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पचास रुपये की हेरफेर पर बर्खास्त होंगे परिचालक

Mon, 23 Jun 2014 10:11 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदकोट
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदकोट Updated Mon, 23 Jun 2014 10:11 PM IST
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fifty, rupees, fraud, conductor, dismiss
आर्थिक मंदहाली से जूझ रही पेप्सू रोड ट्रांसपोर्ट कारपोरेशन (पीआरटीसी) ने अपनी आमदनी बढ़ाने और भ्रष्टाचार रोकने के लिए विशेष कदम उठाने का फैसला किया है।
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नए नियमों के तहत सिर्फ 50 रुपये की हेराफेरी करने वाले परिचालक को नौकरी से बर्खास्त कर दिया जाएगा। साथ ही पीआरटीसी ने यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाने की मंशा से 200 नई बसें खरीदने की तैयारी कर ली है। यह जानकारी पीआरटीसी के चेयरमैन और पूर्व शिक्षा मंत्री अवतार सिंह बराड़ ने दी। वे सोमवार को फरीदकोट में निर्माणाधीन पीआरटीसी के बस स्टैंड का जायजा लेने के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
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चेयरमैन अवतार सिंह बराड़ ने कहा कि मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल और उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल के दिशा निर्देशों पर पीआरटीसी के ढांचे में व्यापक सुधार किया जा रहा है। भ्रष्टाचार पर सख्ती से नकेल कसने के लिए टिकटों की हेरफेर करने वाले कर्मियों पर शिकंजा तेज किया गया है और बर्खास्त करने के नए नियम में 500 की जगह सिर्फ 50 रुपये का ही प्रावधान कर दिया गया है।
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पीआरटीसी ने 200 नई बसें खरीदने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है और जल्द ही यह सड़कों पर दौड़ने लगेगी। पांच साल पुरानी करीब 100 बसों को किलोमीटर स्कीम के दायरे में लाने का फैसला किया है और इन बसों को ग्रामीण रूटों पर चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि फरीदकोट में अति आधुनिक सुविधाओं वाले बस स्टैंड का निर्माण हो रहा है जिस पर सवा पांच करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे है। इसे फरवरी 2015 से पहले चालू कर दिया जाएगा। पीआरटीसी ने अपने सभी 15 बस स्टैंडों की हालत सुधारने को 14 करोड़ का बजट रखा है और इनमें से कई बस स्टैंडों पर काम चालू हो चुका है।



उन्होंने स्वीकार किया कि पीआरटीसी आर्थिक मंदहाली के दौर से गुजर रही है और उन पर तकरीबन 57 करोड़ रुपये की देनकारियां हैं। देनदारी के कुछ मामलों में उच्च न्यायालय ने उनके समेत विभाग के आला अधिकारियों के वेतन भी रोके हुए हैं। इस मामले में पीआरटीसी ने राज्य सरकार से 250 करोड़ रुपये का अनुदान मांगा है ताकि पीआरटीसी को हालत को पटरी पर लाया जा सके। उन्होंने पीआरटीसी के कर्मचारी संगठनों और एक्शन कमेटी को भी संघर्ष का रास्ता त्याग कर बातचीत करने का निमंत्रण दिया है ताकि उनकी मांगों को सुलझाने के लिए बीच का रास्ता निकाला जा सके। इस मौके पर पीआरटीसी के कार्यकारी इंजीनियर दिनेश कुमार सूद, एसडीओ जतिन्द्रपाल सिंह ग्रेवाल, फरीदकोट डिपो के जीएम ओपी खिच्ची और पूर्व चेयरमैन मार्केट कमेटी नवदीप सिंह बब्बू बराड़ मौजूद रहे।


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