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जल विवाद: पंजाब ने बनाया पानी के इस्तेमाल का प्लान, 15 दिन पहले शुरू हो रही धान की बुआई पर होगा खर्च
Wed, 07 May 2025 03:31 PM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Wed, 07 May 2025 03:31 PM IST
सार
प्रदेश में 117 ब्लॉक डार्क जोन में हैं। सीएम ने कहा कि राज्य सरकार नहरी पानी योजना के तहत किसानों के खेत तक पानी पहुंचाने के लिए नहरों, रजवाहों और पाइपें डालकर किसानों के खेत तक पानी पहुंचाने का काम कर रही है।
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Punjab water dispute
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
पंजाब-हरियाणा जल विवाद के बीच मान सरकार ने 20 मई को समाप्त हो रहे मौजूदा सर्कल में बचे हुए 11 फीसदी पानी को इस्तेमाल करने का प्लान बनाया है।
सीएम भगवंत मान ने बताया कि इस बार पंजाब में 15 दिन पहले धान की बुआई होने जा रही है। धान की बुआई जो 15 जून से शुरू होती थी, इस बार 1 जून से शुरू होगी। इस सर्कल में उसका जो 11 फीसदी पानी बचा है, वह उसे धान की खेती में इस्तेमाल करेगा। हालांकि नया सर्कल 21 मई, 2025 से शुरू हो जाएगा। इसके अलावा धान की खेती शुरू होने से पहले पंजाब के टेल एंड यानी खासकर बॉर्डर बेल्ट पर लगते राज्यों में पानी की बड़ी किल्लत है।
सीएम मान ने मीडिया से बातचीत में यह तर्क भी दिया कि राज्य में नरमे की खेती के लिए भी पानी चाहिए होता है। नरमे की बुवाई अप्रैल के मध्य से शुरू हो जाती है, जो 15 से 20 मई तक चलती है, ऐसे में नरमे की खेती के लिए इस भी 11 फीसदी पानी में से उपयोग किया जा रहा है।
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सीएम भगवंत मान ने बताया कि इस बार पंजाब में 15 दिन पहले धान की बुआई होने जा रही है। धान की बुआई जो 15 जून से शुरू होती थी, इस बार 1 जून से शुरू होगी। इस सर्कल में उसका जो 11 फीसदी पानी बचा है, वह उसे धान की खेती में इस्तेमाल करेगा। हालांकि नया सर्कल 21 मई, 2025 से शुरू हो जाएगा। इसके अलावा धान की खेती शुरू होने से पहले पंजाब के टेल एंड यानी खासकर बॉर्डर बेल्ट पर लगते राज्यों में पानी की बड़ी किल्लत है।
117 ब्लाॅक डार्क जोन में
प्रदेश में 117 ब्लॉक डार्क जोन में हैं। सीएम ने कहा कि राज्य सरकार नहरी पानी योजना के तहत किसानों के खेत तक पानी पहुंचाने के लिए नहरों, रजवाहों और पाइपें डालकर किसानों के खेत तक पानी पहुंचाने का काम कर रही है। ऐसे में इस बार धान की सीजन में सरकार का प्रयास रहेगा कि अपने बचे हुए 11 फीसदी पानी से उन ब्लाॅक व हलकों को भी पानी पहुंचाया जाए, जहां भू जल संकट सर्वाधिक है।
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सीएम मान ने मीडिया से बातचीत में यह तर्क भी दिया कि राज्य में नरमे की खेती के लिए भी पानी चाहिए होता है। नरमे की बुवाई अप्रैल के मध्य से शुरू हो जाती है, जो 15 से 20 मई तक चलती है, ऐसे में नरमे की खेती के लिए इस भी 11 फीसदी पानी में से उपयोग किया जा रहा है।
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