सियासत: गुरनाम सिंह चढूनी ने फतेहगढ़ साहिब से उतारा अपना उम्मीदवार, पंजाब के किसान नेताओं की उम्मीदों को लगे पंख
गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि लोकतांत्रिक देश में हर वर्ग की हितैषी पार्टी वोट के दम पर ही भ्रष्ट सिस्टम को बदल सकती है। इसके लिए उनकी पार्टी पंजाब के 117 हलकों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी।
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पंजाब की सियासत में किसान मोर्चा की एंट्री हो गई है। भारतीय किसान यूनियन चढूनी के अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी ने पंजाब के 117 विधानसभा सीटों पर होने वाले चुनाव को लेकर फतेहगढ़ साहिब हलका से सरबजीत सिंह को अपना पहला उम्मीदवार बना दिया है। सरबजीत सिंह पंजाब के वित्तमंत्री मनप्रीत सिंह बादल के करीबी रहे हैं। हालांकि उनका कहना है कि कृषि कानून के चलते उन्होंने कांग्रेस पार्टी छोड़ दी थी। वहीं अमलोह-मजदूर किसान संघर्ष कमेटी के प्रवक्ता दर्शन सिंह बब्बी ने कहा कि चढूनी व उनके सभी उम्मीदवारों का किसान आंदोलन से कुछ लेना देना नहीं है। दिल्ली संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा गुरनाम सिंह चढूनी की कार्रवाईयों से नाराज होकर उन्हें बाहर का रास्ता दिखाया जा चुका है।
सरबजीत सिंह को उम्मीदवार के तौर पर उतारने आए चढूनी ने कहा कि किसान आंदोलन के साथ-साथ आम लोगों, मजदूरों, बेरोजगारों और समय की सरकारों से दुखी लोगों को बनते हक दिलाने के लिए किसान पार्टी बनाना बेहद जरूरी है। लोकतांत्रिक देश में हर वर्ग की हितैषी पार्टी वोट के दम पर ही भ्रष्ट सिस्टम को बदल सकती है। इसके लिए उनकी पार्टी पंजाब के 117 हलकों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी।
सूत्रों के अनुसार, जिला फतेहगढ़ साहिब और लुधियाना समेत अन्य जिलों से ऐसे दर्जनों किसान नेता चढूनी के संपर्क में हैं जो रातों-रात विधायक बनने के सुनहरी सपने ले रहे हैं। खन्ना के एक किसान नेता ने बताया कि यह लोकतांत्रिक देश है। केंद्र की सरकार को किसान जत्थेबंदियां एकजुटता और वोट की ताकत से ही सत्ता से चलता किया जा सकता है।