Punjab: 31 किलो हेरोइन संग दो तस्कर काबू, एक सेना का जवान, पांव के निशानों से तस्करों तक पहुंची पुलिस-बीएसएफ
पकड़े तस्करों की पहचान परमजीत सिंह उर्फ पम्मा वासी महालम (जलालाबाद) के रूप में हई है। जबकि दूसरा साथी पठानकोट में सेना में सिपाही के पद पर तैनात है। उसका नाम पुलिस ने अभी उजागर नहीं किया है। फौजी छुट्टी पर अपने घर आया हुआ था।
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बीएसएफ व पुलिस ने शनिवार संयुक्त आपरेशन दौरान सेना के एक जवान समेत दो तस्करों को एक अरब 55 करोड़ की 31 किलो हेरोइन संग काबू किया है। दोनों तस्कर गुरुवार रात पाक तस्करों से हेरोइन की डिलीवरी लेकर बीएसएफ की गोलियों से बच कर निकल गए थे। शुक्रवार को सर्च आपरेशन दौरान बीएसएफ को सरहद पर लगी फेंसिंग पार जमीन पर पाक तस्करों के पांव के निशान और उसी जगह पर फेंसिंग के इस तरफ भारतीय तस्करों के पैरों के निशान देखे गए थे, इन्हीं पांवों के निशानों के जरिए सुरक्षा एजेंसियों ने उक्त दोनों तस्करों को गागनके-शमसाबाद रोड से गिरफ्तार किया है। पूछताछ के दौरान खुलासा हुआ है कि सरहद पर लगी फेंसिंग में प्लास्टिक की पाइप घुसाकर भारतीय क्षेत्र में हेरोइन के 29 पैकेट फेंके गए थे।
पंजाब पुलिस के डीआईजी रणजीत सिंह ने बताया कि बीएसएफ बटालियन-55 के जवानों ने गुरुवार रात्रि बीओपी चक अमीर के पास पाक तस्करों की गतिविधि देखी थी और उन्हें खदेड़ने के लिए फायरिंग भी की थी। पाक तस्कर हेरोइन की डिलीवरी भारतीय तस्करों को देकर घनी धुंध व अंधेरे का फायदा उठाकर वहां से फरार हो गए थे। अगले दिन सुबह होने पर बीएसएफ व पंजाब पुलिस ने उक्त स्थल पर तस्करों के पांव के निशान देखे थे। पुलिस ने उक्त एरिया में अलर्ट जारी किया हुआ था। विभिन्न जगहों पर नाकाबंदी की हुई थी।
शनिवार मोहम्मदपीरा से आलमशाह रोड पर पड़ते सेमनाले के पुल पर एक सफेद रंग की वरना कार नाका तोड़कर फाजिल्का शहर की तरफ निकली। उसके बाद सूचना देकर फाजिल्का और आसपास की लिंक रोड पर अलग अलग नाकाबंदी की गई। बीएसएफ व पंजाब पुलिस की संयुक्त टीम ने गागनके से शमसाबाद को जाने वाली लिंक रोड पर छोटी नहर के पुल पर कार को रोक लिया। तलाशी लेने पर इनके पास से हेरोइन के 29 पैकेट मिले। हेरोइन का वजन करीब 31 किलोग्राम था, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में एक अरब 55 करोड़ रुपये के करीब कीमत आंकी गई है।
पकड़े तस्करों की पहचान परमजीत सिंह उर्फ पम्मा वासी महालम (जलालाबाद) के रूप में हई है। जबकि दूसरा साथी पठानकोट में सेना में सिपाही के पद पर तैनात है। उसका नाम पुलिस ने अभी उजागर नहीं किया है। फौजी छुट्टी पर अपने घर आया हुआ था। पुलिस का कहना है कि उक्त तस्करों के पाक तस्करों से गहरे संबंध हैं, इनसे गहन पूछताछ की जा रही है, इनसे और अहम जानकारी मिलने की उम्मीद है।