Sukhdev Dhindsa Funeral: पैतृक गांव उभावाल में ढींडसा का अंतिम संस्कार, बेटों ने दी मुखाग्नि, पूरा इलाका गमगीन
शिअद के वरिष्ठ नेता व पूर्व केंद्रीय मंत्री सुखदेव सिंह ढींडसा का बुधवार को 89 साल की उम्र में निधन हो गया था। वह मोहाली फोर्टिस अस्पताल में भर्ती थे। ढींडसा लंबे समय से बीमार चल रहे थे।
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शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के वरिष्ठ नेता व पूर्व केंद्रीय मंत्री सुखदेव सिंह ढींडसा का अंतिम संस्कार संगरूर में उनके पैतृक गांव उभावल में किया गया। अकाली विचारधारा का विदेशों तक में प्रसार करने वाले सुखदेव सिंह ढींडसा की जिंदगी व सियासत के सफर का अंत उसी गांव उभावाल में हुआ जहां से उन्होंने ये सफर शुरू किया था। जद्दी गांव की मिट्टी में खेलने वाले ढींडसा इसी मिट्टी में समा गए। इस दौरान उभावाल ही नहीं बल्कि समूचा इलाका गमगीन था।
गांव के एक बुजुर्ग ने बताया कि सुखदेव सिंह ढींडसा का शुरुआती जीवन गांव में गुजरा और गांव के पुराने बोहड़ के पेड़ के नीचे खड़े होकर उन्होंने पहली बार गांव के लोगों से वोट मांगे थे। ढींडसा के घर से निकली शव यात्रा सुनाम के उभावाल में पहुंची। ढींडसा के बेटे परमिंदर सिंह ढींडसा और चिराग ढींडसा ने मुखाग्नि दी।
इससे पहले सरकार की ओर से पुलिस की टुकड़ी ने स्वर्गीय ढींडसा को सलामी दी गई। इस मौके पर एसजीपीसी अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी, अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल, अभय चौटाला, पूर्व सांसद परनीत कौर, मनप्रीत सिंह बादल, कैबिनेट मंत्री हरपाल चीमा, कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा, कैबिनेट मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर, सांसद मीत हेयर, मनोरंजन कालिया, सांसद मालविंदर सिंह कंग, प्रोफेसर प्रेम सिंह चंदूमाजरा, कांग्रेस के नेता विजयइंदर सिंगला, आदेश परताप सिंह कैरों, बरजिंदर सिंह हमदर्द, विधायक मनप्रीत सिंह अयाली, विक्रम सिंह मजीठिया, गुरप्रताप सिंह वडाला, इक़बाल सिंह चूंदा, गोबिंद सिंह लोंगोवाल, संता सिंह उमेदपुरी, कुलभूषण गोयल आदि ने श्रद्धांजलि अर्पित की। अकाल तख्त साहिब के पूर्व जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने अरदास की ।
पूरा पंजाब गमगीन, पार्टी को अपूरणीय क्षति- बादल
सुखबीर सिंह बादल ने कहा कि सुखदेव सिंह ढींडसा के निधन से पंजाब गमगीन है। वे जमीनी नेता थे और पार्टी व पंथ के लिए लंबा संघर्ष किया था। उनके पिता स्वर्गीय प्रकाश सिंह बादल के नजदीकी साथी रहे थे। उनके निधन से पंजाब और पार्टी को अपूरणीय क्षति हुई है।