो 15एफआरडीपी01
फरीदकोट की मुख्य मंडी में लिफ्टिंग के कारण गेहूं की बोरियों के लग रहे अंबार
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