एलान: पांच जनवरी को फिरोजपुर में प्रधानमंत्री की रैली का विरोध करेंगे किसान, बकाया मांगें पूरी न करने से नाराजगी
कृषि कानूनों के खिलाफ लगभग एक साल किसान आंदोलन चला था। प्रधानमंत्री के गुरुपर्व पर कृषि कानूनों को वापस लेने के फैसले के बाद भाजपा को किसानों का विरोध खत्म होने का अनुमान था, लेकिन किसान अब भी भाजपा के विरोध पर अडिग हैं।
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किसान मजदूर संघर्ष कमेटी के महासचिव सरवन सिंह पंधेर ने एक बयान जारी कर कहा कि किसान फिरोजपुर में पांच जनवरी को होने जा रही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली नहीं होने देंगे। उनकी प्रदेश स्तरीय कमेटी की बैठक में फैसला लिया गया है कि मोदी की रैली का विरोध किया जाएगा। पीएम ने तीन कृषि बिल तो रद्द कर दिए हैं लेकिन एमएसपी गारंटी कानून बनाने के अलावा अन्य मांगें अभी पूरी करना बाकी है। उन मांगों पर कोई कार्रवाई शुरू नहीं की है। पीएम उनकी बाकी की मांगें भी स्वीकार कर ले, तब फिरोजपुर में रैली करें, उन्हें कोई एतराज नहीं है। किसान नेताओं ने पंजाब भर के किसानों को प्रधानमंत्री की रैली का विरोध करने के लिए फिरोजपुर पहुंचने की अपील की है।
कई मांगों को पूरा नहीं किया गया
पंधेर ने कहा कि किसानों ने आंदोलन वापस नहीं लिया है, स्थगित किया है। प्रधानमंत्री पंजाब में चुनाव प्रचार के लिए फिरोजपुर में विशाल रैली करने पहुंच रहे हैं, ये रैली वे होने नहीं देंगे। दिसंबर बीत चुका है, नया साल आ गया है। केंद्र सरकार ने किसानों की बाकी मांगों पर कोई कार्रवाई शुरू नहीं की है। पंधेर ने कहा कि एमएसपी गारंटी कानून बनाने की बात कही है, इससे पूरे देश के किसानों को फायदा होगा। इसके अलावा दिल्ली में नौजवानों व मजदूरों पर झूठे परचे दर्ज किए हैं, उन्हें रद्द किया जाए। इसी तरह शहीद किसानों को मुआवजा व उनके परिजनों को नौकरी दें। प्रदूषण एक्ट में भी सुधार नहीं किया है। बिजली संशोधन बिल पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। लखीमपुर खीरी की घटना में आरोपियों पर कार्रवाई नहीं की गई है, आरोपी अपने ओहदों पर विराजमान हैं।
भाजपा पर लगाया आरोप
पंधेर ने फिरोजपुर, मोगा, फाजिल्का, तरनतारन, कपूरथला, जालंधर, मुक्तसर, फरीदकोट व पंजाब के किसानों को तैयारियां कर पांच जनवरी को फिरोजपुर पहुंचने की अपील की है। पंधेर ने कहा कि भाजपा पंजाब के लोगों को जातिवाद व धर्म के नाम पर बांटना चाहती है। आरएसएस की विचारधारा देश के टुकड़े करने की है। पंधेर ने कहा कि रैली के विरोध की घोषणा पहले की जा रही है ताकि पंजाब सरकार प्रधानमंत्री की रैली से पंजाब की कानून व्यवस्था खराब होने से पहले रैली को रद्द कर सके। पूरे पंजाब के किसान फिरोजपुर में पांच जनवरी को एकत्र होंगे।