अब पंजाब में ट्रेन पलटाने की साजिश: गाड़ी को डीरेल करने के लिए रेलवे ट्रैक पर लगाया सरिया, सूझबूझ से टला हादसा
सुबह तीन बजे बठिंडा-दिल्ली रेलमार्ग पर मालगाड़ी गुजर रही थी। गाड़ी गति धीमी होने के कारण ट्रैक पर रखा गया सरिया लोको पायलट व रेलवे स्टाफ को दिखाई दे गया, जिसके बाद तुरंत मालगाड़ी को रोक दिया गया।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बठिंडा-दिल्ली रेलवे लाइन पर असामाजिक तत्वों ने रविवार सुबह रेलगाड़ी को डीरेल करने का दुस्साहस किया। हालांकि, रेलवे कर्मचारियों की मुस्तैदी के चलते बड़ा हादसा होने से बच गया। फिलहाल इस मामले की रेलवे अधिकारी, आरपीएफ व जिला पुलिस जांच कर रही है।
सुबह तीन बजे बठिंडा-दिल्ली रेलमार्ग पर मालगाड़ी गुजर रही थी। गाड़ी गति धीमी होने के कारण ट्रैक पर रखा गया सरिया लोको पायलट व रेलवे स्टाफ को दिखाई दे गया, जिसके बाद तुरंत मालगाड़ी को रोक दिया गया। इसके बाद गाड़ी के स्टाफ ने इस मामले की सूचना आरपीएफ एवं स्थानीय पुलिस को दी। अधिकारियों के साथ जीआरपी ने मौके पर पहुंचकर देखा कि रेलवे ट्रैक के बीच में किसी ने मोटा सरिया रखा था, जिससे ट्रेन के डीरेल होने का खतरा था। बता दें कि देशभर में बीते 24 घंटे में डीरेल करने की तीसरी कोशिश है।
गनीमत रही कि सुबह यहां से मालगाड़ी गुजर रही थी, जिसकी स्पीड बहुत ही धीमी थी, जिससे लोको पायलट को सरिया दिखाई दे गया। अगर यहां से एक्सप्रेस गाड़ी गुजर रही होती, तो नुकसान अधिक हो सकता था। रेलवे सूत्रों की मानें तो यहां गाड़ी को करीब 45 मिनट तक रोके रखा गया, जिससे यहां से गुजरने वालीं करीब छह गाड़ियां प्रभावित हुईं।
अंबाला से लापता चारों नाबालिग ट्रेन में मिली
टिकट चेकिंग स्टाफ ने अंबाला से लापता चार नाबालिग लड़कियों को ट्रेन से काबू कर उनके अभिभावकों के हवाले कर दिया है। चारों लड़कियां टिकट लेकर अमृतसर से अंबाला के लिए जनरल कोच में सफर कर रही थी।
रेल डिवीजन फिरोजपुर के सीनियर डीसीएम परमदीप सिंह सैनी ने कहा कि गाड़ी संख्या-22430 (पठानकोट-दिल्ली एक्सप्रेस) में टिकट चैकिंग के दौरान सीआईटी अमरजीत सिंह को डीएसपी अंबाला से सूचना मिली थी कि चार नाबालिग लड़कियां जिनकी उम्र लगभग 14 वर्ष है। वह अंबाला की रहने वाली हैं व अपने घर से बिना बताए कहीं चली गई हैं। डीएसपी ने उन चारों की फोटो भी अमरजीत को भेजी।
इसके बाद ट्रेन में तलाशी अभियान चलाकर चारों लड़कियों को जनरल कोच से ढूंढ निकाला। उनके पास अमृतसर से अंबाला का जनरल टिकट भी था। अमरजीत ने चारों लड़कियों के मिलने की सूचना डीएसपी अंबाला को दी। लड़कियों को उनके परिवार से मिलाने के लिए डीएसपी को सरहिंद स्टेशन पर सुपुर्द किया गया। इस कार्य के लिए सैनी ने टिकट चैकिंग स्टाफ को प्रशंसा प्रमाण पत्र देने की घोषणा की।