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चिंतपूर्णी कॉलेज के स्टूडेंट्स का एमसीआई दफ्तर समक्ष धरना
Updated Mon, 04 Dec 2017 10:30 PM IST
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चिंतपूर्णी के स्टूडेंट्स का एमसीआई दफ्तर पर धरना
दूसरे कॉलेज में शिफ्टिंग की प्रक्रिया जल्द पूरी करने की मांग उठाई
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदकोट
केंद्रीय सेहत मंत्रालय व मेडिकल काउंसिल आफ इंडिया से शिफ्टिंग की मंजूरी न मिलने के चलते पठानकोट के चिंतपूर्णी मेडिकल कॉलेज के विद्यार्थियों व उनके अभिभावकों ने सोमवार को नई दिल्ली स्थित एमसीआई के दफ्तर के आगे रोष प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने शिफ्टिंग प्रक्रिया को जल्द पूरा करवाने की मांग रखी। पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट की हिदायतें के मुताबिक चिंतपूर्णी कॉलेज के 249 एमबीबीएस विद्यार्थियों को राज्य के अन्य कॉलेजों में शिफ्ट किया जाना है। केंद्रीय सेहत मंत्रालय व एमसीआई के मंजूरी न देने की वजह से विद्यार्थी अधर में लटके हुए है।
चिंतपूर्णी कॉलेज अभिभावक एसोसिएशन के डॉ.सुशील गर्ग ने बताया कि बीती 8 सितंबर को पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट ने राज्य के मेडिकल शिक्षा व खोज विभाग से अगले दो माह के भीतर चिंतपूर्णी कॉलेज के विद्यार्थियों को राज्य के अन्य कॉलेजों में शिफ्ट करने के आदेश दिए थे। अभी तक विभाग को केंद्रीय मंत्रालय व एमसीआई से शिफ्टिंग की मंजूरी नहीं मिल पाई है। राज्य के मेडिकल शिक्षा व खोज विभाग ने बीती 1 नवंबर को कॉलेज से मान्यता वापस ले ली थी और एमसीआई व केंद्रीय मंत्रालय को शिफ्टिंग की मंजूरी के लिए लिख दिया था। इसके बाद कॉलेज बंद होने के बाद यह विद्यार्थी अपने घर पहुंच चुके है और नए कॉलेज में शिफ्ट होने का इंतजार कर रहे है। अपने भविष्य को लेकर चितिंत विद्यार्थियों ने रोष जताते हुए एमसीआई से उनकी शिफ्टिंग प्रक्रिया को जल्द पूरा करवाने की मांग रखी।
मामले में एमसीआई सचिव डा.रीना नैय्यर ने कहा कि पंजाब सरकार के प्रस्ताव को संस्था ने बैठक के बाद सुप्रीम कोर्ट की ओर से गठित ओवरसाइट कमेटी के पास भेज दिया है और वहां से टिप्पणी के बाद मामला केंद्रीय सेहत मंत्रालय के पास भेज दिया जाएगा। उधर ओवरसाइट कमेटी के सचिव डॉ. श्रीवास्तव के अनुसार उन्हें शुक्रवार को ही एमसीआई से रिपोर्ट मिली है, जिस पर जल्द ही फैसला लिया जाएगा। मालूम हो कि कॉलेज के साल 2014-15 के बैच से संबंधित 101 स्टूडेंट्स को तीनों सरकारी मेडिकल कॉलेजों में शिफ्ट किया जाना है। साल 2016-17 के 148 स्टूडेंट्स की सरकारी व निजी कॉलेजों में कोटे के मुताबिक शिफ्टिंग होनी है।
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दूसरे कॉलेज में शिफ्टिंग की प्रक्रिया जल्द पूरी करने की मांग उठाई
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदकोट
केंद्रीय सेहत मंत्रालय व मेडिकल काउंसिल आफ इंडिया से शिफ्टिंग की मंजूरी न मिलने के चलते पठानकोट के चिंतपूर्णी मेडिकल कॉलेज के विद्यार्थियों व उनके अभिभावकों ने सोमवार को नई दिल्ली स्थित एमसीआई के दफ्तर के आगे रोष प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने शिफ्टिंग प्रक्रिया को जल्द पूरा करवाने की मांग रखी। पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट की हिदायतें के मुताबिक चिंतपूर्णी कॉलेज के 249 एमबीबीएस विद्यार्थियों को राज्य के अन्य कॉलेजों में शिफ्ट किया जाना है। केंद्रीय सेहत मंत्रालय व एमसीआई के मंजूरी न देने की वजह से विद्यार्थी अधर में लटके हुए है।
चिंतपूर्णी कॉलेज अभिभावक एसोसिएशन के डॉ.सुशील गर्ग ने बताया कि बीती 8 सितंबर को पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट ने राज्य के मेडिकल शिक्षा व खोज विभाग से अगले दो माह के भीतर चिंतपूर्णी कॉलेज के विद्यार्थियों को राज्य के अन्य कॉलेजों में शिफ्ट करने के आदेश दिए थे। अभी तक विभाग को केंद्रीय मंत्रालय व एमसीआई से शिफ्टिंग की मंजूरी नहीं मिल पाई है। राज्य के मेडिकल शिक्षा व खोज विभाग ने बीती 1 नवंबर को कॉलेज से मान्यता वापस ले ली थी और एमसीआई व केंद्रीय मंत्रालय को शिफ्टिंग की मंजूरी के लिए लिख दिया था। इसके बाद कॉलेज बंद होने के बाद यह विद्यार्थी अपने घर पहुंच चुके है और नए कॉलेज में शिफ्ट होने का इंतजार कर रहे है। अपने भविष्य को लेकर चितिंत विद्यार्थियों ने रोष जताते हुए एमसीआई से उनकी शिफ्टिंग प्रक्रिया को जल्द पूरा करवाने की मांग रखी।
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मामले में एमसीआई सचिव डा.रीना नैय्यर ने कहा कि पंजाब सरकार के प्रस्ताव को संस्था ने बैठक के बाद सुप्रीम कोर्ट की ओर से गठित ओवरसाइट कमेटी के पास भेज दिया है और वहां से टिप्पणी के बाद मामला केंद्रीय सेहत मंत्रालय के पास भेज दिया जाएगा। उधर ओवरसाइट कमेटी के सचिव डॉ. श्रीवास्तव के अनुसार उन्हें शुक्रवार को ही एमसीआई से रिपोर्ट मिली है, जिस पर जल्द ही फैसला लिया जाएगा। मालूम हो कि कॉलेज के साल 2014-15 के बैच से संबंधित 101 स्टूडेंट्स को तीनों सरकारी मेडिकल कॉलेजों में शिफ्ट किया जाना है। साल 2016-17 के 148 स्टूडेंट्स की सरकारी व निजी कॉलेजों में कोटे के मुताबिक शिफ्टिंग होनी है।
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