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बिक्रम मजीठिया को राहत नहीं: हाईकोर्ट ने रिमांड का नया आदेश सौंपने का आदेश दिया, आज फिर होगी सुनवाई
Thu, 03 Jul 2025 09:09 PM IST
अंकेश ठाकुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: अंकेश ठाकुर
Updated Thu, 03 Jul 2025 09:09 PM IST
सार
आय से अधिक संपत्ति मामले में विजिलेंस द्वारा गिरफ्तार किए गए शिअद नेता बिक्रम मजीठिया को पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट से भी राहत नहीं मिली है। याचिका में मजीठिया ने कहा है कि उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर और गिरफ्तारी राजनीतिक प्रतिशोध की साजिश है।
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बिक्रम मजीठिया को गिरफ्तार कर ले जाते पुलिसकर्मी
- फोटो : वीडियो ग्रैब
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विस्तार
शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के वरिष्ठ नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया ने की गिरफ्तारी और रिमांड को अवैध बताते हुए दाखिल याचिका पर वीरवार को उन्हें कोई राहत नहीं मिल पाई।
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वीरवार को सुनवाई के दौरान जस्टिस त्रिभुवन दहिया की पीठ ने मजीठिया के वकील को ताजा रिमांड आदेश पेश करने के लिए एक दिन का समय दे दिया। हाईकोर्ट में शुक्रवार को इस याचिका पर सुनवाई होगी। याचिका में मजीठिया ने कहा है कि उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर और गिरफ्तारी राजनीतिक प्रतिशोध की साजिश है, जिसे मौजूदा सरकार की ओर से उन्हें बदनाम और परेशान करने के उद्देश्य से अंजाम दिया गया।
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उन्होंने इसे राजनीतिक बदला और उत्पीड़न बताया। मजीठिया ने कहा कि 25 जून को मोहाली स्थित विजिलेंस ब्यूरो थाने में दर्ज एफआईआर न केवल अवैध है, बल्कि उसी दिन सुबह उनके आवास से की गई गिरफ्तारी भी तय कानूनी प्रक्रियाओं का उल्लंघन है।
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उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें सुबह 9:00 से 11:20 बजे तक अवैध रूप से हिरासत में रखा गया, जबकि उनकी औपचारिक गिरफ्तारी 11:20 बजे दिखाई गई। यह भारतीय संविधान के अनुच्छेद 22(2) और बीएनएसएस की धारा 187 का उल्लंघन है। याचिका में कहा गया है कि जांच एजेंसी की ओर से दायर की गई रिमांड अर्जी में कोई ठोस या तात्कालिक गिरफ्तारी का कारण नहीं है।