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पंजाब में कुत्तों का आतंक: इस साल 2.5 लाख लोगों को काटा; एक दिन में डॉग बाइट के 900 से ज्यादा केस

Sun, 09 Nov 2025 12:05 PM IST
अंकेश ठाकुर राजिंद्र शर्मा, चंडीगढ़
राजिंद्र शर्मा, चंडीगढ़ Published by: अंकेश ठाकुर Updated Sun, 09 Nov 2025 12:05 PM IST
सार

पंजाब में लावारिस कुत्तों का खूब आतंक है। सूबे में कुत्तों के काटने के मामले लगातर बढ़ रहे हैं। इसको लेकर जो रिपोर्ट सामने आई है वह चौंकाने वाली है। इस साल (वर्ष 2025) में सितंबर माह तक 2.5 लाख लोगों को कुत्तों ने काटा है। 

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Stray Dog menace in Punjab 2.5 lakh people bitten this year
Rottweiler dog attack - फोटो : AI

विस्तार

पंजाब में लावारिस कुत्तों का आतंक बढ़ता जा रहा है। प्रदेश में इस साल सितंबर तक ही कुत्तों के काटने (डॉग बाइट) के ढाई लाख मामले सामने आ चुके हैं। हर रोज 900 से अधिक मामले रिपोर्ट किए जा रहे हैं जो चिंताजनक हैं। सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बीच इन ताजा आंकड़ों ने सभी को चौंका दिया है। कई मामलों में यह जानलेवा भी बन रहा है।

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सरकारी रिपोर्ट के अनुसार पहले के मुकाबले इन मामलों में बढ़ोतरी हो रही है। वर्ष 2024 में लावारिस कुत्तों के काटने के 2.13 लाख मामले रिपोर्ट किए गए थे। इस तरह सितंबर तक ही पिछले साल से अधिक मामले सामने आ जा चुके हैं। पिछले छह साल का रिकार्ड चैक करें तो हर साल ही इसमें बढ़ोतरी होती जा रही है।
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वर्ष 2023 में 2.02 लाख मामले सामने आए थे जबकि वर्ष 2022 में 1.65 लाख रिपोर्ट किए गए थे। इसी तरह वर्ष 2021 में डॉग बाइट के 1.26 लाख और वर्ष 2020 में 1.10 लाख केस सामने आए थे। पंजाब सरकार ने लावारिस कुत्तों की नसंबदी के लिए अभियान चला रही है। साथ ही एंटी रैबीज वैक्सीन भी उपलब्ध करवाई जा रही है।
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राष्ट्रीय रेबीज नियंत्रण कार्यक्रम के जिला प्रोग्राम ऑफिसर डॉ. सुमीत सिंह ने बताया कि अगर किसी भी व्यक्ति को लावारिस कुत्ता काटता है तो तुरंत टीकाकरण करवाया जाना चाहिए। लेवल थ्री बाइट मामले में सीरम भी लगाया जाता है। सभी आम आदमी क्लीनिकों पर भी इलाज शुरू हो गया है जिस कारण अब पहले से कुत्तों के काटने के अधिक मामले रिपोर्ट आ रहे हैं। पहले अधिकतर लोग निजी अस्पतालों व क्लीनिकों में इलाज के लिए चले जाते थे। सिर्फ उन्हीं मामलों में यह जानलेवा होता है जहां लोग लापरवाही बरतते हैं और इलाज नहीं करवाते हैं।

इन जिलों में सबसे अधिक मामले आए सामने
अमृतसर में डॉग बाइट के सबसे अधिक मामले सामने आए हैं और जिले में इस साल सितंबर माह तक अमृतसर 40,331 मामले रिपोर्ट किए गए हैं। इसी तरह दूसरे नंबर लुधियाना में 27,701 सामने आए हैं। इसके अलावा पटियाला में 18,047, जालंधर 16,849 और मोहाली में 15,091 मामले सामने आए हैं। इसी तरह बाकी जिलों में पिछले कुछ समय से मामलों में बढ़ोतरी हो रही है।

लोगों की जान भी ले रहा रैबीज
प्रदेश में रैबीज से लोगों की जान भी जा रही है। चार महीने पहले पठानकोट में हलका सुजानपुर के अधीन आते गांव मेहरां में पालतू कुत्ते के काटने से मां और नाबालिग बेटी की मौत हो गई थी। मां-बेटी को पालतू कुत्ते ने काटा था उसके बीस दिन बाद ही कुत्ता मर गया था। इसके दो माह बाद ही मां बेटी की भी मौत हो गई थी। इसी तरह कुछ साल पहले लुधियाना में भी एक मामला सामने आया था जिसमें कुत्ते के काटने के एक माह बाद बच्चे की मौत हो गई थी। बच्चे ने घरवालों से यह बात छिपा ली थी। कुछ दिन बाद उसकी हालत बिगड़ गई। अस्पताल ले जाते वक्त बच्चे ने दम तोड़ दिया था।

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