उच्च शिक्षा में पंजाब आगे: छात्र-शिक्षक अनुपात राष्ट्रीय औसत से बेहतर, एआईएसएचई ने जारी किए आंकड़े
पंजाब की उच्च शिक्षा व्यवस्था को बड़ी उपलब्धि मिली है। सर्वेक्षण के अनुसार सभी नियमित उच्च शिक्षण संस्थानों में पंजाब का छात्र-शिक्षक अनुपात 16 है जबकि राष्ट्रीय औसत 22 है।
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रिपोर्ट के मुताबिक हरियाणा में छात्र-शिक्षक अनुपात 22, हिमाचल प्रदेश में 23, चंडीगढ़ में 21, दिल्ली और जम्मू-कश्मीर में 20-21 है। उत्तर प्रदेश में यह अनुपात 33, राजस्थान में 25 और उत्तराखंड में 22 है। इस लिहाज से पंजाब में प्रति शिक्षक छात्रों की संख्या कम होने से छात्रों को अपेक्षाकृत अधिक शैक्षणिक मार्गदर्शन मिलने की संभावना रहती है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि छात्र-शिक्षक अनुपात शिक्षा की गुणवत्ता का महत्वपूर्ण पैमाना है। बेहतर अनुपात से शिक्षकों का अधिक ध्यान रहता है जिससे उनकी कमजोरियां दूर करने और सीखने की क्षमता बढ़ाने में मदद मिलती है। नियमित और दूरस्थ शिक्षा दोनों को मिलाकर भी पंजाब का छात्र-शिक्षक अनुपात 18 है जबकि राष्ट्रीय औसत 25 है।
दाखिले में भी पंजाब की स्थिति मजबूत उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रवेश के मामले में बेहतर रही है।
सरकारी और निजी संस्थानों को मिलाकर प्रदेश में 5,31,335 छात्रों ने दाखिला लिया। हरियाणा में यह संख्या 6,91,081 रही जबकि हिमाचल प्रदेश में 1,92,022 और जम्मू-कश्मीर में 1,82,278 छात्रों ने प्रवेश लिया। राजस्थान में 18,65,750, उत्तराखंड में 2,40,685 और उत्तर प्रदेश में 60,16,884 छात्रों ने उच्च शिक्षा में दाखिला लिया। कुल संख्या के लिहाज से उत्तर प्रदेश सबसे आगे रहा।
उच्च शिक्षा में बेटियां आगे
सर्वेक्षण के अनुसार उच्च शिक्षा में दाखिला लेने में बेटियां लड़कों से आगे हैं। स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में 65,812 छात्राओं ने प्रवेश लिया जबकि छात्रों की संख्या 56,609 रही। पीएचडी में 7,246 छात्राओं और 5,444 छात्रों ने दाखिला लिया। एमफिल में 18 छात्राओं ने प्रवेश लिया जबकि किसी भी छात्र ने दाखिला नहीं लिया। डिप्लोमा में 56,113 छात्राओं और 42,865 छात्रों ने प्रवेश लिया। वहीं, पीजी डिप्लोमा में 3,024 छात्राओं और 2,717 छात्रों ने दाखिला लिया। आंकड़े बताते हैं कि उच्च शिक्षा में बेटियां लगातार आगे बढ़ रही हैं।