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PSPCL की प्रॉपर्टी नहीं बिकेगी: हाईकोर्ट ने लगाई रोक, चंडीगढ़ निवासी की याचिका पर पंजाब सरकार से मांगा जवाब
Fri, 20 Feb 2026 08:03 PM IST
अंकेश ठाकुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: अंकेश ठाकुर
Updated Fri, 20 Feb 2026 08:03 PM IST
सार
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब स्टेट पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (पीएसपीसीएल) की संपत्तियां बेचने पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है। हाईकोर्ट ने साफ कहा है कि अगला आदेश आने तक कोई भी संपत्ति नहीं बेची जाएगी।
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high court
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
पंजाब स्टेट पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (पीएसपीसीएल) की सार्वजनिक संपत्तियों को बेचने पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने अगले आदेश तक रोक लगा दी है। जनहित याचिका में आरोप लगाया गया था कि सरकारी विभागों पर लंबित भारी बिजली बकाया की भरपाई के लिए निगम की परिसंपत्तियों को बेचने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
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चंडीगढ़ निवासी राजबीर सिंह ने बताया कि अगस्त 2025 तक पंजाब सरकार के विभिन्न विभागों पर पीएसपीसीएल का कुल बकाया 2,582 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। इसके अतिरिक्त बिजली सब्सिडी के मद में राज्य सरकार पर 10 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि लंबित बताई गई है।
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याचिकाकर्ता का आरोप है कि इस वित्तीय दबाव को संतुलित करने के लिए निगम की मूल्यवान सार्वजनिक संपत्तियों को बेचने की कोशिश की जा रही है जो जनहित के प्रतिकूल है। सर्वाधिक बकाया वाटर सप्लाई एवं सैनिटेशन विभाग, स्थानीय निकाय विभाग, ग्रामीण विकास एवं पंचायत विभाग तथा स्वास्थ्य विभाग पर है। याचिकाकर्ता ने दलील दी कि जब स्वयं सरकारी विभाग नियमित रूप से बिजली बिल का भुगतान नहीं कर रहे हैं, तब सार्वजनिक उपक्रम की संपत्तियां बेचकर घाटा पूरा करना अनुचित और विधि-विरुद्ध है।
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याचिकाकर्ता ने न्यायालय से मांग की कि डिफॉल्टर विभागों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करते हुए उनके बिजली कनेक्शन काटे जाने के निर्देश दिए जाएं तथा राज्य सरकार को लंबित बिल और सब्सिडी की राशि का तत्काल भुगतान सुनिश्चित करने का आदेश दिया जाए। साथ ही, पीएसपीसीएल की संपत्तियों की किसी भी प्रकार की बिक्री पर तत्काल रोक लगाने की भी प्रार्थना की गई।