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कॉरिडोर खोलने की अरदास करने पहुंची संगत: बीएसएफ ने रोका, जमीन पर बैठ किया पाठ; क्या बोले गड़गज्ज?

Mon, 21 Sep 2026 10:32 PM IST
शाहिल शर्मा संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर
संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर Published by: शाहिल शर्मा Updated Mon, 21 Sep 2026 10:32 PM IST
सार

पाकिस्तान सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की ओर से गुरुद्वारा श्री दरबार साहिब, श्री करतारपुर साहिब से जीरो लाइन तक नगर कीर्तन लाया जा रहा था। नगर कीर्तन को भारतीय समयानुसार शाम करीब 5:30 बजे जीरो लाइन पर पहुंचना था।

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The BSF stopped the Sangat that had arrived to offer prayers for the opening of the corridor
जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज के साथ संगत - फोटो : संवाद

विस्तार

डेरा बाबा नानक श्री करतारपुर साहिब कॉरिडोर को जल्द खोलने की मांग को लेकर सोमवार शाम भारत-पाकिस्तान की सिख संगत की ओर से जीरो लाइन पर अरदास की जानी थी। इसके लिए पाकिस्तान स्थित गुरुद्वारा श्री दरबार साहिब, करतारपुर से नगर कीर्तन जीरो लाइन की ओर लाया जा रहा था। वहीं, भारत की ओर से भी बड़ी संख्या में संगत धार्मिक समागम में शामिल होने पहुंची थी। हालांकि जीरो लाइन से पहले बीएसएफ ने संगत को रोक दिया। इससे मौके पर रोष का माहौल बन गया। श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह भी संगत के साथ जीरो लाइन पर अरदास के लिए पहुंचे थे। दर्शन स्थल पर केवल पांच सिंहों के साथ अरदास करने की बात रखी गई थी, लेकिन उन्हें भी आगे जाने की अनुमति नहीं मिली। इसके बाद जत्थेदार संगत के साथ वहीं जमीन पर बैठ गए और रहिरास साहिब का पाठ शुरू कर दिया।
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संगत को रोकने पर जत्थेदार ने जताया रोष 
जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह ने कहा कि संगत श्री गुरु नानक देव जी के पवित्र स्थान श्री करतारपुर साहिब के दर्शन और कॉरिडोर जल्द खुलने की अरदास के लिए पहुंची थी। उन्होंने कहा कि संगत में बच्चे और आम श्रद्धालु भी शामिल थे। ऐसे में उन्हें जीरो लाइन की ओर जाने से रोकना श्रद्धालुओं की भावनाओं के लिए दुखद है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि कुछ लोगों को विशेष अनुमति दी जा सकती है तो आम संगत को धार्मिक कार्यक्रम के लिए आगे जाने की अनुमति क्यों नहीं दी जा रही। जत्थेदार ने कहा कि गुरु नानक देव जी के प्रति सिख संगत की आस्था किसी सीमा या दीवार से खत्म नहीं हो सकती।
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कॉरिडोर खोलने के लिए दोनों देशों की संगत ने करनी थी अरदास 
दरअसल, पाकिस्तान सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की ओर से गुरुद्वारा श्री दरबार साहिब, श्री करतारपुर साहिब से जीरो लाइन तक नगर कीर्तन लाया जा रहा था। नगर कीर्तन को भारतीय समयानुसार शाम करीब 5:30 बजे जीरो लाइन पर पहुंचना था। भारत और पाकिस्तान की सिख संगत की ओर से अपने-अपने हिस्से में रहिरास साहिब के पाठ, गुरबाणी कीर्तन और आरती के बाद कॉरिडोर जल्द खोलने के लिए अरदास की जानी थी। इस धार्मिक समागम का उद्देश्य श्री करतारपुर साहिब कॉरिडोर को जल्द खोलने की मांग को दोनों देशों की संगत की धार्मिक भावना के रूप में सामने रखना था। जत्थेदार की ओर से डेरा बाबा नानक और सीमावर्ती क्षेत्र की संगत से भी बड़ी संख्या में पहुंचने की अपील की गई थी।

जत्थेदार ने केंद्र सरकार से सिख संगत की धार्मिक भावनाओं को समझते हुए कॉरिडोर को लेकर सकारात्मक कदम उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि इस मामले को लेकर केंद्र सरकार और संबंधित विभागों के साथ पत्राचार किया जाएगा। साथ ही संगत को पेश आ रही दिक्कतों के स्थायी समाधान की मांग भी उठाई जाएगी।
 
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