Kisan Andolan: अनशन तोड़ने को तैयार नहीं डल्लेवाल, गृह मंत्रालय के निदेशक ने ली मांगों की लिस्ट
Kisan Andolan: 20 दिन से लगातार आमरण अनशन पर बैठे किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल अनशन तोड़ने को तैयार नहीं हैं। रविवार को गृह मंत्रालय के निदेशक मयंक मित्रा डल्लेवाल से मिलने खनौरी बॉर्डर पहुंचे थे। वहीं पजाब के डीजीपी गौरव यादव ने भी डल्लेवाल से मुलाकात की
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हरियाणा-पंजाब की सीमा पर खनौरी और शंभू बॉर्डर पर माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है। खनौरी बॉर्डर पर पिछले 20 दिन से आमरण अनशन पर बैठे किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल अनशन तोड़ने को तैयार नहीं हैं। वहीं शंभू बॉर्डर पर किसान दिल्ली कूच की तीन बार कोशिश कर चुके हैं। लेकिन हरियाणा पुलिस उन्हें आगे बढ़ने से रोक रही है।
खनौरी बॉर्डर पर रविवार को जगजीत सिंह डल्लेवाल से मिलने के लिए पंजाब के डीजीपी गौरव यादव और गृह मंत्रालय के डायरेक्टर मयंक मिश्रा पहुंचे थे। उन्होंने डल्लेवाल से बातचीत की और उनका हाल जाना। वहीं किसानों की मांगों की सूची ली है और हम सर्वोच्च न्यायलय के आदेशों का पालन कर रहे हैं। डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान का संदेश डल्लेवाल तक पहुंचाया है। सीएम को उनकी चिंता हो रही है और डल्लेवाल का जीवन किमती है।
इधर इससे पहले किसानों ने शनिवार को तीसरी बार दिल्ली कूच की कोशिश की थी, लेकिन हरियाणा पुलिस के अवरोधकों के आगे किसानों की एक न चली। शंभू बॉर्डर पर एक बार फिर किसानों को आंसू गैस के गोले और पानी की बौछारों को झेलना पड़ा।
किसान नेता सरवण सिंह पंधेर ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे किसानों को पुलिस ने रबड़ की गोलियां मारीं गईं और घग्गर नदी का गंदा व केमिकल युक्त पानी फेंका गया। इस टकराव में 17 किसान घायल हुए हैं। इसी दौरान खन्ना से आए किसान जोद सिंह ने सल्फास निगल लिया। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी हालत स्थिर है।
ट्रैक्टर मार्च और रेल रोको आंदोलन करेंगे किसान
वहीं अब 16 दिसंबर सोमवार को किसान ट्रैक्टर मार्च निकालेंगे। 18 दिसंबर को पंजाबभर में दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक ट्रेनें रोकी जाएंगी। इसके बाद किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल की ओर से राष्ट्रपति के नाम लिखे पत्र की कॉपियां प्रशासनिक अधिकारियों को सौंपी जाएंगी।
किसानों ने बैरिकेडिंग तोड़ने की कोशिश की : हरियाणा पुलिस
हरियाणा पुलिस ने कहा कि किसानों ने रस्सी के साथ एक हुक बांधकर सीमेंट की बैरिकेडिंग के ऊपर लगे लोहे के जंगले को उखाड़ने की कोशिश की। मजबूर होकर पुलिस को कार्रवाई करनी पड़ी। किसानों को खदेड़ने के लिए उन पर आंसू गैस के गोले छोड़े गए और पानी की बौछारें मारी गईं। करीब सवा घंटे तक पुलिस व किसानों के बीच टकराव चलता रहा।
निजी वाहनों में अस्पताल पहुंचाए घायल
पुलिस की कार्रवाई में किसान कुलदीप सिंह, सुखदेव सिंह, श्मशेर सिंह, मुख्तियार सिंह खुराना, मिंहा सिंह मंगवाल, जगीर सिंह फौजी, दर्शन खोख लहरां, परमजीत सिंह हरदासपुरा, अमनप्रीत सिंह, हजारा सिंह व इंद्रजीत सिंह, राजकुमार टांडा, सुखविंदर सिंह, साधु सिंह व सुखदेव सिंह घायल हुए हैं। पंधेर ने बताया कि घायलों में कुछ की हालत ज्यादा खराब है। मौके पर एंबुलेंस की कमी होने पर प्राइवेट गाड़ियों के जरिये घायलों को अस्पताल दाखिल कराया गया।
किसानों पर छोड़े गए आंसू गैस के गोले एक्सपायरी
पंधेर ने आरोप लगाया कि किसानों पर एक्सपायरी आंसू गैस के गोले छोड़े जा रहे हैं। ऐसा इसलिए ताकि बाद में मामले की जांच बैठे तो इसका कोई रिकॉर्ड ही न हो। पंधेर ने शंभू बॉर्डर पर किसानों के मंच और घग्गर के साथ खेतों में खड़े किसानों पर भी हरियाणा पुलिस की तरफ से आंसू गैस के गोले छोड़ने के आरोप लगाए।