{"_id":"679357b8d2b846541b007ea5","slug":"membership-campaign-to-connect-50-lakh-people-with-shiromani-akali-dal-in-punjab-2025-01-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"नए सिरे से शिअद की किलेबंदी में जुटे सुखबीर: पार्टी को क्यों है नए चेहरों की तलाश?, नए प्रधान पर सब की नजर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नए सिरे से शिअद की किलेबंदी में जुटे सुखबीर: पार्टी को क्यों है नए चेहरों की तलाश?, नए प्रधान पर सब की नजर
Fri, 24 Jan 2025 02:35 PM IST
अंकेश ठाकुर
विशाल पाठक, चंडीगढ़
विशाल पाठक, चंडीगढ़
Published by: अंकेश ठाकुर
Updated Fri, 24 Jan 2025 02:35 PM IST
सार
पंजाब के पूर्व उप मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल पार्टी के लिए नए चेहरों की तलाश कर रहे हैं। इसके पीछे की वजह कई है। शिअद की तरफ से 50 लाख लोगों को पार्टी से जोड़ने का अभियान भी शुरू किया गया है।
विज्ञापन
सुखबीर बादल
- फोटो : X @officeofssbadal
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पंजाब में 50 लाख लोगों को शिरोमणि अकाली दल के साथ जोड़ने के सदस्यता अभियान के साथ पूर्व डिप्टी सीएम सुखबीर बादल ने अब नए चेहरों की तलाश शुरू कर दी है। पूर्व प्रधान सुखबीर बादल नए चेहरों के साथ अब अकाली दल की नए सिरे से किलेबंदी में जुट गए हैं।
विज्ञापन
सियासी जानकारों की मानें तो जिस प्रकार बादल गांव पहुंचकर सुखबीर बादल ने पहली सदस्यता पर्ची लेकर अभियान को प्रदेश में शुरू किया। इस अभियान के जरिए वह समाज में एक विशेष संदेश भी देना चाहते हैं कि अकाली दल का पुनर्गठन होने जा रहा है। एक मार्च को अकाली दल का नया प्रधान चुना जाएगा। एक मार्च को अकाली दल के नए प्रधान के चेहरे के पर अब सबकी नजर टिकी हुई है।
विज्ञापन
राजनीतिक विशेषज्ञों की मानें तो जिस कदर श्री अकाल तख्त साहिब से धार्मिक सजा पूरी करने के बाद अकाली दल की वर्किंग कमेटी की बैठक में सुखबीर का इस्तीफा मंजूर किया गया है। उससे यह स्पष्ट हो गया है कि प्रधान पद पर इस बार नया चेहरा होगा। सुखबीर बादल वर्ष 2027 में होने वाले अगले विधानसभा चुनाव से पहले प्रधान की कुर्सी से दूरी बनाते हुए अकाली दल की प्रदेश में दोबारा जमीन तलाशने में जुटे नजर आएंगे।
विज्ञापन
आप सरकार पर असली वोट काटने और फर्जी वोट जोड़ने का आरोप
शिरोमणि अकाली दल (शिअद) ने वीरवार को गुरुद्वारा चुनाव के मुख्य आयुक्त से मुलाकात की। कार्यकारी अध्यक्ष बलविंदर सिंह भूंदड़, पूर्व अध्यक्ष सुखबीर बादल, वरिष्ठ नेता डॉ. दलजीत सिंह चीमा की अगुआई में प्रतिनिधिमंडल ने गुरुद्वारा चुनाव के मुख्य कमिशनर जस्टिस (सेवानिवृत्त) सुरिंदर सिंह सरों से मुलाकात की और उनसे शिरोमणि कमेटी के चुनावों के लिए मतदाताओं के पंजीकरण की प्रक्रिया को 31 मार्च तक बढ़ाने के अलावा सभी जाली वोटों को रद्द किए जाने का अनुरोध किया। सुखबीर ने मेमोरेंडम सौंपते हुए जस्टिस सरों को बताया कि आम आदमी पार्टी की सरकार ने बूथ स्तर के अधिकारियों को मतदाता सूचियों में बड़े पैमाने पर वोट दर्ज करने का निर्देश दिया था, जिस कारण हजारों गैर-सिखों को एसजीपीसी चुनावों के लिए मतदान का अधिकार दिया गया है।
नए वोट बनाने की समय सीमा बढ़ाने की अपील
उन्होंने कहा कि असली वोट काटे जा रहे हैं और जाली वोट जोड़े जा रहे हैं। सरकार एसजीपीसी का नियंत्रण किसी भी तरह से अपने हाथ में लेने की साजिश के तहत ऐसा कर रही है। बादल ने मुख्य आयुक्त से सभी मतदाता सूचियों की समीक्षा के लिए निर्देश जारी करने का आग्रह किया ताकि जाली वोटों को काटा जा सके। उन्होंने नए वोट बनाने की समय सीमा बढ़ाने की अपील की और कहा कि बड़ी संख्या में पात्र मतदाता अभी भी चुनाव प्रक्रिया से बाहर रह गए हैं। सुखबीर बादल ने हिमाचल प्रदेश का भी उदाहरण दिया जहां अभी तक मतदाता सूची नहीं बनाई गई है।
गैर सिखों को मतदाता सूची में शामिल किया जा रहा
पार्टी के वरिष्ठ नेता डॉ. दलजीत सिंह चीमा ने कहा कि अकाली दल सही मतदाताओं के पंजीकरण के हक में है, लेकिन यह निंदनीय है कि आप सरकार इस प्रक्रिया में रुकावट डाल रही है। हजारों गैर-सिखों, जिन्होंने चुनाव के लिए मतदाता के रूप में पंजीकृत होने के लिए आवेदन तक नहीं किया था, उन्हें यह अधिकार दे दिया है। उन्होंने कहा कि प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य आयुक्त को सिख रहत मर्यादा के बारे में भी बताया, जिसके तहत सिख नामों के लिए सिंह या कौर लगाना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि आयोग को मतदाता सूचियां सौंपी हैं, जिनमें मतदाताओं के नाम सिख रहत मर्यादा के अनुकूल नहीं हैं।