युवाओं को खेलों से जोड़ेगी सरकार: बॉर्डर एरिया के युवाओं को नशे के दलदल से निकालने के लिए टू टायर प्लान तैयार
विभाग के सर्वे में सामने आया था कि बॉर्डर एरिया के युवा कौशल से निपुण होने के बाद नौकरी के लिए अपना शहर व गांव छोड़ने के लिए तैयार नहीं है। यही कारण है कि इन युवाओं के लिए स्थानीय स्तर पर ही नौकरियों के अवसर पैदा किए जाएंगे।
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पंजाब सरकार ने नशे के खिलाफ पूरे प्रदेश में युद्ध छेड़ रखा है। साथ ही बॉर्डर एरिया के युवाओं को नशे से निकालने के लिए टू टायर प्लान तैयार किया है। खेल विभाग ने यूथ पॉलिसी तैयारी की है, जिसके तहत युवाओं में खेल व एडवेंचर गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा।
इस काम के लिए गांव, स्कूल व कॉलेज स्तर पर यूथ क्लब तैयार किए जाएंगे और युवाओं के ग्रुप को एडवेंचर एक्टिविटीज के लिए दूसरे राज्यों में भेजा जाएगा। साथ ही पंजाब कौशल विकास मिशन रोजगार के अवसर पैदा करने के लिए कंपनियों के साथ टाईअप कर रहा है। अमृतसर से इसकी शुरुआत कर दी गई है और जल्द ही बॉर्डर के बाकी जिलों फिरोजपुर, गुरदासपुर और तरनतारन में भी इसे लागू किया जाएगा।
विभाग के सर्वे में सामने आया था कि बॉर्डर एरिया के युवा कौशल से निपुण होने के बाद नौकरी के लिए अपना शहर व गांव छोड़ने के लिए तैयार नहीं है। यही कारण है कि इन युवाओं के लिए स्थानीय स्तर पर ही नौकरियों के अवसर पैदा किए जाएंगे। यूथ पॉलिसी के लिए खेल विभाग ने 18 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है, जिसे वित्त विभाग ने मंजूरी दे दी है। पॉलिसी के पहले चरण में 20 हजार युवाओं को राजधानी दिल्ली व दूसरे राज्यों के टूर पर निशुल्क भेजा जाएगा। इससे युवाओं को दूसरे राज्यों का कल्चर जानने में मदद मिलेगी। साथ ही उनको नशे से भी दूर रखा जा सकेगा।
इसी तरह पहाड़ों में हाइकिंग व ट्रेकिंग एक्टिविटीज का आयोजन किया जाएगा। इन गतिविधियों के लिए हर यूथ क्लब को प्रत्येक युवा के लिए 4 हजार रुपये खर्च दिया जाएगा। एक आईटी प्लेटफार्म तैयार किया जाएगा, जिसमें विभाग सभी यूथ क्लब की गतिविधियों की निगरानी करेगा। यूथ क्लब की तरफ से गांवों में खेल टूर्नामेंट का आयोजन किया जाएगा। नशामुक्ति के लिए कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। साथ ही व्यावसायिक प्रशिक्षण केंद्र भी चलाए जाएंगे। सरकार कॉरपोरेट सेक्टर से समन्वय भी करेगी, ताकि वह सीएसआर फंंड का उपयोग यूथ क्लब के साथ मिलकर करें।
125 ट्रेनिंग पार्टनर व 21 इंडस्ट्री से मिलाया हाथ
पंजाब कौशल विभाग मिशन ने युवाओं को कौशल से निपुण करने के लिए 125 ट्रेनिंग पार्टनर के साथ हाथ मिलाया है। साथ ही 21 इंडस्ट्री के साथ भी टाईअप किया है। ट्रेनिंग सहयोगियों की तरफ से पहले युवाओं को अलग-अलग पेशेवर कोर्स करवाए जाते हैं, जिसके बाद ही इनकी ट्रेनिंग पूरी करवाकर उनको इंडस्ट्री व कंपनियों में नौकरी दिलाने में मदद की जाती है।
अमृतसर में एमएस कोचर टेक से टाईअप किया गया है, जो युवाओं को स्थानीय स्तर पर ही रोजगार प्रदान कर रही है। बॉर्डर के बाकी तीन जिलों में भी विभाग की तरफ से अब काम शुरू किया जाएगा। यहां अब तक 900 युवाओं को कोर्स कराया गया। 682 युवाओं का प्रशिक्षण के लिए पंजीकरण किया गया है, जिसमें से 303 युवाओं को अब तक नौकरी दी जा चुकी है।
पंजाब में तीन साल में पकड़ी गई भारी मात्रा में ड्रग्स
पिछले कुछ सालों से पंजाब में नशे की तस्करी बढ़ती जा रही है। तीन सालों में प्रदेश में भारी मात्रा में ड्रग्स पकड़ी गई है। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो की रिपोर्ट के अनुसार पंजाब से वर्ष 2020 में 37364.676 किलो, 2021 में 38783.17 किलो और वर्ष 2022 में 49421.858 किलो ड्रग्स पकड़ी गई है। इसमें अफीम, कैनाबिस आधारित ड्रग्स, कोकीन, औषधीय तैयारियों से के अलावा अन्य तरह की ड्रग्स शामिल है।