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ऐतिहासिक संयोग: ज्ञानी जैल सिंह के पोते स्पीकर संधवां अकाल तख्त पर पेश, बादलों के बाद दूसरी सियासी पीढ़ी
Mon, 29 Jun 2026 02:55 PM IST
Nivedita
सुशील कुमार, संवाद, सुनाम ऊधम सिंह वाला (पंजाब)
सुशील कुमार, संवाद, सुनाम ऊधम सिंह वाला (पंजाब)
Published by: Nivedita
Updated Mon, 29 Jun 2026 02:55 PM IST
सार
कुलतार सिंह संधवां, भारत के पूर्व राष्ट्रपति ज्ञानी जैल सिंह के भाई के पोते हैं। करीब 42 साल पहले (1984 में), ऑपरेशन ब्लू स्टार के समय तत्कालीन राष्ट्रपति ज्ञानी जैल सिंह को नैतिक जिम्मेदारी के तहत श्री अकाल तख्त पर तलब किया गया था।
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कुलतार सिंह संधवां श्री अकाल तख्त पर पेश
- फोटो : संवाद
विस्तार
सिखों की सर्वोच्च धार्मिक संस्था श्री अकाल तख्त साहिब पर सोमवार को एक बड़ा ऐतिहासिक संयोग दर्ज हुआ। पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवां, आम आदमी पार्टी के विधायकों और मंत्रियों के साथ श्री अकाल तख्त सचिवालय में पेश हुए। सिख इतिहास में 'बादल परिवार' के बाद यह दूसरा ऐसा मौका है, जब एक ही परिवार के दो सदस्य अलग-अलग समय पर वहां पेश हुए हों।
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42 साल बाद पोते की पेशी
कुलतार सिंह संधवां, भारत के पूर्व राष्ट्रपति ज्ञानी जैल सिंह के भाई के पोते हैं। करीब 42 साल पहले (1984 में), ऑपरेशन ब्लू स्टार के समय तत्कालीन राष्ट्रपति ज्ञानी जैल सिंह को नैतिक जिम्मेदारी के तहत श्री अकाल तख्त पर तलब किया गया था। आज उनके भाई के पोते कुलतार सिंह संधवां अकाल तख्त पर पेश हुए। संधवां अकाल तख्त साहिब द्वारा तलब किए जाने वाले पंजाब विधानसभा के पहले स्पीकर भी बन गए हैं।
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