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आल ट्रक आप्रेटर यूनियन करेगी ट्रक यूनियनें भंग करने का विरोध .
Updated Thu, 22 Jun 2017 10:27 PM IST
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‘ट्रक यूनियनें भंग करने के विरोध में करेंगे प्रदर्शन’
ऑल ट्रक ऑपरेटर यूनियन ने बैठक में लिया फैसला
अमर उजाला ब्यूरो
जालंधर।
ऑल ट्रक ऑपरेटर यूनियन ने कैप्टन सरकार की ओर से यूनियनों को भंग करने के आदेश का विरोध किया है। इसके तहत उन्होंने 28 जून को सूबे के सभी एसडीएम दफ्तरों के बाहर प्रदर्शन करने का फैसला किया है।
वीरवार को एक बैठक के दौरान यूनियन के प्रधान हैप्पी संधू ने कहा कि पंजाब सरकार का यह फैसला उन 93 हजार ट्रक ऑपरेटरों के खिलाफ है, जिनसे 4 लाख परिवार और 12 लाख से ज्यादा लोगों का पेट भरता है। सरकार हर घर में नौकरी देने का वादा कर रही है, वहीं 12 लाख लोगों की रोटी छीनने पर उतारू हो गई है। इससे पहले की अकाली-भाजपा सरकार ने भी यूनियनें भंग करने की बात सोची थी, लेकिन यूनियनों से मिलने पर उन्होंने भी अपना फैसला बदल लिया था।
उन्होंने कहा कि पंजाब में 93 हजार ट्रकों में से करीब 70 हजार ट्रक फसल की ढुलाई का काम करते हैं। अगर सरकार ने यह फैसला वापस नहीं लिया तो यह सभी ट्रक फसल की ढुलाई करना बंद कर देंगे। इससे किसानों की फसल मंडियों में ही पड़ी रहेगी। इससे किसानों व सरकार को काफी घाटा होगा।
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ऑल ट्रक ऑपरेटर यूनियन ने बैठक में लिया फैसला
अमर उजाला ब्यूरो
जालंधर।
ऑल ट्रक ऑपरेटर यूनियन ने कैप्टन सरकार की ओर से यूनियनों को भंग करने के आदेश का विरोध किया है। इसके तहत उन्होंने 28 जून को सूबे के सभी एसडीएम दफ्तरों के बाहर प्रदर्शन करने का फैसला किया है।
वीरवार को एक बैठक के दौरान यूनियन के प्रधान हैप्पी संधू ने कहा कि पंजाब सरकार का यह फैसला उन 93 हजार ट्रक ऑपरेटरों के खिलाफ है, जिनसे 4 लाख परिवार और 12 लाख से ज्यादा लोगों का पेट भरता है। सरकार हर घर में नौकरी देने का वादा कर रही है, वहीं 12 लाख लोगों की रोटी छीनने पर उतारू हो गई है। इससे पहले की अकाली-भाजपा सरकार ने भी यूनियनें भंग करने की बात सोची थी, लेकिन यूनियनों से मिलने पर उन्होंने भी अपना फैसला बदल लिया था।
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उन्होंने कहा कि पंजाब में 93 हजार ट्रकों में से करीब 70 हजार ट्रक फसल की ढुलाई का काम करते हैं। अगर सरकार ने यह फैसला वापस नहीं लिया तो यह सभी ट्रक फसल की ढुलाई करना बंद कर देंगे। इससे किसानों की फसल मंडियों में ही पड़ी रहेगी। इससे किसानों व सरकार को काफी घाटा होगा।
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