शानन प्रोजेक्ट पर आर-पार: पंजाब ने हिमाचल प्रदेश सरकार के दावे को बताया झूठ, कहा-हमारी संपत्ति है और रहेगा
शानन विद्युत परियोजना के मालिकाना अधिकार की कानूनी लड़ाई हिमाचल प्रदेश और पंजाब सरकार के बीच चल रही है। हिमाचल के डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री ने कहा था कि शानन प्रोजेक्ट हमारा है और पंजाब को इसका एक इंच भी हिस्सा नहीं देंगे।
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शानन प्रोजेक्ट पर हिमाचल प्रदेश सरकार के दावे पर आम आदमी पार्टी ने पलटवार किया है। आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता नील गर्ग ने कहा कि शानन प्रोजेक्ट पंजाब की संपत्ति है और रहेगा। हिमाचल सरकार का दावा झूठ और जिद पर आधारित है।
1925 में पंजाब ने इसका निर्माण किया। 99 साल तक संचालन पंजाब ने किया। पंजाब के पैसों और इंजीनियरों से ये प्रोजेक्ट बना। मामला सुप्रीम कोर्ट में पेंडिंग है। फिर भी हम एक इंच पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने कहा कि हिमाचल कांग्रेस के नेताओं का सिर्फ राजनीतिक ड्रामा है। पंजाब के अधिकार पर डाका नहीं चलेगा। इससे पहले हिमाचल के डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री ने कहा था कि शानन प्रोजेक्ट
हमारा है और पंजाब को इसका एक इंच भी हिस्सा नहीं देंगे।
99 साल की थी लीज
1925 में ऊहल नदी पर पनविद्युत परियोजना बनाने के लिए पंजाब को 99 साल के लिए भूमि लीज पर दी थी। इसके लिए तत्कालीन शासक राजा जोगिंद्र बहादुर और ब्रिटिश सरकार के प्रतिनिधि कर्नल बीसी बैटी के बीच लीज हुई। मार्च 2024 में यह लीज अवधि खत्म होने पर अब दोनों राज्य परियोजना पर स्वामित्व हासिल करने के लिए सर्वोच्च न्यायालय में दस्तक दे चुके हैं।