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श्रवण को सैल्यूट: ऑपरेशन सिंदूर... फिरोजपुर के 10 साल के श्रवण सिंह ने की जवानों की मदद, सेना ने दिया नया नाम
Wed, 28 May 2025 10:06 PM IST
अंकेश ठाकुर
संवाद न्यूज एजेंसी, ममदोट/फिरोजपुर (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, ममदोट/फिरोजपुर (पंजाब)
Published by: अंकेश ठाकुर
Updated Wed, 28 May 2025 10:06 PM IST
सार
देशभक्ति का जज्बा और सेना व सैनिकों के लिए सम्मान की भावना 10 साल के श्रवण सिंह में कूट-कूट कर भरी हुई है। यही वजह रही कि जब लोग घरों में रहते थे तो ये बच्चा जवानों की मदद के लिए उनके पास पहुंच जाता था।
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बच्चे को सम्मानित करते सैन्य अधिकारी।
- फोटो : संवाद
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विस्तार
पहलगाम आतंकी हमले का बदला लेने के लिए भारत की तरफ से चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर के दौरान हमारे सैनिक सरहदों पर दुश्मन के हर हमले का डटकर जवाब दे रहे थे। उसी दौरान पाकिस्तान की सीमा के साथ लगते फिरोजपुर के 10 साल के बच्चे ने देशभक्ति की भावना से ओतप्रोत होकर हमारे जवानों के लिए जो किया उसकी हर तरफ सराहना हो रही है। 10 साल के श्रवण सिंह ने सिविल वॉरियर बनकर जवानों की मदद की थी। आप भी बच्चे के बारे में जानकर सैल्यूट करेंगे। वहीं सेना ने बच्चे श्रवण को नया नाम भी दिया है।
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ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सेना की मदद करने वाले फिरोजपुर के 10 वर्षीय श्रवण सिंह को देश के सबसे कम उम्र के सिविल वॉरियर के रूप में सम्मानित किया गया है। फिरोजपुर के ममदोट कस्बे के सरहदी गांव तरावाली के श्रवण सिंह को जवानों की मदद करने के साथ उनके साथ समय बिताने के लिए मेजर जनरल रणजीत सिंह मनराल (जीओसी-7 इन्फेंट्री) ने सम्मानित किया।
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श्रवण ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान अपने घर से सेना के जवानों को ठंडा पानी, दूध, चाय, लस्सी और बर्फ पहुंचाई। वह रोज जवानों के पास जाकर उनकी मदद करते और उनके साथ समय बिताते। श्रवण के पिता सोहना सिंह ने बताया कि उनकी जमीन पर सेना के जवान ठहरे हुए थे। श्रवण पहले ही दिन से ही जवानों की सेवा में लग गया था। उन्होंने बेटे को कभी नहीं रोका, क्योंकि उसका देशभक्ति का जज्बा उन्हें भी गर्वित करता है।
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बड़ा होकर फौजी बनना चाहता है श्रवण
श्रवण ने कहा कि उसे जवानों के पास जाकर बहुत अच्छा लगता था। वह बड़ा होकर खुद भी फौजी बनना चाहता है और देश की सेवा करना चाहता है। सेना ने उसकी सेवा भावना को देखकर उसे उपहार भी दिया और विशेष खाना और आइसक्रीम भी खिलाई। श्रवण बहुत खुश है।
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