पराली जलाने पर जुर्माना दोगुना: शिअद नेता चीमा बोले- यह समाधान नहीं, पॉल्यूशन सीरियस प्रॉब्लम, बताया फार्मूला
पराली जलाने के मुद्दे पर शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के नेता दलजीत सिंह चीमा का कहना है कि सिर्फ जुर्माना लगाने से काम नहीं चलेगा, यह कोई समाधान नहीं है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बढ़ते प्रदूषण को लेकर केंद्र सरकार ने पराली जलाने वाले किसानों पर जुर्माना दोगुना कर दिया है। पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और यूपी में जुर्माने की राशि को दोगुना किया गया है। वहीं, पराली जलाने के मुद्दे पर शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के नेता दलजीत सिंह चीमा का कहना है कि सिर्फ जुर्माना लगाने से काम नहीं चलेगा, यह कोई समाधान नहीं है। मूल बात यह है कि किसान को पराली क्यों जलानी पड़ती है।
चीमा ने कहा कि पॉल्यूशन एक सीरियस प्रॉब्लम है। जुर्माना बढ़ाने से बात नहीं बनेगी और न ही यह समस्या का हल है। किसानों को आर्थिक मदद और मशीनरी मिलनी चाहिए, ताकि वह उन्हें पराली न जलानी पड़ी। चीमा का मानना है कि अगर किसानों की फाइनेंशियल हेल्प जाए और उन्हें सभी तरह की मशीनरी उपलब्ध कराई जाए तो इस समस्या पर कुछ हद तक काबू पाया जा सकता है। वहीं, चीमा ने कहा कि कई योजनाएं कागजों में ही बनती है, लेकिन धरातल पर उन्हें लागू नहीं किया जाता।
#WATCH | Chandigarh | On stubble burning issue, SAD leader Daljit Singh Cheema says, "Just levying fines will not do, it is not a solution. The basic thing is why the farmer has to burn stubble. Farmers should get financial help and machinery..." pic.twitter.com/nxuUdpQNE5
— ANI (@ANI) November 7, 2024
बता दें कि केंद्र सरकार की तरफ से नए नियमों के अनुसार अब पराली जलाने पर किसानों को दो गुना जुर्माना अदा करना पड़ेगा। 2 से 5 एकड़ तक 10 हजार रुपये और 5 एकड़ से ज्यादा जमीन वाले किसान से 30 हजार रुपये जुर्माना वसूला जाएगा।