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दवा खरीद घोटालाः सीएम तक नहीं पहुंची डॉ. नैय्यर की फाइल
अमर उजाला चंडीगढ़
Updated Sun, 01 Dec 2013 03:14 PM IST
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दवा खरीद घोटाले एवं अन्य जांच को ध्यान में रखते हुए सेहत विभाग के डायरेक्टर डॉ. एके नैय्यर को दोबारा सेवा विस्तार देने से पंजाब सरकार ने पल्ला झाड़ लिया है।
गठबंधन सरकार की दूसरी पारी में तत्कालीन सेहत मंत्री मदन मोहन मित्तल के कार्यकाल में उन्हें सेवा विस्तार मिला था। सेहत मंत्री सुरजीत ज्याणी ने सेवा विस्तार से जुड़ी फाइल मुख्यमंत्री कार्यालय नहीं भेजी और डॉ. करनजीत सिंह को नया डायरेक्टर तैनात करने की सिफारिश कर दी।
डॉ. नैय्यर के कार्यकाल में सेहत विभाग में दवा खरीद घोटाला हुआ, जिसे दबा दिया गया।
केंद्रीय सेहत मंत्रालय के दिशा-निर्देश पर दवाओं की खरीद तो हुई, लेकिन दवाएं जरूरत से ज्यादा खरीदी गईं और कई दवाएं ऐसी खरीदी गईं जिनकी मियाद खत्म होने में दो या तीन महीने बचे थे।
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नैय्यर ने दवा खरीद कमेटी के नियमों को दरकिनार कर यह दवाएं खरीदीं। डॉ. नैय्यर के खिलाफ जालंधर में नर्सों के साथ दुर्व्यवहार की भी जांच हो चुकी है और पूर्व सेहत मंत्री सतपाल गोसाईं ने उन्हें सेवा विस्तार देने से मना कर दिया था, लेकिन नई सरकार में नैय्यर सेवा विस्तार लेने में कामयाब रहे। इसके अलावा डॉ. नैय्यर के खिलाफ जालंधर विजिलेंस ब्यूरो ने भी जांच की है।
सेहत मंत्री सुरजीत ज्याणी ने कहा कि डॉ. नैय्यर को एक बार सेवा विस्तार मिल चुका है और दोबारा नहीं दिया जा सकता।
उनके खिलाफ पहले से ही कई जांच चल रही हैं। विभाग के कामकाज को दुरुस्त करने और पारदर्शिता लाने के लिए नए डायरेक्टर डॉ. करनजीत सिंह को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
सूत्रों के मुताबिक डॉ. नैय्यर से जुड़े फीडबैक मिलने के बाद ज्याणी ने सेवा विस्तार की फाइल मुख्यमंत्री कार्यालय नहीं भेजी।
डॉ. करनजीत सिंह ने संभाला पदभार
चंडीगढ़। परिवार कल्याण विभाग के डायरेक्टर डॉ. करनजीत सिंह ने डायरेक्टर सेहत का पदभार संभाल लिया है। यह पद डॉ. अशोक नैय्यर का कार्यकाल खत्म होने के बाद खाली हुआ था।
डॉ. करनजीत सिंह 1980 में मेडिकल सेवा में आए और अमृतसर में मेडिकल आफिसर रहे। वह गवर्नमेंट मेडिकल कालेज अमृतसर के रजिस्ट्रार भी रह चुके हैं।
अमर उजाला से बातचीत में डॉ. करनजीत सिंह ने कहा कि महकमे में पारदर्शिता और सरकारी अस्पतालों में इलाज की समुचित व्यवस्था के साथ- साथ लोगों की संतुष्टि को पहल दी जाएगी।
अस्पताल की कमियों को दूर किया जाएगा ताकि मरीजों को बेहतर इलाज मिल सके।
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गठबंधन सरकार की दूसरी पारी में तत्कालीन सेहत मंत्री मदन मोहन मित्तल के कार्यकाल में उन्हें सेवा विस्तार मिला था। सेहत मंत्री सुरजीत ज्याणी ने सेवा विस्तार से जुड़ी फाइल मुख्यमंत्री कार्यालय नहीं भेजी और डॉ. करनजीत सिंह को नया डायरेक्टर तैनात करने की सिफारिश कर दी।
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डॉ. नैय्यर के कार्यकाल में सेहत विभाग में दवा खरीद घोटाला हुआ, जिसे दबा दिया गया।
केंद्रीय सेहत मंत्रालय के दिशा-निर्देश पर दवाओं की खरीद तो हुई, लेकिन दवाएं जरूरत से ज्यादा खरीदी गईं और कई दवाएं ऐसी खरीदी गईं जिनकी मियाद खत्म होने में दो या तीन महीने बचे थे।
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नैय्यर ने दवा खरीद कमेटी के नियमों को दरकिनार कर यह दवाएं खरीदीं। डॉ. नैय्यर के खिलाफ जालंधर में नर्सों के साथ दुर्व्यवहार की भी जांच हो चुकी है और पूर्व सेहत मंत्री सतपाल गोसाईं ने उन्हें सेवा विस्तार देने से मना कर दिया था, लेकिन नई सरकार में नैय्यर सेवा विस्तार लेने में कामयाब रहे। इसके अलावा डॉ. नैय्यर के खिलाफ जालंधर विजिलेंस ब्यूरो ने भी जांच की है।
सेहत मंत्री सुरजीत ज्याणी ने कहा कि डॉ. नैय्यर को एक बार सेवा विस्तार मिल चुका है और दोबारा नहीं दिया जा सकता।
उनके खिलाफ पहले से ही कई जांच चल रही हैं। विभाग के कामकाज को दुरुस्त करने और पारदर्शिता लाने के लिए नए डायरेक्टर डॉ. करनजीत सिंह को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
सूत्रों के मुताबिक डॉ. नैय्यर से जुड़े फीडबैक मिलने के बाद ज्याणी ने सेवा विस्तार की फाइल मुख्यमंत्री कार्यालय नहीं भेजी।
डॉ. करनजीत सिंह ने संभाला पदभार
चंडीगढ़। परिवार कल्याण विभाग के डायरेक्टर डॉ. करनजीत सिंह ने डायरेक्टर सेहत का पदभार संभाल लिया है। यह पद डॉ. अशोक नैय्यर का कार्यकाल खत्म होने के बाद खाली हुआ था।
डॉ. करनजीत सिंह 1980 में मेडिकल सेवा में आए और अमृतसर में मेडिकल आफिसर रहे। वह गवर्नमेंट मेडिकल कालेज अमृतसर के रजिस्ट्रार भी रह चुके हैं।
अमर उजाला से बातचीत में डॉ. करनजीत सिंह ने कहा कि महकमे में पारदर्शिता और सरकारी अस्पतालों में इलाज की समुचित व्यवस्था के साथ- साथ लोगों की संतुष्टि को पहल दी जाएगी।
अस्पताल की कमियों को दूर किया जाएगा ताकि मरीजों को बेहतर इलाज मिल सके।