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पंजाब में निशाने पर थाने: देश विरोधी संगठनों को मजबूत करने के लिए किए जा रहे धमाके, इस सबके पीछे बड़ी साजिश

Thu, 19 Dec 2024 01:05 PM IST
निवेदिता वर्मा विशाल पाठक, अमर उजाला, चंडीगढ़
विशाल पाठक, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Thu, 19 Dec 2024 01:05 PM IST
सार

पंजाब ने आतंकवाद के खिलाफ लंबे समय तक जंग लड़ी है। प्रदेश के शांतिपूर्ण माहौल को खराब कर ये आतंकी संगठन देश की छवि को खराब कर विदेश में बैठे अपने हैंडलर्स के लिए बड़े स्तर पर फंडिंग के रास्ते खोलने में जुटे हैं।

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Police stations are target in Punjab Blasts carried out to strengthen anti-national organization
पंजाब के थानों पर हमले - फोटो : फाइल

विस्तार

पंजाब में बीते 25 दिनों में छह बड़े आतंकी हमलों को अंजाम दिया गया है। इन सभी आतंकी हमलों में पुलिस थानों को निशाने पर लिया गया है। 

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पंजाब पुलिस की प्राथमिक जांच में इस बात की भी पुष्टि हो गई है कि इनके पीछे पाकिस्तानी एजेंसी आईएसआई और खालिस्तानी आतंकी संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल (बीकेआई), खालिस्तान टाइगर फोर्स (केटीएफ), केजेडएफ व अन्य संगठनों का हाथ है।
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पंजाब डीजीपी गौरव यादव का मानना है कि भारत के खिलाफ लगातार साजिशें रची जा रही हैं। इन साजिशों के अंजाम देने के लिए पंजाब को टारगेट किया जा रहा है। पंजाब ने आतंकवाद के खिलाफ लंबे समय तक जंग लड़ी है। प्रदेश के शांतिपूर्ण माहौल को खराब कर ये आतंकी संगठन देश की छवि को खराब कर विदेश में बैठे अपने हैंडलर्स को बड़े स्तर पर फंडिंग के रास्ते खोलने में जुटे हैं। यहां तक कि थानों पर हुए ग्रेनेड हमलों के पीछे के मकसद को जानने में जुटे जांच अधिकारियों की मानें तो कनाडा, अमेरिका, न्यूजीलैंड, फिलीपींस और अन्य देश में कई ऐसे संगठन ऐसे हैं जो न केवल विदेश में भारत के खिलाफ षड्यंत्रों को रचने में जुटे हैं, बल्कि अपने मूवमेंट को जिंदा रखने के लिए भारत में खासकर पंजाब में इस प्रकार के हमलों को अंजाम देते हैं।

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ऐसे हमलों से खुलते हैं फंडिंग के रास्ते

पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि न्यूजीलैंड, कनाडा और अन्य देश में जिस प्रकार से भारत के खिलाफ खुले तौर पर कुछ खालिस्तानी व आतंकी संगठन प्रदर्शन या मूवमेंट चलाकर अपना विरोध जाहिर करते रहते हैं, इस प्रकार के मूवमेंट को बड़े स्तर पर अंजाम देने के लिए और भारत में भी इसका असर बना रहा, इसके लिए फंडिंग की जरूरत पड़ती है। तमाम संगठनों व देशों से खालिस्तानी संगठनों को फंडिंग होती रहे, इसके लिए भी कई बार ऐसे हमले कराए जाते हैं। हालांकि पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है। अधिकारी ने बताया कि थानों पर ग्रेनेड हमलों की आड़ में किसी बड़ी घटना को भी अंजाम देना मकसद हो सकता है।

पंजाब में स्लीपर सेल्स एक्टिव किए जा रहे-पूर्व डीजीपी शशि कांत

पंजाब कैडर के 1977 बैच के पूर्व आईपीएस एवं पंजाब के पूर्व डीजीपी शशि कांत बताते हैं कि थानों पर जो हैंड ग्रेनेड हमले हुए हैं, उनमें देखने को मिला है कि इन हैंड ग्रेनेड के फटने से कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ है। इन विस्फोटकोंं की मार क्षमता अधिक नहीं थी, जिससे यह स्पष्ट होता है कि यह पुराने हैंड ग्रेनेड थे और कहीं दबे या किसी जगह पर लंबे समय से पड़े रहे होंगे, जिनका इस्तेमाल कुछ ग्रुप थानों को टारगेट कर डर का माहौल बनाना चाहता हैं। वैसे सही तथ्य तभी पता चल सकते हैं जब इन थानों में हुए ग्रेनेड हमलों या बरामद हुए आईईडी की फॉरेंसिक जांच करा पता लगाया जाए कि यह कब के बने हुए हैं या इनका मॉडल क्या है। बड़ा दावा करते हुए पूर्व डीजीपी ने कहा कि आतंकवाद का दौर देखा जाए तो इस प्रकार के हमले आतंकी संगठन अपने स्लीपर सेल्स को एक्टिव करने के लिए भी करवाते थे। हो सकता है अपने स्लीपर सेल्स को एक्टिव कर इस प्रकार के हमले के जरिये आने वाले दिनों में किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने के लिए तैयार किया जा रहा हो।

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