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Punjab: पूर्व विधानसभा स्पीकर और वरिष्ठ अकाली नेता निर्मल सिंह काहलों का निधन, लंबे समय से थे बीमार
Sat, 16 Jul 2022 10:05 AM IST
निवेदिता वर्मा
संवाद न्यूज एजेंसी, बटाला (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, बटाला (पंजाब)
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Sat, 16 Jul 2022 10:05 AM IST
सार
निर्मल सिंह काहलों शिरोमणि अकाली दल बादल की सरकार में ग्रामीण विकास और पंचायत राज्य मंत्री रहे। वे 2007 से 2012 तक पंजाब विधानसभा के अध्यक्ष भी रहे।
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निर्मल सिंह काहलों
- फोटो : फाइल
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विस्तार
शिरोमणि अकाली दल बादल के सीनियर नेता और पूर्व विधानसभा स्पीकर निर्मल सिंह काहलों (79) का शनिवार को देहांत हो गया। निर्मल सिंह काहलों कुछ दिनों से बीमार चल रहे थे और उनका इलाज अमृतसर के एक निजी अस्पताल में चल रहा था। शुक्रवार-शनिवार रात दो बजे निर्मल सिंह काहलों ने अंतिम सांस ली।
निर्मल सिंह काहलों को पूर्व सीएम प्रकाश बादल के बेहद नजदीक माना जाता था। निर्मल सिंह काहलों अपने जीवन काल के दौरान जिला गुरदासपुर के हल्का फतेहगढ़ चूड़ियां से विधायक का चुनाव लड़ते रहे। शिरोमणि अकाली दल बादल की सरकार के समय कैबिनेट मंत्री और पंजाब विधान सभा के स्पीकर के पद पर भी रहे। उनके बेटे रवि करण सिंह काहलों ने बताया है कि रविवार को उनके पिता निर्मल सिंह काहलों का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव दादूजोध (फतेहगढ़ चूड़ियां) में होगा। वहीं रविवार को फतेहगढ़ चूड़ियां में शिरोमणि अकाली दल बादल के नेता पहुंचेगे।
शनिवार को निर्मल सिंह काहलों के देहांत पर शिरोमणि अकाली दल बादल के प्रधान सुखबीर सिंह बादल ने ट्वीट करके दुख व्यक्त किया है। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा है कि निर्मल सिंह काहलों हम सभी के लिए एक प्रेरणा स्रोत थे और वह इस दुख की घड़ी में काहलों परिवार के साथ खड़े हैं।
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79 वर्षीय निर्मल सिंह काहलों को पंजाब में शिरोमणि अकाली दल बादल की सरकार में 1997-2002 तक ग्रामीण विकास एवं पंचायत मंत्री बनाया गया था। इसके बाद दोबारा 2007-2012 में जब शिरोमणि अकाली दल बादल की पंजाब में सरकार आई तो निर्मल सिंह काहलों की वरिष्ठता को देखकर उन्हें पंजाब विधानसभा का स्पीकर बनाया गया था। वैसे तो काहलों परिवार हमेशा ही हल्का फतेहगढ़ चूड़ियां से चुनाव लड़ता रहा था लेकिन 2022 पंजाब विधान सभा चुनाव में अकाली दल बादल ने फतेहगढ़ चूड़ियां से लखबीर सिंह लोधीनंगल को टिकट दिया था जबकि काहलों के बेटे रवि करण सिंह काहलों को डेरा बाबा नानक से टिकट दिया गया था। रवि काहलों कांग्रेसी उम्मीदवार सुखजिंदर सिंह रंधावा से हार गए थे।
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निर्मल सिंह काहलों को पूर्व सीएम प्रकाश बादल के बेहद नजदीक माना जाता था। निर्मल सिंह काहलों अपने जीवन काल के दौरान जिला गुरदासपुर के हल्का फतेहगढ़ चूड़ियां से विधायक का चुनाव लड़ते रहे। शिरोमणि अकाली दल बादल की सरकार के समय कैबिनेट मंत्री और पंजाब विधान सभा के स्पीकर के पद पर भी रहे। उनके बेटे रवि करण सिंह काहलों ने बताया है कि रविवार को उनके पिता निर्मल सिंह काहलों का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव दादूजोध (फतेहगढ़ चूड़ियां) में होगा। वहीं रविवार को फतेहगढ़ चूड़ियां में शिरोमणि अकाली दल बादल के नेता पहुंचेगे।
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शनिवार को निर्मल सिंह काहलों के देहांत पर शिरोमणि अकाली दल बादल के प्रधान सुखबीर सिंह बादल ने ट्वीट करके दुख व्यक्त किया है। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा है कि निर्मल सिंह काहलों हम सभी के लिए एक प्रेरणा स्रोत थे और वह इस दुख की घड़ी में काहलों परिवार के साथ खड़े हैं।
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79 वर्षीय निर्मल सिंह काहलों को पंजाब में शिरोमणि अकाली दल बादल की सरकार में 1997-2002 तक ग्रामीण विकास एवं पंचायत मंत्री बनाया गया था। इसके बाद दोबारा 2007-2012 में जब शिरोमणि अकाली दल बादल की पंजाब में सरकार आई तो निर्मल सिंह काहलों की वरिष्ठता को देखकर उन्हें पंजाब विधानसभा का स्पीकर बनाया गया था। वैसे तो काहलों परिवार हमेशा ही हल्का फतेहगढ़ चूड़ियां से चुनाव लड़ता रहा था लेकिन 2022 पंजाब विधान सभा चुनाव में अकाली दल बादल ने फतेहगढ़ चूड़ियां से लखबीर सिंह लोधीनंगल को टिकट दिया था जबकि काहलों के बेटे रवि करण सिंह काहलों को डेरा बाबा नानक से टिकट दिया गया था। रवि काहलों कांग्रेसी उम्मीदवार सुखजिंदर सिंह रंधावा से हार गए थे।