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Punjab: 114 साल की बुजुर्ग महिला की मौत, ढोल-बाजे और भंगड़ा डाल किया अंतिम संस्कार, परिवार में 60 लोग
Tue, 10 Sep 2024 04:06 PM IST
अंकेश ठाकुर
संवाद न्यूज एजेंसी, जलालाबाद (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, जलालाबाद (पंजाब)
Published by: अंकेश ठाकुर
Updated Tue, 10 Sep 2024 04:06 PM IST
सार
पंजाब के जलालाबाद में सबसे उम्रदराज महिला की मौत हो गई। महिला की उम्र 114 वर्ष थी। महिला के परिवा में 60 लोग हैं। परिवार ने महिला की मौत पर उसे ढोल बाजों के साथ विदाई थी।
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मृतका रतो बाई की फाइल फोटो
- फोटो : संवाद
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विस्तार
पंजाब के जलालाबाद के धरमूवाला गांव में 114 साल की बुजुर्ग महिला की मौत हो गई। 114 साल की बुजुर्ग महिला की मौत के बाद उसकी अंतिम विदाई के समय बैंड बाजे के साथ परिवार ने भंगड़ा डाल महिला को विदा किया और अंतिम संस्कार की रस्म अदा की। बुजुर्ग महिला के परिवार में 60 से अधिक लोग हैं।
बुजुर्ग महिला रतो बाई के पोते गुरमीत सिंह ने बताया कि उसकी दादी करीब 114 साल की थी। पूरे गांव में इतनी उम्र की कोई महिला नहीं थी। मृतका रत्तो बाई के 6 बच्चे हैं। जिनमें चार लड़के ढोला सिंह, लाल सिंह, पाला सिंह, अमीर सिंह और दो लड़कियां माया बाई और निहालो बाई शामिल है। करीब 4 वर्ष पहले उसके बड़े ताया ढोला सिंह की मौत हो गई है। वहीं 6 साल पहले छोटी बुआ निहालो बाई का भी देहांत हो चुक है।
इतना ही नहीं रतो बाई के 6 बच्चों के आगे करीब 25 बच्चे हैं। जिनकी भी शादी हो चुकी है और उनके भी आगे 30 से अधिक बच्चे हैं। यानी 60 से अधिक लोगों का परिवार है।
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उन्होंने जानकारी दी कि उनकी दादी को कोई भी बीमारी नहीं थी। 2 दिन पहले उन्होंने खाना-पीना छोड़ दिया और उनकी सेहत बिगड़ गई। इसके बाद उनकी मौत हो गई। इतने बड़े परिवार को जन्म देने वाली सबसे अधिक उम्र की महिला की मौत के बाद परिवार ने बैंड बाजे और ढोल की ताल पर भंगड़ा डाल मृतक महिला रतो बाई को विदा किया और अंतिम संस्कार की रस्म अदा की।
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बुजुर्ग महिला रतो बाई के पोते गुरमीत सिंह ने बताया कि उसकी दादी करीब 114 साल की थी। पूरे गांव में इतनी उम्र की कोई महिला नहीं थी। मृतका रत्तो बाई के 6 बच्चे हैं। जिनमें चार लड़के ढोला सिंह, लाल सिंह, पाला सिंह, अमीर सिंह और दो लड़कियां माया बाई और निहालो बाई शामिल है। करीब 4 वर्ष पहले उसके बड़े ताया ढोला सिंह की मौत हो गई है। वहीं 6 साल पहले छोटी बुआ निहालो बाई का भी देहांत हो चुक है।
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इतना ही नहीं रतो बाई के 6 बच्चों के आगे करीब 25 बच्चे हैं। जिनकी भी शादी हो चुकी है और उनके भी आगे 30 से अधिक बच्चे हैं। यानी 60 से अधिक लोगों का परिवार है।
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उन्होंने जानकारी दी कि उनकी दादी को कोई भी बीमारी नहीं थी। 2 दिन पहले उन्होंने खाना-पीना छोड़ दिया और उनकी सेहत बिगड़ गई। इसके बाद उनकी मौत हो गई। इतने बड़े परिवार को जन्म देने वाली सबसे अधिक उम्र की महिला की मौत के बाद परिवार ने बैंड बाजे और ढोल की ताल पर भंगड़ा डाल मृतक महिला रतो बाई को विदा किया और अंतिम संस्कार की रस्म अदा की।