Punjab: केंद्र से फंड जारी कराने के लिए पंजाब सरकार करा रही ऑडिट, एनएचएम के तहत खर्च का सौंपा ब्योरा
नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) के तहत ऑडिट का काम पूरा कर लिया है और साथ ही पहली किस्त का उपयोगिता प्रमाण पत्र भी केंद्र सरकार को भेज दिया गया है। अब केंद्र से अगली किस्त जारी करने की मांग की गई है।
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पंजाब सरकार पिछले काफी समय से केंद्र सरकार पर फंड जारी न करने का आरोप लगाती रही है। केंद्र फंड जारी करने के लिए राज्य सरकार से उपयोगिता प्रमाण पत्र भी मांग चुकी है। यही कारण है कि अब सरकार की तरफ से रुका हुआ फंड जारी कराने के लिए ऑडिट कराया जा रहा है।
नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) के तहत ऑडिट का काम पूरा कर लिया है और साथ ही पहली किस्त का उपयोगिता प्रमाण पत्र भी केंद्र सरकार को भेज दिया गया है। अब केंद्र से अगली किस्त जारी करने की मांग की गई है।
पहली किस्त के 123 करोड़ रुपये केंद्र सरकार ने जारी किए थे। ढाई साल बाद यह राशि जारी की गई थी, क्योंकि केंद्र सरकार ने आरोप लगाया था कि एनएचएम फंड का दुरुपयोग करके पंजाब में आम आदमी पार्टी क्लीनिक खोले गए। अब केंद्र व राज्य सरकार की बीच सहमति बनी कि राज्य सरकार इस योजना में केंद्र की ब्रांडिंग करेगा, जिसके बाद ही रुकी हुई राशि जारी की गई है।
सरकार की तरफ से सबमिट उपयोगिता प्रमाण पत्र के अनुसार 91.89 लाख रुपये की राशि उनके पास पहले से थी। केंद्र ने 123.13 करोड़ रुपये जारी किए। राज्य ने अपना 450 करोड़ का शेयर जारी किया।
इसी तरह उनके पास करीब 665 करोड़ रुपये का कुल फंड था, जिसमें से 517 करोड़ रुपये खर्च कर दिए गए हैं। इस तरह कुल 77.98 प्रतिशत राशि राज्य की तरफ से खर्च की गई है। योजना के तहत राज्य सरकार के लिए केंद्र व राज्य के कुल शेयर की 75 प्रतिशत राशि खर्च करनी अनिवार्य होती है, तभी जाकर केंद्र की तरफ से आगे की राशि जारी की जाती है। राज्य ने केंद्र को ऑडिट रिपोर्ट भी भेज दी है। इसके साथ ही वर्ष 2024-25 के लिए स्टेट हेल्थ सोसाइटी को किस्त जारी करने की मांग की गई है, ताकि वह आगे काम शुरू कर सके।
इसी तरह केंद्र की तरफ से रूरल डेवलपमेंट फंड के 8000 करोड़ रुपये भी जारी नहीं किए गए हैं और मंडी बोर्ड की तरफ से ऑडिट करके केंद्र को इसकी मांग भेज दी गई है। इसके अलावा स्पेशल असिस्टेंट योजना के तहत 300 करोड़ भी केंद्र से मांगे गए हैं।
पीएम श्री के तहत 126 करोड़ व समग्र शिक्षा की भी मांगी तीसरी ग्रांट
पंजाब ने केंद्र सरकार को पत्र लिखकर पीएम श्री योजना के तहत 126 करोड़ रुपये की राशि जारी करने की भी मांग की है। योजना के तहत प्रदेश के 233 स्कूलों को चुना गया था। इसके लिए केंद्र सरकार की तरफ से 126 करोड़ रुपये जारी किए जाने थे, लेकिन अभी तक यह राशि जारी नहीं की गई है। अब शिक्षा विभाग ने केंद्र के समक्ष यह मामला उठाया है। योजना के तहत स्कूलों के विद्यार्थियों को फर्नीचर, आउटडोर खेल सामग्री, स्मार्ट कक्षाएं और कंप्यूटर लैब सहित सारी सुविधाएं दी जाएंगी। इसी तरह राज्य सरकार ने समग्र शिक्षा योजना के तहत भी तीसरी ग्रांट जारी करने की मांग की है। इससे पहले केंद्र सरकार 260-260 करोड़ रुपये की दो ग्रांट जारी कर चुकी है।