Punjab: मरणव्रत पर बैठने से पहले किसान नेता डल्लेवाल को पुलिस ने उठाया, रवनीत बिट्टू का मान सरकार पर आरोप
संयुक्त किसान मोर्चा (गैर राजनीतिक) के नेता जगजीत डल्लेवाल मंगलवार दोपहर से खनाैरी बाॅर्डर पर मरणव्रत शुरू करने वाले थे। इससे पहले ही देर रात पुलिस ने उन्हें डिटेन कर लिया।
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फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी और कर्ज माफी समेत कई मांगों के लिए खनौरी बॉर्डर पर आज से संयुक्त किसान मोर्चा (गैर राजनीतिक) के नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल भूख हड़ताल पर बैठने वाले थे। इससे पहले ही देर रात तीन बजे पुलिस बाॅर्डर पर पहुंची और किसानों के टेंटों के कुंडे लगा दिए। इसके बाद डल्लेवाल के टेंट की खिड़की तोड़कर जबरदस्ती उठाकर ले गए।किसान नेता काका सिंह कोटड़ा ने यह जानकारी दी।
पुलिस डल्लेवाल को सुबह लुधियाना के डीएमसी अस्पताल लेकर पहुंची है। डल्लेवाल के डीएमसी में मेडिकल टेस्ट कराए जा रहे हैं। अस्पताल में सुरक्षा कड़ी की गई है। डल्लेवाल आज से खनौरी बार्डर पर आमरण अनशन पर बैठने वाले थे, लेकिन उससे पहले ही पुलिस ने उनको हिरासत में ले लिया और डीएमसी अस्पताल में ले आई।
बिट्टू बोले-ये भगवंत मान सरकार की साजिश
वहीं डल्लेवाल को हिरासत में लेने पर केंद्रीय मंत्री रवनीत बिट्टू ने ट्वीट कर इसे भगवंत मान सरकार की साजिश बताया।
Detention of Farmer Leader dallewal ji is orchestrated by the Bhagwant Mann government. No central agency is involved in his arrest. It is purely the work of the state police, aimed at shifting the blame onto central agencies to divert attention from the real issue. The central…
विज्ञापन विज्ञापन— Ravneet Singh Bittu (@RavneetBittu) November 26, 2024
बिट्टू ने कहा कि डल्लेवाल की गिरफ्तारी में कोई केंद्रीय एजेंसी शामिल नहीं है। यह पूरी तरह से राज्य पुलिस का काम है, जिसका उद्देश्य वास्तविक मुद्दे से ध्यान हटाने के लिए केंद्रीय एजेंसियों पर दोष मढ़ना है। केंद्र सरकार हमेशा किसानों के कल्याण के लिए काम करती है और इस तरह की चाल नहीं चलती।
वहीं पटियाला रेंज के डीआईजी मनदीप सिंह सिद्धू ने कहा कि भारतीय किसान यूनियन (सिद्धूपुर) के वरिष्ठ नेता जगजीत सिंह दलेवाल ने आज से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करने की घोषणा की थी। उनके स्वास्थ्य और उम्र को देखते हुए उन्हें लुधियाना के डीएमसी अस्पताल ले जाया गया है और उनकी मेडिकल जांच की जा रही है। हमारे लिए वह एक सम्मानित व्यक्ति हैं। हमें उनके स्वास्थ्य की चिंता है, इसलिए हम उन्हें मेडिकल जांच के लिए ले गए हैं। हमने उन्हें गिरफ्तार नहीं किया है।