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प्रेमी जोड़े की याचिका खारिज: HC ने कहा-सहमति संबंध में अगर कोई नाबालिग, तो नहीं दे सकते रिश्ते को मान्यता

Thu, 03 Apr 2025 08:56 AM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Thu, 03 Apr 2025 08:56 AM IST
सार

याची पक्ष लिव इन में रह रहे हैं। उनके अनुसार परिवार की सहमति से उनकी सगाई हो चुकी है लेकिन लड़की के पिता अब रिश्ता तोड़ चुके हैं। 

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Highcourt says someone in consensual relationship is minor, then relationship cannot be recognized
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

 पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने सहमति संबंध में रह रहे प्रेमी जोड़े की सुरक्षा की मांग की याचिका को लड़की के नाबालिग होने के चलते खारिज कर दिया।
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हाईकोर्ट ने साफ किया कि लड़की की उम्र केवल 17 साल 7 माह है। अदालत इस रिश्ते को मान्यता नहीं दे सकती। नाबालिग की भलाई और सुरक्षा सर्वोपरि होनी चाहिए।

हाईकोर्ट ने कहा कि ऐसे मामलों में सुरक्षा प्रदान करना न केवल कानून के खिलाफ होगा बल्कि यह नाबालिगों को शोषण और नैतिक संकट से बचाने के लिए बनाए गए बनाए कानूनी ढांचे के विपरीत भी होगा। हाईकोर्ट ने कहा कि कानून ने नाबालिगों की स्वतंत्रता को सीमित किया है, क्योंकि वे कम उम्र और अपरिपक्वता के कारण प्रभाव में आकर गलत फैसले ले सकते हैं।

याची पक्ष ने अदालत को बताया था कि वे एक-दूसरे को लंबे समय से जानते हैं और वर्तमान में लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पहले उनकी सगाई परिवार की सहमति से हुई थी, लेकिन बाद में लड़की के पिता ने रिश्ता तोड़ दिया, क्योंकि वे उसे एक ऐसे व्यक्ति से शादी कराना चाहते थे, जो उम्र में बड़ा था और शादी के बाद उसे विदेश ले जाने का वादा कर रहा था। 
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हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि अदालत को इस मामले में अत्यधिक सतर्कता बरतनी होगी ताकि उसका फैसला अप्रत्यक्ष रूप से भी कानून का उल्लंघन न करे। हाईकोर्ट ने कहा कि चूंकि याचिकाकर्ता लड़की नाबालिग है, इसलिए इस याचिका में मांगी गई राहत प्रदान नहीं की जा सकती। हालांकि, अदालत ने तरनतारन के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को कानून के अनुसार आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया।
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