पानी पर घमासान जारी: हरियाणा को कटौती की आशंका, BBMB पर सीआईएसएफ जवान होंगे तैनात; हाईकोर्ट में सुनवाई आज
भाखड़ा-नंगल एग्रीमेंट-1966 के अनुसार सतलुज से पंजाब को 57.88 प्रतिशत, हरियाणा को 32.31 और राजस्थान को 9.81 प्रतिशत पानी मिलता है। वहीं रावी-ब्यास एग्रीमेंट-1982 के तहत राजस्थान को 49, पंजाब को 30 और हरियाणा को 21 प्रतिशत पानी मिलता है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
आखिरकार भाखड़ा बांध से हरियाणा को अतिरिक्त पानी को मिलने लगा, लेकिन पंजाब के साथ पानी को लेकर चल रहा घमासान लगातार जारी है। 21 मई को नया सर्कल शुरू होते ही भाखड़ा-ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) ने बुधवार दोपहर करीब डेढ़ बजे भाखड़ा बांध की मेन लाइन से पंजाब, हरियाणा और राजस्थान को पानी छोड़ दिया।
वहीं, हरियाणा ने अंदेशा जताया है कि पंजाब आगे फिर पानी में कटौती कर सकता है। यदि कटौती हुई तो हरियाणा को सिर्फ 8500 पानी ही मिलेगा। अब सभी की नजरें आज हाईकोर्ट में होने वाली सुनवाई पर टिकी हैं।
बुधवार दोपहर एक बजे भाखड़ा बांध के गेट खोले गए। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान भी इस दौरान मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि हरियाणा को 100 क्यूसेक प्रति घंटा के हिसाब से पानी छोड़ा गया है। अभी तक पंजाब भाखड़ा मेन लाइन (बीएमएल) से 230 से 240 क्यूसेक प्रति घंटा ही पानी इस्तेमाल करता था। अब पंजाब अपने हिस्से का तीन हजार क्यूसेक पानी इस्तेमाल करेगा। 15 मई की बैठक में 21 से 31 मई के लिए हरियाणा ने 10,300 क्यूसेक, राजस्थान ने 12,400 क्यूसेक और पंजाब ने 17 हजार क्यूसेक पानी मांगा था। बीबीएमबी के अधिकारियों ने कहा कि तीनों राज्यों को उनकी मांग के 31 मई तक पानी दिया जाएगा। बीबीएमबी ने 31 मई को दोबारा बैठक बुलाई है, जिसमें एक जून से तीनों राज्यों को पानी देने को लेकर निर्णय लिया जाएगा।
हरियाणा को मिला 9325 क्यूसेक पानी
भाखड़ा मेन लाइन से गुजरने वाले पानी की कुल क्षमता 1200 क्यूसेक है। भाखड़ा बांध की क्षमता 11,200 क्यूसेक है। इस बीच जब भाखड़ा मेन लाइन से पानी छोड़ा गया, तो हरियाणा ने यह दावा किया कि उन्हें 9,325 क्यूसेक पानी ही मिल रहा है। इस पर बीबीएमबी के अधिकारियों ने बताया कि बांध और बीएमएल की क्षमता को देखते हुए पानी के बहाव को कंट्रोल करना जरूरी होता है। तय फैसले के अनुसार पानी पूरा दिया जाएगा।
यह भी पढ़ें: राहत के साथ आफत: चंडीगढ़ में बारिश के साथ तूफान, 60 किमी. की रफ्तार से चली आंधी, कई जगह गिरे पेड़, थम गया शहर
हरियाणा में दो दिन में सुधरेंगे हालात
हरियाणा ने बीबीएमबी से 10300 क्यूसेक की मांग रखी थी, हरियाणा को फिलहाल इतना ही पानी मिलेगा। इस पानी के छोड़े जाने से हरियाणा में हालात सुधरने में कम से कम दो दिन लगेंगे। इस पानी से राज्य में पीने के पानी की जरूरतों के साथ-साथ सिंचाई मांग पूरी होने की उम्मीद है। हरियाणा के अधिकारियों ने बताया, उन्होंने 10300 क्यूसेक पानी की मांग रखी थी। बुधवार को करीब एक बजकर 35 मिनट पर लोहंद से दोपहर 1:35 बजे नांगल हाइडल चैनल में पानी बढ़ाना शुरू किया गया। 10300 क्यूसेक में से 3600 क्यूसेक पानी नरवाना शाखा में छोड़ा जाएगा। इससे जींद, भिवानी, रोहतक, झज्जर और दक्षिणी हरियाणा के जिलों की जरूरतों को पूरा किया जाएगा। वहीं, 6700 क्यूसेक पानी बरवाला लिंक चैनल के माध्यम से छोड़ा जाएगा, जो हिसार, सिरसा, फतेहाबाद की मांग को पूरा करेगा।